Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

बिहार

नीतीश कुमार का सम्राट जरासंघ स्मारक!

रमा शंकर सिंह-

श्री कृष्ण के नाम पर तो वोट लिये ही जायेंगे और जरासंध के नाम पर भी जब कि जरासंध वध श्रीकृष्ण के आदेश पर ही हुआ था!

पश्चिमी यूपी में श्री कृष्ण चलेंगे और बिहार में जरासंध। ये हुई कुछ बात!

जरासंध 2025 के बिहार चुनाव में और श्रीकृष्ण 2027 के यूपी चुनाव में उपयोग किये जायेंगे। दोनों धुर विरोधी विचार आचरण के व्यक्ति लेकिन एक-एक कर दोनों को दुहा जायेगा चुनाव में।

ये जरूर बताया जाये कि सम्राट जरासंध का साम्राज्य कहां से कहां तक था? साम्राज्य काकुल क्षेत्रफल कितना था? उस कालखंड में भारत में कितने साम्राज्य थे? जरासंध का साम्राज्य किसने विनष्ट किया? फिर उसे तो बिहार का राज्यशत्रु घोषित करेंगें या उसकी भी एक मूर्ति लगेगी और 21 फ़ीट से ज़्यादा ऊँची?

अब जरासंध की महाभारतकालीन पौराणिक कथा को कैसे बदलेंगें?

कुछ नहीं खर्च होता गप्प गढ़ने में महारत जो है और मीडिया उपलब्ध है फैलाने के लिये ।

कहीं न कहीं से कोई सूत्र जोड़ लिया जायेगा।

जनता के भूलने के लिये डेढ़ दो साल का समय बहुत है।

बिहार की बात चल रही है तो अनिवार्यत: बताया जाये कि जरासंध किस जाति के थे?

जेपी या लोहिया ने कभी जरासंध की चर्चा नहीं की। सुना तो भारतरत्न कर्पूरी ठाकुर के मुखारविंद से भी कभी नहीं था तो क्या कुर्मी रहे होंगें? या किसी अन्य जाति के?

बिहार में ही राष्ट्रकवि दिनकर जी पूरी तरह भूमिहारों के हो चुके हैं।

श्रीकृष्ण पर पेटेंट यादवों का है ही।

सम्राट अशोक तक को नहीं छोड़ा जातिवाद ने।

जेपी कायस्थवाद के शिकार हो चुके हैं।

डा० लोहिया कहीं वोट दिलवाने लायक़ किसी जाति के नहीं थे, इसीलिये भुलाये भी गये!

भारत रत्न कर्पूरी जी सविता समाज के हैं आदि-आदि!

कमाल तो महामहिम वोटर का है जो वोट देने पर उतारू ही रहता है चाहे जिस नाम पर जिसको भी देना पड़ जाये!

विशेष निवेदन मीडिया से है कि कैमरा लगातार नीतीश के चेहरे पर लगाये रखें तो हास्यास्पद मुखमुद्रा देख -देख कर कुछ तो बीच-बीच में ठहाके लगाने का अवसर मिलता रहे।

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन