गोरखपुर और सिद्धार्थनगर से जुड़ा एक विवादित मामला अब पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया है. आरोप है कि नेपाल के भैरहवां स्थित एक रिजॉर्ट में हुए लेनदेन के विवाद के बाद गोरखपुर स्थित एक अखबार राष्ट्रीय सहारा के उच्चाधिकारी पीयूष बंका द्वारा पीड़ित पर दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दिलाई जा रही हैं. इस संबंध में पीड़ित ने सिद्धार्थनगर जिले के बांसी कोतवाली में तहरीर देने के साथ ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है.
पीड़ित ओम प्रकाश मिश्र पुत्र गोपाल जी मिश्र निवासी ग्राम सेहरी घाट, पोस्ट बनगवां, थाना पथरा बाजार हाल मुकाम प्रताप नगर बांसी सिद्धार्थनगर ने अपने शिकायती पत्र में बताया है कि 9 और 10 मार्च 2026 की रात नेपाल के भैरहवां स्थित टाइगर पैलेस रिजॉर्ट में राहुल कांधारी निवासी आगरा और साजिया नाम की महिला ने होटल बारहसिंगा लियो क्लब एंड बार में उनसे 4,70,000 रुपये नकद लिए. इसके बदले उन्होंने अपनी चार पहिया गाड़ी संख्या यूपी80एचएक्स8889 यह कहते हुए गिरवी रखी कि भारत पहुंचकर पैसा लौटाकर गाड़ी वापस ले लेंगे. पीड़ित के अनुसार इस लेनदेन का वीडियो भी बनाया गया था और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में भी यह रिकॉर्ड है.
शिकायत में कहा गया है कि भारत पहुंचने के बाद साजिया और उसका साथी राहुल पैसा वापस करने के बजाय विभिन्न लोगों के माध्यम से धमकी दिलवा रहे हैं. पीड़ित का आरोप है कि उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने और जानमाल की हानि पहुंचाने की धमकी भी दी जा रही है. इन धमकियों में गोरखपुर निवासी राष्ट्रीय सहारा अखबार के प्रबंधकीय पद पर तैनात अधिकारी पीयूष बंका का नाम भी सामने आया है, जिन्होंने कथित तौर पर अपने प्रभाव और उच्च अधिकारियों से संबंध का हवाला देते हुए मामला निपटाने की बात कही.
पीड़ित ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि वह शर्त के मुताबिक पैसा मिलते ही गाड़ी वापस करने के लिए तैयार है, लेकिन दूसरी ओर से न तो पैसा लौटाया जा रहा है और न ही विवाद खत्म करने की कोशिश की जा रही है. पीड़ित ने प्रशासन से दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
सूत्रों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम नेपाल के भैरहवां स्थित टाइगर और लियो रिजॉर्ट से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां कथित तौर पर जुआ खेलने के दौरान एक व्यापारी बड़ी रकम हार गया था और बाद में लेनदेन के बदले गाड़ी गिरवी रखने की नौबत आई. इसी विवाद के बाद गाड़ी छुड़वाने और पैसे की वापसी को लेकर दबाव और पैरवी का सिलसिला शुरू हुआ.
बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में गोरखपुर से जुड़े राष्ट्रीय सहारा मीडिया संस्थान के प्रबंधक पीयूष बंका की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संबंधित अधिकारी ने गाड़ी छुड़वाने का जिम्मा लेते हुए अपने संपर्कों के जरिये दबाव बनवाना शुरू किया.
फिलहाल बांसी कोतवाली में इस मामले में तहरीर दी जा चुकी है और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस द्वारा जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी.
देखें ये वीडियो-
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