शिवसेना सांसद ही शिवसेना संस्थापक पर फिल्म लिखेगा तो निष्पक्षता की उम्मीद क्यों रखें!

Nitin Thakur : शिवसेना का सांसद ही शिवसेना के संस्थापक पर फिल्म लिखेगा तो उससे आप कितना निष्पक्ष रहने की उम्मीद करेंगे? तो बस, संजय राउत ने बाल ठाकरे के नाम पर जो एक ‘पृथ्वीराज रासो’ रच दिया है उसी का नाम फिल्म ‘ठाकरे’ है, मगर फिल्म बनानेवालों से एक गफलत हो गई। पूरी फिल्म …

‘एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म कैसी लगी वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल को, पढ़ें

आज सुबह एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर देखी। राजनीति की बात न करूँ तो भी कुछ मुद्दे इस फ़िल्म के बेहद गंभीर हैं। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

यूनियन वालों ने बकाया पैसा ना देने पर कंगना राणावत की फिल्म की शूटिंग रुकवा दी

मजदूरों, टेक्नीशियनों और एक्यूपमेंट वालों का बकाया पैसा ना देने पर फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लाईज और मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने अभिनेत्री से निर्माता बनीं कंगना राणावत की फिल्म ‘मणिकर्णिका द क्वीन आफ झांसी’ की फिल्म सिटी में चल रही शूटिंग रोक दिया। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद …

‘पिहू’ : यूट्यूब पर 35 लाख व्यूज, गूगल पर ट्रेंड, इंडियन एक्सप्रेस ने पैरेंट्स को चेताया, बिगबी भी बोल पड़े….

वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी द्वारा दो साल की बच्ची पर बनाई गई फिल्म ‘पिहू’ अगले महीने की 16 तारीख को रिलीज हो रही है. लेकिन फिल्म के ट्रेलर ने हर ओर धूम बचा दिया है. इसे दस घंटे में वन मिलियन लोगों ने देखा. ताजी स्थिति ये है कि 4 मिलियन व्यूज की ओर ये …

एक पत्रकार द्वारा एक पत्रकार की दो साल की बिटिया पर बनाई गई फिल्म 16 नवंबर से रचेगी इतिहास, देखें ट्रेलर

Ajit Anjum : विनोद कापड़ी की फिल्म पीहू के ट्रेलर को दस घंटे में 18 लाख से ज्यादा लोग यूट्यूब पर देख चुके हैं. फेसबुक और ट्विटर मिलाकर पैंतीस लाख बार देखा जा चुका है . ट्रेलर देखने वाले लोग शाक्ड हैं. हैरान हैं. उत्सुक हैं. सबकी दिलचस्पी इस बात में है कि दो साल …

वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी की फिल्म ‘पीहू’ 28 सितंबर को होगी रिलीज, पहला आफिसियल पोस्टर जारी

वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी की फिल्म ‘पीहू’ 28 सितंबर को रिलीज हो रही है. इस फिल्म का पहला आफिसियल पोस्टर रिलीज कर दिया गया है. पत्रकार से फिल्मकार बने विनोद कापड़ी ने ये पोस्टर सोशल मीडिया पर जारी किया जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं. पीहू फिल्म रिलीज से पहले ही काफी चर्चा बटोर …

छह अप्रैल को रिलीज हो रही ‘सूबेदार जोगिंदर सिंह’ एक बहादुर सिपाही की गाथा है

परमवीर चक्र विजेता सूबेदार जोगिंदर सिंह एक सच्‍चे और बहादुर सिपाही की गाथा है, जिन्‍होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी।सूबेदार जोगिंदर सिंह सन 62 की चीन के साथ लड़ाई में अपनी वीरता और शौर्य दुश्‍मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। उनकी इस बहादुरी का किस्‍सा आज देश के लोगों को प्रेरित करेगी। ऐसा कहना है फिल्‍म सूबेदार जोगिंदर सिंह के निर्देशक सिमरजीत सिंह का। वे कहते हैं कि सूबेदार जोगिंदर सिंह की बायोपिक अब 6 अप्रैल से देशभर के सिनेमाघरों में तीन भाषाओं; हिंदी, तमिल और तेलगु में रिलीज़ होगी।

