सुसाइड रोकने की दवाई अमेरिका ने बन ली!

Chandra Bhushan : खुदकुशी रोकने की दवाई… पिछली सदी में आत्महत्या को एक दार्शनिक समस्या कहा गया, लेकिन बाद में इस प्रवृत्ति को मनोरोग के दायरे में लेते हुए इसके निदान की कोशिशें भी हुईं। समस्या यह है कि किसी मरीज में इस तरह का रुझान देखे जाने पर इसकी वजह के रूप में कोई …

दैनिक भास्कर की भ्रष्ट प्रसार नीति ने ली अखबार वितरक की जान!

राजस्थान कोटा के अखबार वितरक राठौर ने दैनिक भास्कर के झूठे दिखावे के आगे 10 जनवरी 2019 को अपनी जान गंवा दी। भास्कर खुद को नंबर वन सिद्ध करने के लिये अब किसी की जान लेने में भी पीछे नहीं हटता। दैनिक भास्कर अपनी झूठी ग्राहक संख्या बताने के लिये वितरकों पर अपनी अखबार की …

PCS अफसर और महिला सिपाही ने जान दी, BJP विधायक गुजर गए

उत्तर प्रदेश से लगातार बुरी खबरों के आने का सिलसिला जारी है. ललितपुर में एक PCS अफ़सर ने ख़ुद को गोली से उड़ा लिया है. इनका नाम है हेमंत कुमार. ये फिहाल एसडीएम मड़वारा के पद पर तैनात थे. इन्होंने बन्द कमरे में खुद को गोली मारी. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद …

आइपीएस सुसाइड प्रकरण : घरेलू हिंसा के चलते अब महिलाओं से ज्यादा पुरुष कर रहे हैं आत्महत्या!

Yashwant Singh : फेमिली प्रॉब्लम कितनी खतरनाक हो जाया करती हैं, यह एक आईपीएस के सुसाइड से जाहिर होता है। मेरे समेत वो सब भाग्यशाली हैं जिनके पास फेमिली तो है, लेकिन प्रॉब्लम नहीं। हमें छोटी-छोटी खुशियों-उपलब्धियों के लिए नेचर / प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद …

छत्तीसगढ़ में 12 घंटे के अंदर दो युवा पत्रकारों ने फंदे से लटक कर दी जान, मीडियाकर्मी स्तब्ध

छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता मुश्किल दौर से गुजर रही है। मीडियाकर्मी तनावों और दबावों के कारण परेशान हैं। इसकी परिणति सुसाइड के रूप में हो रही है। बारह घंटे के भीतर दो पत्रकारों के सुसाइड से राज्य समेत देश भर के मीडियाकर्मी स्तब्ध हैं। अंबिकापुर में हिंदी न्यूज चैनल के पत्रकार शैलेन्द्र विश्वकर्मा और बस्तर में …

‘मेरा दिमाग ही मेरा दुश्मन है’ लिख कर महिला एंकर ने किया सुसाइड

भारत में एक महिला एंकर यह लिखकर सुसाइड कर लेती है कि- ”मेरा दिमाग ही मेरा दुश्मन है”.  आत्महत्या करने वाली यह महिला एंकर अपने पति से तलाक के बाद डिप्रेशन में चल रही थी. मामला आंध्र प्रदेश का है.   Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

चंदौली के पत्रकार डीके सिंह ने आत्महत्या की

पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक दुखद खबर आ रही है. वरिष्ठ पत्रकार डीके सिंह ने आत्महत्या कर लिया है. बताया जाता है कि वे किसी पारिवारिक विवाद के चलते तनाव में थे. चंदौली जनपद के सैय्यदराजा थाना के अन्तर्गत बरठी कमरौर के रहने वाले वरिष्ठ पत्रकार डीके सिंह अमर उजाला समेत कई अखबारों के संवाददाता रहे हैं.

दैनिक भास्कर के मीडियाकर्मी ने सुसाइड किया, जीएम से लेकर संपादक तक पर शक की सुई

दैनिक भास्कर होशंगाबाद एडिशन से खबर आ रही है कि यहां एक मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव ने अपने वरिष्ठों की प्रताड़ना से तंग आकर सुसाइड कर लिया. मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव ने कीटनाशक पीकर जान दी. परिजनों ने आत्महत्या के लिए दैनिक भास्कर के वरिष्ठों को जिम्मेदार ठहराया है. पिता ने इस बाबत जीएम हरिशंकर व्यास, संपादक विनोद सिंह और एड एजेंसी के ओंकार कोहली का नाम लिया है जिनकी प्रताड़ना से आत्महत्या करने को बेटा मजबूर हुआ. 

एक कामरेड पत्रकार के शोषण से तंग आकर महिला पत्रकार ने सुसाइड की कोशिश की!

