सहारा इंडिया से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। रांची सीआईडी की टीम ने सहारा इंडिया के जोनल अधिकारी सुंदर झा को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार सुंदर झा, सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी के डायरेक्टर बच्चा झा के छोटे भाई हैं। सुंदर झा फिलहाल कानपुर जोनल चीफ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लखनऊ के अलीगंज, कपूरथला स्थित सहारा इंडिया दफ्तर पर बड़ी छापेमारी की थी। कोलकाता यूनिट द्वारा की गई इस कार्रवाई में लखनऊ जोनल कार्यालय के अधिकारी भी शामिल रहे। बुधवार को सुबह ऑफिस खुलने से पहले ही ईडी की टीमें सहारा दफ्तर में दाखिल हो गई थीं और कर्मचारियों के फोन जब्त कर लिए थे। चिटफंड कारोबार से जुड़े लेन-देन की जांच करते हुए एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।
सूत्रों के मुताबिक सहारा समूह की विभिन्न सोसाइटियों द्वारा 25000 करोड़ रुपये से अधिक निवेशकों से जमा करवाकर रकम डायवर्ट करने का आरोप है। केंद्र सरकार ने निवेशकों को पैसा लौटाने के लिए सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसायटी और हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी जैसी संस्थाओं को चिन्हित किया है।
इसी कड़ी में ईडी ने सहारा समूह की लोनावाला स्थित एंबी वैली सिटी के पास 707 एकड़ जमीन कुर्क कर ली है, जिसकी अनुमानित कीमत 1460 करोड़ रुपये बताई जा रही है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह संपत्ति बेनामी नामों से खरीदी गई और इसके लिए सहारा समूह से गबन की गई रकम का इस्तेमाल हुआ।
अब तक सहारा और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ देशभर में 500 से अधिक एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से 300 से ज्यादा मामले पीएमएलए (धनशोधन निवारण अधिनियम) के तहत हैं। एजेंसी का कहना है कि सहारा समूह ने हजारों निवेशकों को गुमराह कर एक बड़ी पोंजी स्कीम चलाई, जिसमें निवेशकों का पैसा निजी विलासिता, बेनामी संपत्तियों और अन्य गतिविधियों में खपाया गया।
सुंदर झा की गिरफ्तारी के बाद यह साफ है कि जांच एजेंसियां अब सहारा समूह से जुड़े अधिकारियों पर शिकंजा कस रही हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।