भंसाली को स्वरा की चिट्ठी… आपकी फिल्म देखकर ख़ुद को मैंने महज एक योनि में सिमटता महसूस किया

प्रिय भंसाली साहब,

सबसे पहले आपको बधाई कि आप आखिरकार अपनी भव्य फिल्म ‘पद्मावत’- बिना ई की मात्रा और दीपिका पादुकोण की खूबसूरत कमर और संभवतः काटे गए 70 शॉटों के बगैर, रिलीज करने में कामयाब हो गए. आप इस बात के लिए भी बधाई के पात्र हैं कि आपकी फिल्म रिलीज भी हो गई और न किसी का सिर उसके धड़ से अलग हुआ, न किसी की नाक कटी. और आज के इस ‘सहिष्णु’ भारत में, जहां मीट को लेकर लोगों की हत्याएं हो जाती हैं और किसी आदिम मर्दाने गर्व की भावना का बदला लेने के लिए स्कूल जाते बच्चों को निशाना बनाया जाता है, उसके बीच आपकी फिल्म रिलीज हो सकी, यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है. इसलिए आपको एक बार फिर से बधाई.

फिल्म ‘न्यूटन’ अपने दर्शकों के एक गाल को सहलाते हुए दूसरे पर चांटे जड़ती है!

Nirendra Nagar : अभी ‘न्यूटन’ देखी हॉल में। फ़िल्म में दिखाया गया है कि कैसे प्रशासन, पुलिस और सशस्त्र बलों की मिलीभगत से चुनाव के नाम पर इस देश में कई जगह केवल छलावा होता आया है चाहे वह कश्मीर हो या छत्तीसगढ़। पहलाज़ निहलानी के रहते तो यह मूवी सेन्सर बोर्ड से पास ही नहीं होती। वैसे न्यूटन जो एक ईमानदार युवा सरकारी कर्मचारी है और जो इस बात पर डटा हुआ है कि वह अपने अधिकार वाले बूथ में असली मतदान करवाकर रहेगा, उसकी ज़िद्दी कोशिशों पर जब दर्शक हँसते हैं तो स्पष्ट होता है कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की वाक़ई इस देश में क्या क़ीमत है। एक दर्शक तो वास्तव में बोल भी पड़ा – ‘पागल है क्या!’ ऐसा लगा जैसे उसने न्यूटन और उसके जैसे सभी लोगों को गाली दी हो।

मीडिया केंद्रित फिल्म ‘JD’ में कई पत्रकारों ने किया काम, गिना रहे हैं डायरेक्टर शैलेंद्र पांडेय सबके नाम (देखें वीडियो)

मीडिया पर जोरदार फ़िल्म ‘जेडी’ बनाने वाले शैलेन्द्र पांडेय ने निकाली अपनी भड़ास। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को कठघरे में खड़ा किया। कई असली पत्रकारों ने फिल्म में पत्रकार का किरदार निभाया है। तो, फ़िल्म में किन-किन असली पत्रकारों ने रोल किया, उन सबके नामों का किया खुलासा किया। शैलेंद्र पांडेय से बातचीत की भड़ास के संपादक यशवंत सिंह ने।

JD फिल्म में मजीठिया वेज बोर्ड का मुद्दा भी है, पढ़िए यशवंत का रिव्यू (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : जबरदस्त है JD फ़िल्म। मीडिया का नंगापन देखना हो तो इसे ज़रूर देखें। Shailendra Pandey ने अपनी पहली ही फ़िल्म में कमाल कर दिया है। फिल्म की पब्लिसिटी न हो पाने से दर्शक कम आए पहले दिन लेकिन जो भी गया, पूरा देख कर ही निकला। फ़िल्म का डिजिटल पार्टनर भड़ास4मीडिया है। ऐसी पोलखोल वाली फिल्म से भड़ास का जुड़ना सबको अच्छा लगा। एनसीआर समेत कई शहरों में फ़िल्म को थियेटर में रिलीज करा ले जाना एक नए और कम बजट वाले फिल्मकार शैलेन्द्र के लिए उपलब्धि है। फिल्म में मजीठिया वेज बोर्ड का भी जिक्र है, जो एक साहस भरा काम है।

किस शहर में और किस टाइम पर देख सकते हैं फिल्म JD, उसका विववरण…

आज रिलीज हुई फिल्म ‘जेडी’ की कहानी तरुण तेजपाल की आपबीती है!

