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एनडीटीवी को 80.25 करोड़ घाटे के साथ संजय पुगलिया का कार्यकाल 3 साल और बढ़ा!

न्यूज़ ब्रॉडकास्टर एनडीटीवी (NDTV) को चालू वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर 2025) में 80.25 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस हुआ है। यह घाटा पिछले साल की समान तिमाही के 55.48 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि इस दौरान कंपनी की ऑपरेशनल आय में 13.31 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 तिमाही में एनडीटीवी का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 150.41 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 132.77 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी की कुल कंसॉलिडेटेड इनकम 13.46 प्रतिशत बढ़कर 152.22 करोड़ रुपये पहुंच गई।

खर्च तेजी से बढ़े, इसलिए बढ़ा घाटा

कंपनी का कहना है कि घाटा बढ़ने की मुख्य वजह यह रही कि खर्चों में बढ़ोतरी रेवेन्यू से कहीं ज्यादा तेज रही। Q3 FY26 में एनडीटीवी के कुल कंसॉलिडेटेड खर्च 20.9 प्रतिशत बढ़कर 226.98 करोड़ रुपये हो गए।

खर्चों में बढ़ोतरी लगभग सभी मदों में देखने को मिली, जिसमें प्रोडक्शन और सर्विस कॉस्ट, कर्मचारियों पर खर्च, फाइनेंस कॉस्ट, मार्केटिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और प्रमोशनल खर्च शामिल हैं।

स्टैंडअलोन लेवल पर भी भारी नुकसान

स्टैंडअलोन आधार पर भी एनडीटीवी की स्थिति बेहतर नहीं रही। कंपनी को तिमाही में 80.07 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि ऑपरेशनल रेवेन्यू 97.88 करोड़ रुपये रहा। इससे साफ है कि पैरेंट कंपनी स्तर पर भी घाटा भारी बना हुआ है।

नौ महीनों में 224 करोड़ से ज्यादा का नुकसान

अगर पूरे नौ महीनों (अप्रैल–दिसंबर 2025) की बात करें तो एनडीटीवी को 224.59 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नुकसान हुआ है। पिछले साल इसी अवधि में यह घाटा 156.04 करोड़ रुपये था। वहीं इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू 380.33 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 337.98 करोड़ रुपये था।

मर्जर का असर और फाइनेंशियल री-स्टेटमेंट

एनडीटीवी ने बताया कि इस तिमाही के नतीजों में चार ग्रुप कंपनियों के मर्जर का असर भी शामिल है। NDTV Networks, NDTV Worldwide, NDTV Media और NDTV Labs का एनडीटीवी लिमिटेड में विलय 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ है।

कंपनी ने Ind AS 103 के तहत तुलनात्मक आंकड़ों को दोबारा पेश (restated) किया है, ताकि मर्जर के बाद के नतीजों की सही तुलना हो सके।

राइट्स इश्यू से जुटाए 396 करोड़ रुपये

दिसंबर तिमाही के दौरान एनडीटीवी ने 4.83 करोड़ शेयरों का राइट्स इश्यू भी पूरा किया, जिसमें 82 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 396.49 करोड़ रुपये जुटाए गए। कंपनी के मुताबिक, इस रकम का इस्तेमाल बिज़नेस विस्तार, ब्रांड बिल्डिंग, कर्ज घटाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जा रहा है।

कुल मिलाकर, एनडीटीवी के लिए यह तिमाही रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद बढ़ते घाटे की तस्वीर पेश करती है, जो अडानी समूह के अधिग्रहण के बाद चल रहे विस्तार और पुनर्गठन की लागत को भी दर्शाती है।


न्यूज़ ब्रॉडकास्टर एनडीटीवी (NDTV) के बोर्ड ने वरिष्ठ पत्रकार और मीडिया एग्जीक्यूटिव संजय पुगलिया को एक बार फिर Whole-Time Director के पद पर पुनर्नियुक्त करने को मंज़ूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2029 तक होगा, हालांकि यह नियुक्ति कंपनी की आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन रहेगी।

यह फैसला 28 जनवरी 2026 को हुई एनडीटीवी बोर्ड मीटिंग में लिया गया, जिसकी जानकारी कंपनी ने शेयर बाज़ार को दी गई अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में दी है।

2023 से एनडीटीवी के बोर्ड में हैं पुगलिया

संजय पुगलिया को इससे पहले 1 अप्रैल 2023 से एनडीटीवी में Whole-Time Director नियुक्त किया गया था। यह नियुक्ति अडानी समूह द्वारा एनडीटीवी के अधिग्रहण के बाद हुए बोर्ड ओवरहॉल का हिस्सा थी। उसी दौरान सेंटिल सिन्नैया चेंगलवरायन को भी बोर्ड में शामिल किया गया था।

एनडीटीवी की फाइलिंग के मुताबिक, संजय पुगलिया टीवी, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखते हैं। उन्हें एक राजनीतिक और बिज़नेस पत्रकार के तौर पर पहचाना जाता है, जिन्होंने कई बड़े मीडिया उपक्रमों का नेतृत्व किया है।

पुगलिया करीब 12 साल तक CNBC Awaaz के प्रमुख रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने Star News, Zee News और Aaj Tak जैसे चैनलों में भी अहम भूमिकाएं निभाई हैं। प्रिंट मीडिया में वे Business Standard और Navbharat Times से भी जुड़े रह चुके हैं।

BBC और ऑस्ट्रेलिया नेटवर्क का भी अनुभव

एनडीटीवी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 1990 के दशक में पुगलिया BBC Hindi Radio के लिए भी योगदानकर्ता रहे हैं। वहीं, साल 2000-01 में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के Nine Network की भारत जॉइंट वेंचर में प्रेसिडेंट के तौर पर स्ट्रैटेजिक प्लानिंग और फिल्म बिज़नेस संभाला था।

एनडीटीवी से पहले वे Quint Digital Media Ltd में President और Editorial Director के पद पर कार्यरत थे।

एनडीटीवी में कॉरपोरेट स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव

इसी बोर्ड मीटिंग में एनडीटीवी ने यह भी बताया कि ग्रुप की चार कंपनियों का लिस्टेड कंपनी में विलय 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो चुका है, और कंपनी ने अक्टूबर 2025 में राइट्स इश्यू भी पूरा किया है।

संजय पुगलिया की पुनर्नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब अडानी समूह के अधिग्रहण के बाद एनडीटीवी अपने कॉरपोरेट और ऑपरेशनल स्ट्रक्चर को नए सिरे से ढाल रहा है और डिजिटल-टीवी दोनों प्लेटफॉर्म पर अपनी रणनीति मजबूत करने की कोशिश में है।

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