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उत्तर प्रदेश

सहारा वेतन बकाया मामले में श्रम मंत्री से मिले मीडियाकर्मी, उप श्रमायुक्त ने बुलाई सुलह बैठक!

वाराणसी- सहारा कर्मियों के मुद्दे को लेकर काशी पत्रकार संघ तथा वाराणसी प्रेस क्लब हुआ मुखर वाराणसी 16 जनवरी बिना किसी पूर्व सूचना के 8 जनवरी से राष्ट्रीय सहारा हिंदी दैनिक समाचार पत्र का प्रकाशन बंद करने व कर्मचारियों का बकाया वेतन ग्रेच्युटी व पीएफ भुगतान न कर मौखिक रूप से जबरन इस्तीफा मांगे जाने के प्रकरण को लेकर काशी पत्रकार संघ तथा वाराणसी प्रेस क्लब के अध्यक्ष व सचिव के नेतृत्व में कर्मचारियों ने प्रदेश के श्रम सेवायोजन तथा कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर से उनके आवास पर मुलाकात की तथा उन्हें पत्रक सौपा।

इस दौरान पत्रकार संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्रा व प्रेस क्लब के अध्यक्ष चंदन रुपानी ने सहारा कर्मियों के खिलाफ हो रहे उत्पीड़नात्मक करवाई पर अपना क्षोभ व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्रवाई का अनुरोध किया।

कैबिनेट मंत्री ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रमुख सचिव (श्रम) को फोन पर निर्देश दिया कि वाराणसी समेत प्रदेश के लखनऊ गोरखपुर कानपुर नोएडा में भी राष्ट्रीय सहारा के मीडिया कर्मियों के प्रकरण का संज्ञान लेकर तत्काल पत्रकारों व मीडिया कर्मियों के उत्पीड़न के खिलाफ एक्शन ले। मंत्री के निर्देश के बाद आधे घंटे के अंदर खुद उप श्रम आयुक्त वाराणसी ने फोन करके सहारा कर्मियों को बुलाया और उनकी पूरी बात सुनी तथा अग्रेतर कार्रवाई के लिए पूरी रिपोर्ट बनाकर तत्काल शासन को भेज दिया। मंत्री के निर्देश के बाद उप श्रमायुक्त ने वाराणसी सहारा यूनिट के प्रबंधन को नोटिस जारी करके 20 जनवरी को उपस्थित होने को कहा है।

इस दौरान वाराणसी प्रेस क्लब के मंत्री विनय शंकर सिंह के साथ ही राष्ट्रीय सहारा से जुड़े ज्ञान सिंह रौतेला , कौशल कुमार सिंह देवेश सिंह, राहुल सिंह, सुब्रतो मुखर्जी, त्रिपुरेष राय, मनोज राय , प्रभाकर दुबे, भगवत प्रसाद, संजय कुमार, उमेश श्रीवास्तव, वीरेंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह, हौसला सिंह, राकेश यादव मौजूद रहे।


वाराणसी में सहारा के कर्मचारियों के वेतन भुगतान का मामला, उप श्रमायुक्त ने बुलाई सुलह बैठक

वाराणसी। सहारा समूह से जुड़े कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन भुगतान और अन्य लाभों को लेकर श्रम विभाग ने संज्ञान लिया है। उप श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश (वाराणसी क्षेत्र) ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए सुलह की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

उप श्रमायुक्त कार्यालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार, अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की वाराणसी जिला कमेटी ने शिकायत दर्ज कराई है कि सहारा संस्थान में कार्यरत कर्मचारियों को पिछले कई वर्षों से वेतन का आंशिक भुगतान ही किया जा रहा है। साथ ही, अन्य वैधानिक लाभ भी बंद कर दिए गए हैं। आरोप है कि संस्थान का प्रकाशन कार्य 8 जनवरी 2026 से आंशिक रूप से बंद कर दिया गया, जिससे कर्मचारियों में रोष और औद्योगिक अशांति की स्थिति उत्पन्न हो गई।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि बकाया वेतन और अन्य देयताओं से बचने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस पर श्रम विभाग ने दोनों पक्षों के बीच शांतिपूर्ण समाधान के लिए सुलह बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है।

उप श्रमायुक्त ने सहारा प्रबंधन और संबंधित पक्षों को निर्देशित किया है कि वे 20 जनवरी 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे कार्यालय में आयोजित सुलह वार्ता में सभी संबंधित अभिलेखों के साथ स्वयं अथवा सक्षम प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित हों। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि वार्ता के दौरान संस्थान स्तर पर कोई ऐसा कदम न उठाया जाए, जिससे कर्मचारियों में असंतोष या औद्योगिक अशांति बढ़े।

श्रम विभाग का कहना है कि सुलह प्रक्रिया का उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकालना और औद्योगिक शांति बनाए रखना है। अब सबकी निगाहें 20 जनवरी को होने वाली बैठक पर टिकी हैं, जहां सहारा प्रबंधन और ट्रेड यूनियन के बीच इस विवाद के समाधान की कोशिश की जाएगी।

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