महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और शिवसेना नेता तानाजी सावंत के बेटे ऋषिराज सावंत ने अपने परिवार को बिना बताए अपने दोस्तों के साथ एक चार्टर्ड विमान से बैंकॉक जाने का निर्णय लिया। जब उनके पिता को उनकी अनुपस्थिति के बारे में पता चला, तो उन्होंने पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई। इसके परिणामस्वरूप, विमान को बीच रास्ते से वापस पुणे बुलाया गया।
जांच के बाद पता चला कि ऋषिराज ने परिवार में हुई कहासुनी के बाद यह कदम उठाया था और उनकी यात्रा के पीछे कोई आपराधिक मंशा नहीं थी। पुलिस ने अपहरण की शिकायत के आधार पर कार्रवाई की, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह एक पारिवारिक विवाद के कारण हुई गलतफहमी थी।
इस घटना ने सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, जिसमें राजनेताओं के परिवारों की जीवनशैली और उनके विशेषाधिकारों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकार पुष्प रंजन लिखते हैं-
राजनीति के रक्तबीज! इस देश में कुछ लोगों के पास हराम का पैसा इतना आ गया, कि उनकी औलादें जब मर्ज़ी चार्टर्ड फ़्लाइट से थाईलैंड निकल लेती हैं. जब इनकी अय्याशी से पर्दा उठता है, तो शासन उसे ढंकने में लग जाता है. शिंदे गुट के पूर्व मंत्री व विधायक तानाजी सावंत के बेटे ऋषिराज सावंत के सोमवार देर रात अचानक गायब होने की खबर आई। ग़ायब क्या हुआ, फैमिली में मचमच की वजह से दो दोस्तों के साथ चार्टर्ड फ़्लाइट से थाईलैंड निकल लिया.
फिर उसे वापिस बुलाने के लिए बापजी ने पूरी ताक़त झोंक दी. बापजी ने सिंहगढ़ पुलिस थाने में अपने लाडले के अपहरण की फ़र्ज़ी शिकायत दर्ज करवाई। एयर ट्रैफिक कंट्रोल का दबाव पायलट पर इतना पड़ा कि विमान वायुमार्ग से ही बैंकॉक की बजाय वापस पुणे लौट आया। अब कोई बताये, अपहरण की फ़र्ज़ी शिकायत पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए?
सोशल मीडिया पर कहानी हिट है. थूथू के लिए नहीं, मंत्री पुत्र की शानो-शौकत का रायता फैलाता हुआ. फिर कोई और रईसजादा इससे एक क़दम आगे करिश्मा करेगा. इस देश में राजा-महाराजाओं का एक क्लास मोदी कृपा से उग आया है. दिल्ली-मुंबई में तो रईसी की रेस लगी है. पुणे-मुंबई में “जय महाराष्ट्रा” के नारे लगाओ, और दिल्ली में ‘भारत मता की जय’ के नारे लगाओ. जमकर लूटो, और ऐश करो.


