महिला पत्रकार ने अपने स्टेट हेड पर लगाए कई गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ में चैनल और अखबार बने उगाही का जरिया… न्यूज चैनल /अखबारों के रिपोर्टर व पत्रकार हो रहे शोषण के शिकार… पत्रकार संगठनों की भूमिका पर भी उठे सवाल..

छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की आड़ में कैसा खेल, बिना वेतन जिलों में काम कर रहे पत्रकार

चैनल की माइक आईडी की लग रही बोली, वसूली और धमकी का चल रहा खेल, अनशन-शिकायतों का लगा अंबार, सोशल नेटवर्क का बेजोड़ इस्तेमाल, पीएमओ तक हो रही शिकायत

उफ्फ… कोई क्यों करे न्यूज चैनलों में नौकरी… सुन लीजिए ये टेप…

Sadhna PRIME News ke HR, input Prashant Aur Assignment desk se assistant producer Ajay Saxena ke beech jo kaha suni huyi hai wo es es audio clip mei hai. Notebandi ke dauran ki recording hai ye. Job to gayi hi sath hi dhmki bhi di ja rahi hai.

साधना न्यूज वाले ब्लैकमार्केटियर गुप्ताओं के घरों-आफिसों पर इनकम टैक्स छापे पड़े

साधना न्यूज नामक एक बहुधंधी चैनल से खबर आ रही है कि इसके मालिकों के घरों और आफिसों पर छापे पड़े हैं. इनकम टैक्स की कई टीमों ने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक में साधना न्यूज के सभी तीन गुप्ताज मालिकों के यहां छापे डाले हैं. सूत्रों का कहना है कि इनकम टैक्स को नोटबंदी के दिनों में काफी रकम इधर से उधर किए जाने की सूचना मिली थी और इसकी पुष्टि कई संदिग्ध बैंक एकाउंट्स के जरिए हुई.

चैनल खरीदना है या किराए पर लेना है तो ‘साधना’ वालों से दूर रहिएगा, कई लोग रो रहे हैं

जी हां. कई लोग साधना वालों से चैनल किराए पर लेकर या खरीद कर रो रहे हैं. सूचना और प्रसारण मंत्रालय भी साधना वालों के इस खेल को जानता है लेकिन जाने क्या है कि सब मिल जुल कर चुप्पी साधे हैं और नए लोगों को फंसने फंसाने का खेल जारी है. श्री न्यूज नामक जो चैनल चलता है, वह साधना वालों से खरीदा गया है लेकिन आज तक श्रीन्यूज वाले बतौर डायरेक्टर चैनल के मालिकान के रूप में अपना नाम नहीं दर्ज करवा सके हैं.

साधना न्यूज (एमपी-सीजी) के ठग संचालकों से बच कर रहिए, पढ़िए एक पीड़ित स्ट्रिंगर की दास्तान

संपादक
भड़ास4मीडिया
महोदय

मुझसे साधना न्यूज (मध्यप्रदेश छत्तीसगढ) के नाम पर 8 माह पूर्व विनोद राय के निजी खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए थे. इस रकम को खुद मैंने अपने खाते से भेजा था. परन्तु साधना न्यूज ने एक माह बाद ही किसी दूसरे को नियुक्त कर दिया. विनोद राय (इन्दौर, डायरेक्टर, साधना न्यूज) से रुपये वापस मांगने पर वे नये नये तरीके से टालते रहते हैं और आज कल करके कई प्रकार के बहाने से मुझे राशि लौटने से इनकार कर रहे हैं. मैं इसके लिए कई बार इन्दौर का चक्कर काट चुका हूं.

साधना न्यूज में 20,000 पाने वाले कर्मी के खाते में आते हैं 20 लाख रुपये!

यदि किसी 20,000 रुपए का वेतन पाने वाले पत्रकार के खाते में लगातार 20 लाख की राशि नियमित रूप से जमा होती रहे, वह भी प्रबंधन की तरफ से, तो आप समझ सकते हैं, उस पत्रकार की क्या हालत होगी। उस पर तुर्रा यह कि वह उस रकम की सूचना अपने मोबाइल पर देखकर खुश तो हो सकता है, लेकिन उसे निकाल नहीं सकता। यह कारनामा किया है साधना न्यूज के प्रबंधन ने, जो कि पहले भी कई तरह के कारनामों के लिए कुख्यात रहा है। न जाने कितने लाइसेंस कबाड़ कर रखे हैं, जाने कितने चैनल उनके लाइसेंस पर चल रहे हैं, या चल रहे थे, इसकी जानकारी केवल प्रबंधन को ही है। चाहे न्यूज, मनोरंजन, धर्म, सभी तरह के अनेकों लाइसेंस इनके पास हैं।

साधना न्यूज पर रात 11 बजते ही शुरू हो जाता है सेक्स रोग, सेक्स और दवा के नाम पर भद्दा मार्केटिंग खेल।

रांची : साधना न्यूज की हालत इन दिनों बड़ी अजीब हो गई है। बिहार- झारखंड को बेस्ड करके यह चैनल जिस तरीके से शुरू हुआ था, उसने अपने खबरों के माध्यम से हलचल मचा दी थी। तभी इसके टीआरपी भी बढ़े थे। अच्छे समाचार और समाचारों के प्रति ईमानदारी से लगे इसके पत्रकार ने अपने बलबूते कई खबरों को ब्रेक कराया। चैनल हिट होने लगा तो पत्रकारों का ग्रुप मालिक और चैनल को फायदा दिलाने की बजाए खुद मुद्रा मोचन और डील में लग गए। इसका अहसास होते ही चैनल संचालक ने पत्रकारों को भी झटका देना, जो शुरू किया, वह भी जारी है।

चुनाव ख़त्म तो काम और धंधा ख़त्म, तैयारी साधना-हरियाणा न्यूज़ चैनल को बंद करने की

न्यूज़ चैनल मालिकों के लिए ये कोई नइ बात नहीं है। मन आया तो कभी भी न्यूज़ चैनल खोल लिया और जब मन हुआ चैनल बंद करके कर्मचारियों को रस्ते पर ला कर खड़ा कर दिया। जब साधना को जरुरत थी साधना-हरियाणा की तो साधना-बिहार बंद कर के रिपोर्टर्स को रस्ते पर ला खड़ा किया। …