छत्तीसगढ़ में 12 घंटे के अंदर दो युवा पत्रकारों ने फंदे से लटक कर दी जान, मीडियाकर्मी स्तब्ध

छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता मुश्किल दौर से गुजर रही है। मीडियाकर्मी तनावों और दबावों के कारण परेशान हैं। इसकी परिणति सुसाइड के रूप में हो रही है। बारह घंटे के भीतर दो पत्रकारों के सुसाइड से राज्य समेत देश भर के मीडियाकर्मी स्तब्ध हैं। अंबिकापुर में हिंदी न्यूज चैनल के पत्रकार शैलेन्द्र विश्वकर्मा और बस्तर में राजस्थान पत्रिका समूह के अखबार पत्रिका में पदस्थ महिला पत्रकार रेणु अवस्थी ने खुदकुशी कर ली।

दोनों युवा पत्रकार बेहद प्रतिभावान और होनहार थे। दो अलग-अलग जगहों से आयी पत्रकारों की खुदकुशी की खबर ने पूरे प्रदेश की मीडिया को बैचेन कर दिया है। शैलेंद्र ने सुबह के वक्त फांसी पर झूलकर आत्महत्या कर ली, तो रेणु ने दोपहर बाद करीब 2 बजे खुदकुशी कर ली।

इन दोनों खुदकुशी क्यों की, इसका पता नहीं चला है। शैलेंद्र सुसाइड के ठीक पहले तक सोशल मीडिया पर सक्रिय थे। उन्होंने जो कुछ पोस्ट किया, वो कुछ बैचेनी की तरफ इशारा कर रहे थे। रेणु अवस्थी की सुसाइड का राज भी सामने नहीं आ सका है। रेणु ने सुसाइड से पहले रायपुर स्थित पत्रिका समूह के स्टेट हेडक्वार्टर में फोन किया था। उसी फोन के आधार पर रायपुर मुख्यालय से जगदलपुर कॉल किया गया।

जब तक जगदलपुर आफिस से रेणु के घर तक दफ्तर के लोग पहुंच पाते, तब तक रेणु ने खुदकुशी कर ली थी। अब दफ्तर में रेणु ने क्या कहा था, और वो क्यों परेशान थी, इसकी गुत्थी नहीं खुल पायी है। रेणु ने अपनी चुनरी से पंखे से लटककर खुदकुशी कर ली। रेणु अपनी एक दोस्त के साथ बस्तर में किराये के मकान में रहती थी। पिछले कुछ दिनों से उसकी दोस्त रायपुर आयी हुई थी और वो घर पर अकेली थी।

Karamjeet Kaur फेसबुक पर रेणु के लिए लिखती हैं- ”मुझे यकीन नही हो रहा है रेणु कि तुम जैसी बहादुर और हौसलों से लबरेज पत्रकार आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाएगी। अभी तो तुम्हें आसमां की बुलंदियों को छूना था। अपना दर्द बयां करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। आज मैंने एक प्यारी बेटी को खो दिया है। ईश्वर तुम्हारी आत्मा को शांति दे। I miss you renu.”

सुदर्शन न्यूज़ चैनल के छत्तीसगढ़ ब्यूरो प्रमुख योगेश मिश्रा लिखते हैं- ”छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पत्रकारों पर नक्सलियों और पुलिस दोनों तरफ से दबाव बनाया जाता है जिससे पत्रकारिता करने की चुनौतियां कई सालों से तीखी हुई है. छत्तीसगढ़ में इन्हीं तनावों के कारण पत्रकार आत्महत्या तक करते रहे हैं. कुछ साल पहले मुंगेली जिले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार वैभव केशरवानी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. वैभव के जाने से पत्रकारिता जगत शोक में डूब गया था. अब अंबिकापुर जिले में TV न्यूज़ रिपोर्टर शैलेंद्र विश्वकर्मा की फांसी से झूलती लाश मिली. छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता जगत ने फिर एक प्रतिभाशाली पत्रकार खो दिया. अंबिकापुर में एक निजी चैनल में जिला संवाददाता के तौर पर कार्य कर रहे शैलेंद्र विश्वकर्मा की मौत की खबर पत्रकारिता जगत में जिस किसी भी को मिली हर कोई स्तब्ध रह गया. शैलेंद्र विश्वकर्मा एक सक्रिय पत्रकार के तौर पर सरगुजा संभाग में जाने जाते थे. प्रिंट मीडिया समेत कई इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सक्रिय तौर पर काम करने वाले शैलेंद्र फिलहाल रायपुर से प्रसारित एक निजी न्यूज़ चैनल में बतौर जिला संवाददाता काम कर रहे थे. हाल ही में हुए विकास यात्रा में भी शैलेंद्र ने बेहतरीन रिपोर्टिंग की थी. वह समय समय पर देश के राजनीतिक परिदृश्य पर भी अपने विचार सोशल मीडिया में लिखा करते थे. आखिरी रात भी शैलेंद्र ने सोशल मीडिया पर करीब 8:45 बजे शाम को एक पोस्ट लिखा था. ऐसे में अलसुबह उनकी लाश फांसी पर झूलते मिलने से उनके जान-पहचान वाले लोग और पत्रकारिता जगत से जुड़े लोग गम में डूब गए.”

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One comment on “छत्तीसगढ़ में 12 घंटे के अंदर दो युवा पत्रकारों ने फंदे से लटक कर दी जान, मीडियाकर्मी स्तब्ध”

  • pawan joshi says:

    Patrika management is so cruel like don . they are not humanitarian. I face same situation. They punish employee as he is not human.Thank god I am safe.

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