फोटो जर्नलिस्ट शैलेंद्र पांडेय की यह फिल्म मीडिया की एक कहानी पर आधारित है… अमर सिंह ने भी किया है अभिनय… भड़ास4मीडिया डॉट काम डिजिटल पार्टनर है….

Pankaj Shukla : बहुत ख़ास है ‘जेडी’… फोटो जर्नलिस्ट शैलेन्द्र पांडे की फिल्म ‘जेडी’ आज रिलीज़ हो रही है। शैलेन्द्र से मेरा नाता लगभग दो दशक पुराना है। दैनिक जागरण में कई वर्ष मेरे सहयोगी रहे। यह हमेशा से तय था कि शैलेन्द्र भीड़ का हिस्सा नहीं रहने वाले। कैमरे के पीछे से जो एंगल शैलेन्द्र को दिखता था वो साबित करता था कि उन्नाव के बीघापुर से निकला यह चेहरा किसी हादसे के तहत पत्रकारिता में नहीं आया है।

JD फिल्म का डिजिटल पार्टनर है भड़ास4मीडिया डॉट कॉम (देखें वीडियो)

22 सितंबर 2017 को रिलीज हो रही फिल्म JD का डिजिटल पार्टनर भड़ास4मीडिया डाट काम है. भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत बता रहे हैं वो तीन वजह जिसके चलते हम सभी को ये फिल्म देखने के लिए थिएटर जाना चाहिए. देखें संबंधित वीडियो… https://www.youtube.com/watch?v=_izRF4GD-Hc Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

प्रसून जोशी की हरकत से एक नया फिल्म निर्माता-निर्देशक रो पड़ा!

प्रसून जोशी के सेंसर कार्यकाल में पहला विवाद, जेडी के निर्माता-निर्देशक ने लिखी खुली चिट्ठी… शुक्रवार को रिलीज होने जा रही फिल्म जेडी के निर्माता-निर्देशक शैलेन्द्र पाण्डेय ने सेंसर बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रसून जोशी को खुला पत्र लिख कर कहा है कि सीबीएफसी की कार्यपद्धति में सुधार करें। उसे नए निर्देशक-निर्माताओं के लिए आसान बनाएं। प्रसून को लिखे एक मार्मिक पत्र में पाण्डेय ने कहा कि बीती छह सितंबर को उन्होंने फिल्म के प्रोमो-ट्रेलर के सेंसर के लिए आवेदन भेजा था, मगर अभी तक यह काम नहीं हुआ है।

प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी पर गुजराती में बन रही है फिल्म ‘हू नरेंद्र मोदी बनवा मांगू छू’

बॉलीवुड निर्देशक अनिल अनिल नरयानी का कहना है कि प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी पर आधारित उनकी आने वाली गुजराती फिल्म ”हूं नरेन्द्र मोदी बनवा मांग छू” बच्चों के लिये बेहद प्रेरणाश्रोत होगी। अनिल नरयाणी इन दिनों फिल्म ”हू नरेंद्र मोदी बनवा मांगू छू” बना रहे हैं। अनिल नरयानी ने फिल्म की चर्चा करते हुये कहा, “‘हू नरेंद्र मोदी बनवा मांगू छू’ हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन की कहानी पर आधारित है।

‘जेडी’ का पॉपकॉर्न कलेक्शन अमिताभ की ‘सरकार-3’ की कमाई से ज्यादा होगा : अमर सिंह

अमर सिंह ने फिर लिया अमिताभ बच्चन को निशाने पर, निर्देशक शैलेंद्र पांडे की फिल्म में पढ़ाएंगे राजनीति के पाठ

