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मुंबई में पत्रकारों की बैठक में मजीठिया वेज बोर्ड का मुद्दा रहा गायब

मुंबई में हिन्दी के सभी वरिष्ठ और युवा पत्रकार अगर एक जगह किसी बैठक में उपस्थित हों तो जाहिर सी बात है कि चर्चा तमाम मुद्दों के साथ-साथ पत्रकारों की दिशा और दशा सुधारने के लिये अहम माने जाने वाले मजीठिया वेतन आयोग पर भी होनी चाहिये। मगर ऐसा नहीं हुआ। एक बेहतर आयोजन में मजीठिया पर चर्चा न किया जाना कई पत्रकारों को खल गया। मुंबई हिन्दी पत्रकार संघ द्वारा २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के मिडिया सलाहकार नियुक्त रविकिरण देशमुख का सम्मान समारोह रखा गया था। इसमें सभी वरिष्ठ पत्रकार और महराष्ट्र की मंत्री तथा पूर्व मंत्री उपस्थित थे। इस समारोह की तारीफ की जानी चाहिये।

मुंबई में हिन्दी के सभी वरिष्ठ और युवा पत्रकार अगर एक जगह किसी बैठक में उपस्थित हों तो जाहिर सी बात है कि चर्चा तमाम मुद्दों के साथ-साथ पत्रकारों की दिशा और दशा सुधारने के लिये अहम माने जाने वाले मजीठिया वेतन आयोग पर भी होनी चाहिये। मगर ऐसा नहीं हुआ। एक बेहतर आयोजन में मजीठिया पर चर्चा न किया जाना कई पत्रकारों को खल गया। मुंबई हिन्दी पत्रकार संघ द्वारा २६ जनवरी को गणतंत्र दिवस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के मिडिया सलाहकार नियुक्त रविकिरण देशमुख का सम्मान समारोह रखा गया था। इसमें सभी वरिष्ठ पत्रकार और महराष्ट्र की मंत्री तथा पूर्व मंत्री उपस्थित थे। इस समारोह की तारीफ की जानी चाहिये।

समारोह में मजीठिया वेज बोर्ड पर चर्चा न किए जाने की कमी खली। समारोह में मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में मजिठिया की लड़ाई लड़ रहे निर्भीक पत्रकार शशिकांत सिंह भी मौजूद थे मगर उन्हें भी मंच पर आमंत्रित नहीं किया गया। शायद इसलिए ताकि मजीठिया वेज बोर्ड की बात पर चर्चा ना शुरू हो जाए और इससे कुछ वरिष्ठ पत्रकारों के मुंह का जायका ना बिगड़ जाये। इस समारोह में हिन्दी भवन बनाने के कार्य पर बल दिया गया। अब सभी के लिए मजीठिया से भी जरूरी हिन्दी भवन हो गया है। समारोह में वर्तमान और पूर्व राज्य सरकारों के नुमाइन्दे भी मौजूद थे। साथ ही सरकार के मुखिया को पत्रकारों की दशा और दिशा बताने वाले सलाहकार भी मौजूद थे। फिर भी मजीठिया वेज बोर्ड के बारे में किसी ने कोई चर्चा नहीं की। इस समारोह में मजीठिया का मुद्दा गायब रहने से यह सवाल उठता है कि क्या मुंबई के तमाम पत्रकारों को मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन तथा सुविधायें नहीं चाहिये? आखिरकार इस मुद्दे पर चुप्पी क्यों?

इस मुद्दे के लिए इतने बेहतर मौके को खो देना कचोटने वाला है। ऐसे आयोजन होने चाहिये क्योंकि इसी बहाने सभी पत्रकार एक जगह एकत्र होते हैं मगर इस बेहतर मौके पर कुछ मिनट मजीठिया के लिये भी निकाला जाना चाहिए और उस पर चर्चा की जानी चाहिए। इस समारोह में कहा गया मुंबई विश्वविद्यालय में बनने वाले हिंदी भवन का कार्य सरकार बदलते ही रुक गया। कांग्रेस-राकांपा सरकार के दौरान इसके लिए भूमिपूजन किया गया था। राज्यमंत्री विद्या ठाकुर के सामने हिंदीभाषी समाज के लोगों ने मांग की कि हिंदी भवन बनाने का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए। इस पर उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस बारे में वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवनीस से चर्चा करेंगी। समारोह में मुंबई के मीडिया सलाहकार वरिष्ठ पत्रकार रवीकिरण देशमुख का सम्मान किया गया।

इस समारोह की तस्वीर व अन्य डिटेल के लिए इसे भी पढ़ें…

मुंबई में वरिष्ठ पत्रकार रवि किरण देशमुख का सम्मान

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