बेतिया | छत्तीसगढ़ के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड को लेकर आज बेतिया के पत्रकारों ने मौन जुलूस निकालकर अपना विरोध जताया. जिले के युवा पत्रकार आदित्य कुमार दुबे के नेतृत्व में वरिष्ठ समाजसेवी विद्यानंद शुक्ला, वरिष्ठ फोटो पत्रकार सुजय प्रकाश पांडे एवं युवा पत्रकार धर्मेंद्र तिवारी ने बेतिया के कलेक्ट्रेट चौक से तीन लालटेन चौक लाल बाजार होते हुए शहीद स्मारक तक मौन पदयात्रा निकालकर आक्रोश व्यक्त किया।
इसे लेकर शहीद स्मारक बेतिया में एक छोटी सी श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया, जहां पत्रकार मुकेश चंद्राकर को 2 मिनट का मौन धारण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
युवा पत्रकार आदित्य कुमार दुबे ने केंद्र में मोदी सरकार और विपक्ष में बैठे हुए राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा पर जमकर हमला बोला। आदित्य कुमार दुबे ने कहा कि देश में कहीं बलात्कार होता है, तो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी उस राज्य में राजनीति करने के लिए जाते हैं, लेकिन पत्रकार की हत्या होती है तो वह उसको लेकर उस राज्य में उस सरकार की कभी घेराबंदी नहीं करते हैं।
पत्रकार आदित्य कुमार दुबे ने आगे कहा कि पत्रकार 32 दांत तले एक जीभ की तरह है। पूरे देश में पत्रकारों की गिरफ्तारी, उनके ऊपर हमले मोदी के राज में लगातार बढ़ते जा रहा है। छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार है और वहां पर पत्रकारों की हत्या होना बीजेपी की नीतियों पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। वहीं उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से 6 मांगें रखी है :-
- हत्यारे को फांसी दो।
- मुकेश चंद्राकर पत्रकार को शहीद घोषित करो।
- पत्रकार के परिवार को एक करोड़ रूपया दो।
- देश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो।
- पत्रकार के परिवार के लोगों को सरकारी नौकरी दो।
- देश में पत्रकारों की गिरफ्तारी बंद करो।
अयोध्या के पत्रकारों ने मुकेश चंद्राकर को अर्पित की श्रद्धांजलि

अयोध्या | छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या से देश भर के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त है। इसी कड़ी में अयोध्या के पत्रकारों के द्वारा तिकोनिया पार्क सदर तहसील पर पत्रकार मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि देते हुए और 2 मिनट का मौन धारण कर उनके आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार कुशल मिश्रा ने मुकेश के हत्यारे को फांसी देने की मांग करते हुए कहा कि युवा पत्रकार साथी मुकेश चंद्राकर की हत्या हमारे पत्रकार जगत के लिए झकझोर देने वाली बेहद दुखद घटना है, पत्रकार समीर शाही ने कहा पत्रकारिता हमेशा से चुनौतियों से भरी रही है। लेकिन इस घटना ने बता दिया है कि एक भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत अपनी जान देकर चुकानी होती है।
पत्रकार सुबोध श्रीवास्तव ने कहा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से देश भर के पत्रकारों में गहरी पीड़ा और आक्रोश है। पत्रकार राजेंद्र दुबे ने कहा की हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा दी जाए।
पत्रकारों ने एक सुर में कहा मुकेश के परिजनों को मुआवजा दिया जाए और सरकार से मांग की है की इस हत्याकांड की एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए और हत्यारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई जाए। इस दौरान दर्जनों पत्रकार साथी मौजूद रहे।