मुंबई। राजनेता अमर सिंह ने एक बार फिर अपने पुराने दोस्त अमिताभ बच्चन पर निशाना साधा है। वह मुंबई में पत्रकार-निर्देशक शैलेंद्र पांडे की फिल्म जेडी के म्यूजिक लॉन्च के मौके पर बोल रहे थे। अमर सिंह ने कहा कि आज कंटेंट किंग है, इसलिए अमिताभ बच्चन जैसे सुपर स्टार की सरकार-3 की कमाई से ज्यादा कलेक्शन जेडी की पॉपकॉर्न बिक्री का रहेगा। जेडी कंटेंट सिनेमा है, जिसमें पत्रकारों के जीवन की हकीकत और मीडिया दफ्तरों की सच्चाई दिखाई जाएगी।

वाहियात फिल्म ‘अनारकली आरा वाली’

कल अनारकली ऑफ आरा देखकर मेरा जबर्दस्त ज्ञानवर्द्धन हुआ है। सरसरी तौर पर कुछ दृश्यों ने दिमाग का दही कर दिया है जिसे आपसे शेयर करके अपना बोझ हल्का करना चाहता हूँ…

JD Trailer out, Film is going to release on 22nd September

The trailer of the upcoming Bollywood film “JD” #MediaकीBreakingNews produced by Shailendra Pandey Films has been released. Speaking on the occasion Producer & Director Shailendra Pandey said; “”I am very excited for my film JD. I feel honoured to have directed the big Politician Amar Singh  and the Rtd. Justice PD Kode who are in the special appearance in the movie. He said, “JD is an honest attempt of film-making and showing the ground realities of Media. I am sure that the audiences will appreciate this movie.”

आज रिलीज ‘राग-देश’ और ‘इंदु सरकार’ क्यों हैं मस्ट वॉच फिल्में, बता रहे हैं यशवंत

Yashwant Singh : ऐसा बहुत कम होता है कि एक ही दिन दो अलग-अलग सच्ची घटनाओं पर आधारित, दो अलग-अलग ऐताहासिक कालखंडों पर केंद्रित फिल्में रिलीज हो जाएं. आज ऐसा हुआ है. ‘राग देश’ और ‘इंदु सरकार’ नामक दो फिल्में आज शुक्रवार के दिन रिलीज हुई हैं. दोनों सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं और दोनों ही घटनाएं इतिहास के चर्चित अध्याय हैं.

Lipstick Under My Burkha : दैहिक मुक्ति को असली मुक्ति मान बैठीं ये संभोगरत स्त्रियां! (दो समीक्षाएं)

Mukesh Kumar : अलंकृता श्रीवास्तव को ढेर सारी बधाईयाँ। शायद एक स्त्री ही किसी स्त्री के अंदर पलने वाली हसरतों और चलने वाली कशमकश को इतनी बारीकी से फिल्मा सकती है। इतनी बेचैनी, इतनी छटपटाहट कि कुछ भी करने को तैयार। हर तरह की चौहददियों को लाँघने के लिए बेक़रार। और मर्द हैं कि हर जगह रास्ते रोकते हुए खड़े हैं। उन्हें मंज़ूर नहीं है कोई औरत उनके नियंत्रण से बाहर निकलकर अपनी इच्छाएं पूरी करे। कहीं वह सेक्स को हथियार बनाता है, कहीं धर्म को तो कहीं उसे छलकर दबाने की कोशिश करता है।

‘जेडी’ का पोस्टर रिलीज, मीडिया के भीतर के स्याह-सफेद से पर्दा हटाएगी ये फिल्म

हर पल दुनिया का हाल बताने वाले मीडिया के अंदर की खबरें आम लोगों तक नहीं पहुंचती। ‘जेडी’ मीडिया की चारदीवारी के भीतर की ब्रेकिंग न्यूज है। आदर्शों और सच के लिए लड़ने वाले पत्रकार खुद अपने हक की लड़ाई लड़ने में कितने बेबस होते हैं, इसे खुद मीडिया वाले भी महसूस करते हैं। मीडिया की ताकत चंद मुट्ठी भर लोगों की कैद में है और उनके चेहरों पर नकली मुखौटे हैं। हर ताकतवर सत्ता पहले डराती है, फिर ललचाती है और अंत में बदनाम करने वाले षड्यंत्रों के कुचक्रों में कुचल देती है।

‘मॉम’ फिल्म में मर्डर करने के नए तरीके का प्रशिक्षण!

