जयपुर। पत्रकारों के लिए सम्मानजनक आवास व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग को लेकर भारतीय प्रेस पत्रकार संघ के अध्यक्ष अभय जोशी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शहरी विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य के सभी सक्रिय पत्रकारों को राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के माध्यम से शीघ्र आवास उपलब्ध कराने और नई आवासीय योजना में प्रत्येक पत्रकार को शामिल करने की मांग की गई।

ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और सरकार के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। कठिन परिस्थितियों में भी पत्रकार निष्पक्षता और साहस के साथ जनहित के मुद्दों को शासन और समाज तक पहुंचाते हैं। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा पत्रकारों को आवास उपलब्ध कराने की घोषणा से प्रदेश भर के पत्रकारों में आशा और विश्वास का माहौल बना है। अब इस घोषणा को प्रभावी और व्यापक रूप से लागू करना आवश्यक है।
संघ की ओर से सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। अभय जोशी ने. शहरी विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा को कहा की आवास योजना इस प्रकार लागू की जाए कि कोई भी सक्रिय पत्रकार इससे वंचित न रहे और सभी पत्रकारों को इसमें शामिल किया जाए। पत्रकारों को दिए जाने वाले फ्लैट या प्लॉट की कीमत आरक्षित दर की केवल 20 प्रतिशत रखी जाए, ताकि सीमित आय वाले पत्रकार भी आसानी से आवास प्राप्त कर सकें।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि पत्रकारों को आवास के लिए बिना किसी कठोर शर्त के 25 वर्ष की अवधि का विशेष ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पत्रकारों के अनुभव प्रमाण के लिए उनके स्वयं के हस्ताक्षरित शपथ पत्र (अफिडेविट) को मान्य किया जाए, ताकि प्रक्रिया सरल और विवादमुक्त रहे।
संघ ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी लॉटरी प्रणाली से कराने की मांग भी उठाई, जिससे किसी प्रकार का विवाद या न्यायालयीन मामला उत्पन्न न हो। पात्रता निर्धारण में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सूची के साथ सक्रिय पत्रकारों के स्वयं के शपथ पत्र को भी मान्यता देने का सुझाव दिया गया।
इसके अतिरिक्त योजना के संचालन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पत्रकारों, पत्रकार संगठनों और प्रेस क्लब के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए संयुक्त समन्वय समिति गठित करने की मांग भी रखी गई।
भारतीय प्रेस पत्रकार संघ के अध्यक्ष अभय जोशी ने कहा कि यदि मंत्री के नेतृत्व में यह योजना शीघ्र लागू होती है तो यह पत्रकार कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय होगा और प्रदेश के हजारों पत्रकारों को सम्मानपूर्वक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।


