ख़ुशदीप सहगल-
13 दिसंबर 2023 को संसद भवन के बाहर स्मोक कैनिस्टर से धुआं छोड़ने वाली नीलम आज़ाद को पहले भी किसान आंदोलन और महिला पहलवानों के प्रदर्शन के दौरान सक्रिय देखा जा चुका है…

नीलम को जब लातूर, महाराष्ट्र निवासी 25 साल के अमोल शिंदे के साथ हिरासत में लिया गया तो वो ‘तानाशाही बंद करो, वंदे मातरम, भारत माता की जय, जय भीम जय भारत और महिलाओं पर अत्याचार बंद करो’ जैसे नारे लगा रही थी….
मूल रूप से हरियाणा के जींद ज़िले के घसो खुर्द गांव से ताल्लुक रखने वाली नीलम की उम्र 42 साल बताई जा रही है…वो BA, MA, B.Ed, M.Ed, CTET, M.Phil, NET क्वालीफाइड है….नीलम की मां का कहना है कि नौकरी न मिलने वजह से वो परेशान थी और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाती रही है…
नीलम के पिता उचाना में मिठाई की दुकान चलाते हैं… नीलम इन दिनों हिसार के रेड स्क्वायर में पीजी में रह कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है…हरियाणा खाप के नेताओं ने नीलम को रिहा करने की मांग की है…13 दिसंबर को उन्होंने जींद में नीलम के घर जाकर समर्थन भी जताया…
खाप नेता आज़ाद पलवा ने कहा है कि नीलम को रिहा नहीं किया गया तो 14 दिसंबर को खाप पंचायत बुला कर आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा…पलवा ने कहा कि हम नीलम और उसके परिवार के साथ हैं, हमारी बेटी ने इतिहास में अपना नाम लिखवा लिया…
खेडा खाप नेता राम मेहर ने कहा कि नीलम पढ़ी लिखी और बुद्धिमान लड़की है, उसने किसानों के ख़िलाफ़ काले क़ानूनों को लेकर भी जमकर आवाज़ उठाई थी…
नीलम और अमोल के अलावा संसद के सदन में दर्शक दीर्घा से कूदने वाले मनोरंजन (मैसूर निवासी) और सागर शर्मा (लखनऊ निवासी) को भी दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है…न्यूज़ 24 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि सभी आरोपी भगत सिंह और अंबेडकर फैन क्लब से जुड़े हैं… सभी एक-दूसरे को करीब 2 साल से जानते हैं…इन्होंने गुरुग्राम के एक फ्लैट में मिलकर इसकी योजना बनाई…
नीलम या उसके साथियों ने जो कुछ किया वो क़ानूनसम्मत नहीं है और इसे किसी सूरत में ज़ायज नहीं ठहराया जा सकता…ये संसद की सुरक्षा से खिलवाड़ है और इस मामले में क़ानून अपना काम करेगा…
लेकिन इस पूरे प्रकरण ने बेरोज़गारी से त्रस्त उच्च शिक्षित युवाओं की बदहाली को ज़रूर सामने ला दिया है…


