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साधना न्यूज पर रात 11 बजते ही शुरू हो जाता है सेक्स रोग, सेक्स और दवा के नाम पर भद्दा मार्केटिंग खेल।

रांची : साधना न्यूज की हालत इन दिनों बड़ी अजीब हो गई है। बिहार- झारखंड को बेस्ड करके यह चैनल जिस तरीके से शुरू हुआ था, उसने अपने खबरों के माध्यम से हलचल मचा दी थी। तभी इसके टीआरपी भी बढ़े थे। अच्छे समाचार और समाचारों के प्रति ईमानदारी से लगे इसके पत्रकार ने अपने बलबूते कई खबरों को ब्रेक कराया। चैनल हिट होने लगा तो पत्रकारों का ग्रुप मालिक और चैनल को फायदा दिलाने की बजाए खुद मुद्रा मोचन और डील में लग गए। इसका अहसास होते ही चैनल संचालक ने पत्रकारों को भी झटका देना, जो शुरू किया, वह भी जारी है।

रांची : साधना न्यूज की हालत इन दिनों बड़ी अजीब हो गई है। बिहार- झारखंड को बेस्ड करके यह चैनल जिस तरीके से शुरू हुआ था, उसने अपने खबरों के माध्यम से हलचल मचा दी थी। तभी इसके टीआरपी भी बढ़े थे। अच्छे समाचार और समाचारों के प्रति ईमानदारी से लगे इसके पत्रकार ने अपने बलबूते कई खबरों को ब्रेक कराया। चैनल हिट होने लगा तो पत्रकारों का ग्रुप मालिक और चैनल को फायदा दिलाने की बजाए खुद मुद्रा मोचन और डील में लग गए। इसका अहसास होते ही चैनल संचालक ने पत्रकारों को भी झटका देना, जो शुरू किया, वह भी जारी है।

चैनल को अपने तौर- तरीकों से चलाना, किसी को हटाना तो किसी को लाना, यह सारा कुछ चल रहा है। हाल यह हो गया है कि चैनल पर अब दर्शकों को बेशर्मी भरे विज्ञापन भी देखने को मिल रहे हैं। रात ग्यारह बजे शुरू होते ही यह चालू हो जाता है। सेक्स रोग, सेक्स और दवा के नाम पर भद्दा मार्केटिंग का खेल। समाचार पर ध्यान हटने से पत्रकार किसी को हटाना तो चैनल को चैनल शुरू करनेवाले उद्यमी को इससे मतलब कहां। इसके पत्रकार अब समझ नहीं पा रहे हैं कि वे किसी न्यूज चैनल के पत्रकार हैं।

एक तरह से मालिक के अजीबोगरीब निर्णय से भले चैनल का रेवेन्यू जेनरेट हो रहा हो, पर साधना न्यूज उसमें कहीं खो चुका है और विभिन्न जिला मुख्यालयों के इसके पत्रकार अब बेरोजगर हो गए हैं। चैनल के स्टेट दफ्तर का हाल यह है कि वहां कब कौन प्रभारी बना दिया जाएगा, वाली स्थिति आ गयी है। हरियाणा के चुनाव हुए, तो बिहार-झारखंड का यह चैनल, पैसे के लिए साधना हरियाणा बना दिया गया। वहां बहाली की गयी, काम लिया माल बनाया और अब पैकअप। कर्मचारियों की छुट्टी करके पूरा फोकस झारखंड चुनाव पर। एकबार फिर झारखंड के अपने रिपोर्टरों को सक्रिय होने को कह दिया गया है। उनके माध्यम से प्रत्याशियों से वसूलने की तैयारी है। झारखंड का रांची ब्यूरो दफ्तर को नए वायदों के साथ दुरूस्त कर दिया गया है। (साभार- मीडिया फॉर झारखंड डाट काम)

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