Yashwant Singh :’मॉम’ फिल्म देखते हुए मर्डर करने के नए तरीके के बारे में अपन को जो जबरदस्त ट्रेनिंग मिली है, वह इस प्रकार है- दस किलो सेब खरीदें. इन्हें बीच से काट लें. फिर इनके भीतर से सारे बीज निकाल लें. इन बीजों को बारीक पीस लें. फिर इसे आटा या दलिया या किसी भी खाने के सामान में मिला कर परोस दें. काम तमाम हो जाएगा.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडियन नेशनल आर्मी उर्फ आईएनए और इसके जांबाजों पर आधारित है फिल्म ‘रागदेश’

The much awaited Tigmanshu Dhulia film ‘Raagdesh’ is all set to release on July 28th, 2017. Expected to be a crossover film, the film marries the historical authenticity with entertaining cinema, a genre much missed in Bollywood. Set in the backdrop of the famous ‘Red Fort Trials’, the film recreates the era of last days of freedom struggle in India, where the battles were being fought on borders, on streets, in media and curiously enough, in the court room.

राज्यसभा टीवी के सीईओ गुरदीप सिंह सप्पल निर्मित फिल्म ‘रागदेश’ का पोस्टर जारी, रिलीज 28 जुलाई को

राज्यसभा टीवी के सीईओ और एडिटर इन चीफ गुरदीप सिंह सप्पल के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है. उन्होंने फिल्म निर्माण जैसा बड़ा काम कर दिखाया है. बतौर प्रोड्यूसर सप्पल ने जो फिल्म ‘रागदेश’ बनाई है, उसका निर्देशन जाने माने फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया ने किया. फिल्म का पोस्टर जारी कर दिया गया है. फिल्म सिनेमाघरों में 28 जुलाई को पहुंचेगी.

The film is on Lal Quila Trial of officers of INA.

‘हिंदी मीडियम’ देखते हुए आप पॉपकार्न चबाना तक भूल जाते हैं

Uday Prakash : अभी ‘हिंदी Medium’ देख के लौटा। जो भूमिका पहले प्रतिबद्ध साहित्य निभाता था, वह अब ऐसी फिल्म निभा रही है. बाहुबली जैसी मध्यकालीन चित्रकथा फिल्म देखने की जगह, हिंदी मीडियम जैसी फ़िल्में देखने की आदत डालनी चाहिए। इवान इलिच की मशहूर किताब ‘डिस्कूलिंग सोसायटी’ बार-बार याद आती रही. लेकिन यह फिल्म शिक्षा के धंधे में बदलने के विषय से बाहर भी जाती हुई, बहुत बड़ा और ज़रूरी सन्देश इस तरीके से देती है कि आप पॉपकार्न चबाना तक भूल जाते हैं. पूरा हाल भरा हुआ था और ऑडियंस लगातार फिल्म के साथ बोलता, हँसता, सोचता, तालियां बजाता, भावुक होता देखता जा रहा था। आज का दिन ही नहीं यह पूरा महीना हिंदी मीडियम के नाम. (वह महीना जिसमें बाहुबली और Guardians of Galaxie जैसी ब्लॉक बस्टर फ़िल्में भी शामिल है.  🙂

मुसहरों का दुख देखा न गया तो इस लड़की ने कैमरे को बनाया हथियार (देखें डाक्यूमेंट्री)

Abhishek Prakash : नागिन डांस करने वाली लड़की से मिले हैं आप! बोले तो ‘बाबा टाइप लड़की’! ऐसी एक लड़की मिली मुझे। बेपरवाह कान में ईयरफोन लगाए ,मन किया तो जोर-जोर से गाने वाली एक मस्तमौला फ़क़ीरी अंदाज़ वाली लड़की। सच कहूं तो खाप-पंचायत की खोज इन जैसों के भय से ही पूर्व में संस्कृति के ठेकेदारों ने की होगी! पर आप इससे बात करिए।

