Connect with us

Hi, what are you looking for?

वेब-सिनेमा

‘पीके’ डाउनलोड कर देखने पर सीएम अखिलेश यादव के कार्यालय ने दी सफाई

लखनऊ : आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘पीके’ को कम्प्यूटर पर ‘डाउनलोड’ करके देखे जाने को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यालय ने आज इस पर सफाई देते हुए अपने कदम को जायज ठहराया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले में ट्विटर पर आधिकारिक बयान पोस्ट किया है, जिसमें कहा गया है कि अखिलेश ने फिल्में डाउनलोड करके देखने की सेवा देने वाले ‘क्लब एक्स मीडिया सर्वर’ की सदस्यता ले रखी है और उन्होंने लाइसेंस लेकर इस सेवा का उपयोग कर ‘पीके’ फिल्म देखी है। ऐसे में उन पर फिल्म के ‘पाइरेटेड’ स्वरूप को देखने के लगाये जा रहे इल्जाम निराधार हैं।

<p>लखनऊ : आमिर खान अभिनीत फिल्म 'पीके' को कम्प्यूटर पर 'डाउनलोड' करके देखे जाने को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यालय ने आज इस पर सफाई देते हुए अपने कदम को जायज ठहराया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले में ट्विटर पर आधिकारिक बयान पोस्ट किया है, जिसमें कहा गया है कि अखिलेश ने फिल्में डाउनलोड करके देखने की सेवा देने वाले 'क्लब एक्स मीडिया सर्वर' की सदस्यता ले रखी है और उन्होंने लाइसेंस लेकर इस सेवा का उपयोग कर 'पीके' फिल्म देखी है। ऐसे में उन पर फिल्म के 'पाइरेटेड' स्वरूप को देखने के लगाये जा रहे इल्जाम निराधार हैं।</p>

लखनऊ : आमिर खान अभिनीत फिल्म ‘पीके’ को कम्प्यूटर पर ‘डाउनलोड’ करके देखे जाने को लेकर उठे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यालय ने आज इस पर सफाई देते हुए अपने कदम को जायज ठहराया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले में ट्विटर पर आधिकारिक बयान पोस्ट किया है, जिसमें कहा गया है कि अखिलेश ने फिल्में डाउनलोड करके देखने की सेवा देने वाले ‘क्लब एक्स मीडिया सर्वर’ की सदस्यता ले रखी है और उन्होंने लाइसेंस लेकर इस सेवा का उपयोग कर ‘पीके’ फिल्म देखी है। ऐसे में उन पर फिल्म के ‘पाइरेटेड’ स्वरूप को देखने के लगाये जा रहे इल्जाम निराधार हैं।

बयान में कहा गया है ‘क्लब एक्स सेवा उसके सदस्यों के लाइसेंसधारी कक्षों में फिल्म की निजी स्क्रीनिंग का अधिकार देती है। इस पर भारत के सिनेमाघरों में रिलीज होने की तारीख से किसी फिल्म को देखा जा सकता है। क्लब एक्स मीडिया सर्वर को कैप्टिव सेटेलाइट के जरिए फिल्में हासिल होती हैं। हर बार फिल्म को चलाने के लिए लाइसेंस की जरूरत होती है और यह लाइसेंस फिल्म सामग्री के मालिक से स्वीकृति प्राप्त होने पर निर्भर करता है।’ बयान के मुताबिक ‘यह सामग्री उपलब्धकर्ताओं से मिलने वाली सभी जरूरी स्वीकृतियों से युक्त वाणिज्यिक सेवा है। इस फिल्म (पीके) का प्रदर्शन भी लाइसेंस लेकर किया गया था और इंटरनेट पर फिल्म डाउनलोड करके उसका अनाधिकृत ढंग से इस्तेमाल किए जाने के आरोप निराधार हैं।’

Advertisement. Scroll to continue reading.
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisement

भड़ास को मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप ग्रुप से जुड़ें- Bhadasi_Group_one

Advertisement

Latest 100 भड़ास

व्हाट्सअप पर भड़ास चैनल से जुड़ें : Bhadas_Channel

वाट्सअप के भड़ासी ग्रुप के सदस्य बनें- Bhadasi_Group

भड़ास की ताकत बनें, ऐसे करें भला- Donate

Advertisement