‘दी वायर हिंदी’ में काम करते हैं आरोपी पत्रकार कृष्णकांत… एक साथ कई लड़कियों को प्रेम के जाल में फांसने और उन्हें धोखा देने का आरोप…

उपासना झा : प्रियंका ने आत्महत्या का प्रयास किया था.. बहुत अवसाद में चल रही थी.. उसके माता-पिता पहुँच चुके हैं… अब ख़तरे से बाहर तो है लेकिन उसे इस हाल में पहुंचाने वाले कृष्णकांत पर जिस तरह उसके खेमे वाले (वामपंथी) चुप हैं वह बहुत लज्जास्पद है.. नीचे वो पोस्ट दे रही हूं जिसे प्रियंका ने खुद लिखकर अपनी वॉल पर पोस्ट किया है…

दैनिक भास्कर रोहतक के संपादकीय प्रभारी ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या की

एक बड़ी और बुरी खबर रोहतक से आ रही है. दैनिक भास्कर के संपादकीय प्रभारी जितेंद्र श्रीवास्तव ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली है. बताया जा रहा है कि उनका प्रबंधन से लेटरबाजी भी हुई थी और पिछले दिनों पानीपत में हुई मीटिंग में उनकी कुछ मुद्दों पर अपने वरिष्ठों से हाट टॉक हुई थी. पर आत्महत्या की असल वजह क्या है, इसका पता नहीं चल पाया है.

राहुल इतने संजीदा और साफ दिल थे कि अगर किसी ने कुछ बोल दिया तो आंखों में आंसू आ जाते

Abhimanyu Shitole राहुल ने आत्महत्या कर ली… ! यह दुखद खबर जब से सुनी है मन उदास है। राहुल और मैं करीब साढ़े तीन-चार साल tv9 में एक साथ रहे। tv9 लॉन्च होने से पहले से वह मेरे साथ टीम में था। बेहद सौम्य, शालीन और अतंरमुखी लड़का। आंखों में हजार सपने पाले हुआ था। बोलता कम था, बस जो काम दो, वह पूरे मन से करता था। वह मेरे साथ प्रोडक्शन में था। कभी डे शिफ्ट, कभी नाइट शिफ्ट, कभी डे-नाइट दोनों एक साथ… नाराज होता था, लेकिन अपनी नाराजगी भी मन में ही दबा कर रखता था।

जी न्यूज के वरिष्ठ संवाददाता राहुल शुक्ला ने आत्महत्या के पहले फेसबुक पर लिखी थे ये कविता

Ashwini Sharma : बावरा मन देखने चला एक सपना… आखिर ऐसा कौन सा सपना था जिसे देखने की ख्वाहिश लिए जी न्यूज के वरिष्ठ संवाददाता राहुल शुक्ला ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया..उसने मुंबई के चांदिवली में फांसी लगाकर जान दे दी..राहुल की खुदकुशी की जानकारी मेरी पूर्व सहयोगी हर्षा ने मुझे कल रात को दी और तब से ही मेरा मन बेचैन हो उठा..साल 2009 में पहली बार राहुल मुझसे टीवी9 महाराष्ट्र में काम करने के दौरान मिला था..

मुंबई में टीवी पत्रकार राहुल शुक्ला ने आत्महत्या कर ली

Hari Govind Vishwakarma : पत्रकार ने की ख़ुदकुशी… यक़ीन नहीं हो रहा है, लेकिन यह सच है कि टीवी9 में मेरे पूर्व सहकर्मी और बेहद प्रतिभासंपन्न पत्रकार राहुल शुक्ला ने आज अपने नेरुल के घर में ख़ुदकुशी कर ली।

आत्महत्या के पहले अंगदान कर गए थे मुंबई के वरिष्ठ प्रेस फोटोग्राफर जगदीश औरंगाबादकर

इस पुरानी तस्वीर में फिल्म स्टार दिलीप कुमार के साथ प्रेस फोटोग्राफर जगदीश औरंगाबादकर दिख रहे हैं.

मुम्बई : सिनेमा जगत को कवर करने वाले जाने माने प्रेस फोटोग्राफर जगदीश औरंगाबादकर ने परसों मुम्बई के गोरेगांव स्थित अपने आवास पर आत्महत्या कर लिया था। इस घटना से सिनेमाजगत को कवर करने वाले पत्रकारों और फोटोग्राफरों में शोक का माहौल है। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक जगदीश औरंगाबादकर गोरेगांव स्थित अपने आवास पर अकेले थे।

मुंबई के वरिष्ठ फिल्म फोटोग्राफर जगदीश औरंगाबादकर ने आत्महत्या की

मुंबई से एक बड़ी और दुखद खबर आ रही है. वरिष्ठ प्रेस फोटोग्राफर जगदीश औरंगाबादकर ने आत्महत्या कर ली है. दादा के नाम से चर्चित जगदीश फ्रीलांस फिल्म फोटोग्राफर थे. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस वालों ने जगदीश दादा की लाश को नीचे उतारा. इस स्तब्धकारी घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन ने बेहद दुख जताया और श्रद्धांजलि दी.

