
नई दिल्ली। यूट्यूब ट्रैवल चैनल Curly Tales और उसकी संस्थापक काम्या जानी से जुड़ा एक दस्तावेज़ सामने आया है, जिसमें प्रसार भारती (Prasar Bharati) के साथ कथित तौर पर हुए एक बड़े प्रोडक्शन समझौते का विवरण दर्ज है। दस्तावेज़ में दर्ज शर्तों के अनुसार, चैनल को अलग–अलग श्रेणियों के कंटेंट के लिए कई करोड़ रुपये के भुगतान की बात कही गई है।
दस्तावेज़ में उल्लेख है कि प्रसार भारती द्वारा—
- 22 मिनट के 4 लंबे एपिसोड के लिए लगभग ₹8 लाख प्रति एपिसोड
- 4–5 मिनट की 35 शॉर्ट डॉक्यूमेंट्रीज़ के लिए करीब ₹5 लाख प्रति डॉक्यूमेंट्री
- 60 सेकंड के 15 टीवी कमर्शियल्स के लिए लगभग ₹20 लाख प्रति कमर्शियल
का भुगतान किया जाना प्रस्तावित बताया गया है।
दस्तावेज़ के मुताबिक, इन सभी प्रोडक्शन को मिलाकर कुल राशि ₹6 करोड़ से अधिक बैठती है, जिसमें 18 प्रतिशत GST भी शामिल बताया गया है।
इसके अलावा, यात्रा खर्च, शूटिंग लोकेशन, 200 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर अलग से भुगतान, तथा सुरक्षा/गारंटी जमा न करने की स्थिति में एडवांस न दिए जाने जैसी शर्तों का भी उल्लेख दस्तावेज़ में है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में Curly Tales, काम्या जानी या प्रसार भारती की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मीडिया विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह दस्तावेज़ आधिकारिक है, तो यह सवाल खड़े करता है कि सरकारी प्रसारक द्वारा डिजिटल इन्फ्लुएंसर आधारित कंटेंट पर इतना बड़ा बजट किस प्रक्रिया के तहत स्वीकृत किया गया।
प्रकरण पर पत्रकार नितिन शुक्ला का ट्वीट-
एक निजी न्यूज पोर्टल ने खुलासा किया है कि कर्ली टेल्स वाली मैडम ने वंदे भारत, तेजस, एयरपोर्ट्स, रेलवे स्टेशन और ऐसी अन्य सरकार की उपलब्धियों को बताती हुई रिल्स बनाने के लिए सरकार ने उन्हें 6,00,00,0000 रुपए (6 करोड़) का भुगतान किया है, इसे कहते हैं विकास जो जनता के पैसों की जेब फाड़ कर हो रहा है, और इधर भक्तगण बेचारे फ्री में मजदूरी भी कर रहे हैं और जेल की हवा भी खा रहे हैं, लगे रहो
पत्रकार सौरभ यादव लिखते हैं-
कर्ली टेल्स की एंकर काम्या जानी को वंदे भारत,तेजस, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जैसी चीजों के प्रचार के लिए आपके और हमारे टैक्स के पैसे से 6 करोड़ रुपये मिले हैं…इसमें काम्या जानी ने 60 सेकंड की रील के लिए 20-20 लाख रुपये चार्ज किए हैं। ये खोजी रिपोर्ट की है न्यूज़लॉन्ड्री ने…
सोचिए मीडिया के एंकर-एंकराओं पर इतना पैसा बहाने के बाद अब सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों को भी भर-भरकर पैसा दिया जा रहा है और ये सब आपका और हमारे टैक्स का पैसा है…