दैनिक जागरण, भास्कर, अमर उजाला आदि के रैकेटियर फिल्म पत्रकारों की समीक्षाओं से रहें सावधान

…मुंबई के एक बड़े बुजुर्ग फिल्म पत्रकार के नेतृत्व में इन अखबारों के फिल्म पत्रकारों ने गैंग बनाकर अनारकली आफ आरा के फर्स्ट डे कलेक्शन को दस लाख रुपये की जगह न सिर्फ दस करोड़ छापा बल्कि फिल्म की तारीफ में झूठी समीक्षाएं छापी और ज्यादा से ज्यादा स्टार भी दिए…

अविनाश दास की ‘अनारकली’ यशवंत को नहीं आई पसंद, इंटरवल से पहले ही बाहर निकल आए

Yashwant Singh : अनारकली आफ आरा कल देख आया. नोएडा सिटी सेंटर के पास वाले मॉल के सिनेमा हॉल में. इंटरवल से पहले ही फिल्म छोड़कर निकल गया. मेरे साथ एक संपादक मित्र थे. फिल्म बहुत सतही थी. जैसे मीडिया वाले टीआरपी के लिए कुछ भी दिखा देते हैं, पढ़ा देते हैं, वैसे ही सिनेमा वाले बाक्स आफिस के चक्कर में कुछ भी बना देते हैं. याद करिए वो दौर, जब सेमी पोर्न सिनेमा रिक्शे वालों के लिए बना करती थी और वो अच्छी कमाई भी करती थी. इन सिनेमा के बीच बीच में रियल पोर्न क्लिप भी चला दिया जाता था ताकि काम कुंठित दर्शक पूरा पैसा वसूल वाला फील लेकर जाए.

‘अनारकली ऑफ़ आरा’ की फर्स्ट डे कमाई थी दस लाख, इन अखबारों ने छाप दिया दस करोड़ रुपये!

Ashwini Kumar Srivastava : दैनिक भास्कर जैसे हिंदी अख़बार में बड़े पद पर पत्रकार रह चुके अविनाश दास की पहली फिल्म ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप है या सुपर हिट, कुछ पता ही नहीं चल पा रहा है… पत्रकार से फ़िल्मकार बने अविनाश की फिल्म के बॉक्स ऑफिस आंकड़े न जाने कौन से सूत्रों से मीडिया को मिल रहे हैं कि दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला जैसे अखबारों ने जहाँ उसी दिन रिलीज़ हुई अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘फिल्लौरी’ को ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ के सामने फिसड्डी बता दिया, वहीँ बॉलीवुड में बॉक्स ऑफिस की विश्वसनीय रपट देने वाली वेबसाइट ‘अनारकली ऑफ़ आरा’ को बॉक्स ऑफिस पर सुपर फ्लॉप और ‘फिल्लौरी’ को औसत करार दे भी चुकी हैं।

अविनाश दास की ‘अनारकली ऑफ आरा’ : पहले दिन गिनती के दर्शक पहुंचे

ये है भोपाल से पत्रकार अमित पाठे का रिव्यू….

रिलीज़ के पहले दिन स्क्रीन ऑडिटोरियम में दर्शक कोई 15-20 ही थे

Amit Pathe : “ये रंडी की ‘ना’ है भिसी (वीसी) साब.” ये वो महत्वपूर्ण डायलॉग है जिसपे फिल्म अनारकली ऑफ आरा पूरी होती है। ये वो ‘ना’ है जो हमने ‘पिंक’ मूवी में मेट्रो सिटी की वर्किंग गर्ल्स का ‘ना’ देखा था। अस्मिता और इज्जत बचाने के लिए नारी का मर्द को कहा जाने ‘ना’। आरा की अनारकली का ‘ना’ भी वैसा ही है। लेकिन बस वो बिहार के आरा की है, ऑर्केस्ट्रा में नाचती-गाती है।