रवीश कुमार फिर ट्रोल किए जाने लगे!

मुझे ट्रोल मत करो, उसे करो जिसने तुम्हारी ज़िंदगी का ट्रोल किया है…. दक्षिण कोरिया, फ़िलीपीन्स, रूस, न्यूज़ीलैंड, आस्ट्रेलिया, बेनिन, वियतनाम के नंबरों से भारत में बैठ कर ट्रोल करनेवाले बंधुओं, जो नौकरी आप कर रहे हैं, वो आपको कहीं नहीं ले जाएगी। आपको भी पता है कि आप नए ज़माने के नए गुंडे हैं। अपने नेता जी की सुविधा से आप सक्रिय होते हैं, मेरा नंबर पब्लिक करते हैं और फिर ख़ुद ही फ़ोन करते रहते हैं।

अब मैं फ़ोन तो उठाता नहीं। आप आज दिन भर फ़ोन करते रहे। कई सौ नंबरों से फ़ोन आए। आपको क्यों लगता है कि साहब की राजनीति की सुविधा के हिसाब से मुझ पर दबाव बना लेंगे? आप लोग कुछ दिनों से चुप थे। रफाल पर बोलती बंद थी। अभी लगता है आप लोगों को काम पर लगाया गया है। प्रोपेगैंडा करने के लिए बहुत से चैनल हैं। जज लोया पर कैरवां ने सत्ताइस रिपोर्ट प्रकाशित की है, उसे पढ़ लें। रफाल डील पर भी कैरवां की रिपोर्ट आपको रास्ता बता देगी कि जो आपसे काम करवा रहा है वो आपकी जवानी बर्बाद कर रहा है। सहारा बिड़ला पेपर्स में किस किस का नाम था, पढ़ें।

मुझे ट्रोल करने और मेरा नाम लेकर अफ़वाह फैलाने का काम छोड़ दें। आपका काफ़ी इस्तमाल हो चुका है। आपसे उस भीड़ का काम कराया जा रहा है जो दारोगा सुबोध कुमार सिंह और सिपाही सुरेश को मार गई। मैंने यूनिवर्सिटी सीरीज़ और नौकरी सीरीज़ के तहत आप लोगों की बर्बादी के कारणों पर काफ़ी सामग्री जुटाई है। उसे देखिए और अपने साहब से पूछा कीजिए कि इस व्यवस्था को कब ठीक करेंगे। बिहार, यूपी, झारखंड राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, बंगाल हर जगह के लाखों नौजवान घटिया कालेज के कारण पीछे रह गए हैं। नौकरी की घटिया व्यवस्था के कारण परेशान तड़प रहे हैं। उनके मुद्दों को उठाइये, लोगों का भला होगा।

मुझे ट्रोल करने से कोई लाभ नहीं है। जिन लोगों को फ़िलीपीन्स, रूस और दक्षिण कोरिया का इंटरनेट कॉलिंग कार्ड मिला, क्या घर जाकर अपने घर वालों को बता पाएँगे कि रवीश कुमार को ट्रोल करके आ रहे हैं? क्या आपको इसी दिन के लिए हमें पढ़ाया लिखाया गया था ? न पता चले तो कोई बात नहीं लेकिन जब पता चले तो ग़लत काम छोड़ देना चाहिए। एक दिन नही पार्टी अपनी छवि सुधारने के नाम पर आप लोगों को धकिया देगी। उसी के नेता बोल कर निपटा देंगे कि बहुत बदनामी हो रही है इसलिए हम बंद कर रहे हैं। इसलिए मुझे ट्रोल मत करो। उसे करो जिसने तुम्हारी ज़िंदगी का ट्रोल कर दिया है। सत्यानाश कर दिया है। साहब से कहो कि एक लाइव इंटरव्यू पर आ जाएँ, वहीं आपके मुद्दे पर पूछ लूँगा और जनता के मुद्दे की भी बात हो जाएगी। कब तक प्रसून जोशी से इंटरव्यू करवाएँगे। दुनिया हंस रही है।

इसलिए नया साल आ रहा है, आपको जिसने बर्बाद किया है, उसकी पोल जनता के बीच खोल दीजिए। मैं समझता हूँ कि आप अकेले में मुझे सही मानते हैं। गोदी मीडिया से अब प्रोपेगैंडा होता नहीं है तो आप मुझसे कराना चाहते हैं। यही मेरी जीत है। अपने प्रोपेगैंडा के लिए भी मैं ही याद आया! बड़े बेवक़ूफ़ निकले आप तो। जाकर देखिए देश का एक हिस्सा हाउसिंग सोसायटी की पार्टियों में रद्दी गानों पर डाँस कर रहा है। क़स्बों में लोग पिकनिक के लिए निकल चुके हैं। छतों पर गाने बज रहे हैं। क्लबों में आपके ही नेता मस्ती कर रहे हैं। आप हैं कि उनके इशारों पर मुझे ट्रोल कर रहे हैं?

आपको नया साल मुबारक। आप जो मेरे पोस्ट के नीचे कमेंट बाक्स में गंध भरते हैं वो सब ऐतिहासिक दस्तावेज हैं। भारत के लोकतंत्र को गालियों के मल-मूत्र से भर देने के तंत्र का। इतना ही अच्छा काम है तो सोशल मीडिया के परिचय में लिखा कीजिए कि हुज़ूर जब ख़ुद का बचाव नहीं कर पाते तो उनकी मदद के लिए हम ठेके पर गालियाँ देते हैं। इंग्लिश में ट्रोल करते हैं।

2019 के साल का आधा हिस्सा आप सबके कारण झूठ और फ़रेब से भरा होगा। भारत के इतिहास में आपके गैंग की तरफ से इतना झूठ बोला जाएगा, जितना झूठ धरती के इतिहास में नहीं बोला गया हो। आपकी ज़िंदगी झूठ है। झूठ ही आपकी ज़िंदगी है। नया साल मुबारक हो। वैसे आपके लिए ये नया साल भी झूठा साल होगा। 2018 में ही गाली देते रहे और 2019 में भी गाली देते रहेंगे। भारत माता की जय।

एनडीटीवी के चर्चित पत्रकार रवीश कुमार की एफबी वॉल से।

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One comment on “रवीश कुमार फिर ट्रोल किए जाने लगे!”

  • Mohan Singh says:

    आप को इन चमचों से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है !ये किराए पर काम करते है इनकी अपनी सोच नहीं ह ये पागल हा समाज के प्रति इनकी वफादारी नहीं ह आप अपना काम निरंतर करते रहिए आप समाज को मजबूती प्रदान कर रहे हैं मैं एक किसान हूं और किसानों की तरफ से आपको नया साल मौबरक हो

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