सौमित खुदकुशी के बहाने मीडिया संस्थानों की हालत देख लीजिए

बेहद टैलेंटेड जर्नालिस्ट सौमित सिंह ने पायोनियर, डीएनए, मुंबई मिरर और हेडलाइंस टुडे जैसे तमाम बड़े कहे जानेवाले संस्थानों में बेहद सीनियर पदों पर काम करने के बावजूद भीषण बेरोजगारी का दंश झेला और 44 साल की उम्र में दो छोटी बच्चियों के भविष्य का ध्यान रखे बगैर अपनी जान दे दी। इसका मतलब है कि बड़े संस्थान और बड़े पद का अनुभव भी पत्रकारों को सुरक्षा भाव देने में असमर्थ है। आगे पता नहीं उसके परिवार का जीवनयापन कैसे होगा। पत्रकार संस्थाएं इसमें कोई भूमिका निभा भी सकती हैं या नहीं?

WHEN SAUMIT SINGH NEEDED HELP, NONE OF YOU WERE THERE….

सौमित सिंह की फाइल फोटो

I clearly remember that conversation with Saumit Singh. It was just after Independence Day in 2013. He was goading me to be more aggressive in my writing. “Tu Bohot Soft Hai. This is not journalism. You should say it the way it should be said,” he said.

जिसकी तस्वीरें मुकेश अम्बानी और शाहरुख़ खान जैसों संग जगमगा रही हों, वह शख्स पैसे के अभाव में फांसी के फंदे से झूल गया!

एक था सोमू…. जिसकी तस्वीरें मुकेश अम्बानी, शाहरुख़ खान, आमिर खान जैसी नामी गिरामी हस्तियों और धनकुबेरों के साथ उसके फेसबुक प्रोफाइल पर जगमगा रही हों, वह शख्स पैसे के अभाव में गरीबी से घबरा के यूँ किसी असहाय और अनाथ शख्स की तरह फांसी के फंदे से झूल जाए तो भला कौन यक़ीन कर पायेगा। यही वजह है कि मुम्बई, दिल्ली और लखनऊ के बड़े बड़े अखबारों में बरसों तक वरिष्ठ पत्रकार और कॉलमिस्ट रह चुके बेहद हैंडसम, मिलनसार, जिंदादिल और सौम्य व्यवहार के सौमित सिंह की 40 बरस में उमर में ख़ुदकुशी से हुई मौत पर अभी भी उनके बहुत से मित्रों को यकीन नहीं हो पा रहा।

…यूं ही सौमित सिंह की तरह आत्महत्या कर मरते रहेंगे पत्रकार!

पूर्वी दिल्ली के मधु विहार स्थित अपने आवास पर सोमवार की सुबह एक फ्रीलांस जर्नलिस्ट सौमित सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। खबर को जब मैंने फेसबुक पर इस स्टेटस के साथ शेयर किया…

हे विक्रम राव, फ्रांस की बातें बाद में कर लेना, पहले आत्महत्या करने वाले बुजुर्ग पत्रकार त्रिपाठी जी की सुध तो ले लो

पता चला है कि मई दिवस पर IFWJ की रैली में जुटेंगे 1200 श्रमजीवी पत्रकार और के. विक्रम राव होंगे मुख्य वक्ता…. इनसे मेरा कहना है कि पहले मलिहाबाद तो जाओ, फिर कर लेना फ्रांस की बातें… लखनऊ में नाका थाना क्षेत्र में आर्थिक तंगी के चलते वरिष्ठ पत्रकार चंद्र शेखर त्रिपाठी (74) ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी. श्री त्रिपाठी नव जीवन अख़बार में काम करते थे उसके बंद होने के बाद से इनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. लेकिन इन पत्रकार नेताओं को कभी फुर्सत नहीं मिली कि वे ऐसे पीड़ित और गरीब पत्रकारों की सुध लेते.

मुस्लिम लड़के से प्यार में धोखा खाई तो मरने के पहले पूरे कौम को कमीना बता गई (पढ़ें पत्र)

Sanjay Tiwari : वह दलित होकर भी वेमुला नहीं थी। न ही अखलाक हो पायी थी। आनंदी होती तो टीवी रोता। सोशल मीडिया भी निंदा ही करता लेकिन उसका दुर्भाग्य यह था कि वह न रोहित थी, न टीवी की आनंदी, इसलिए बिहार के एक जिले में सिंगल कॉलम की खबर बनकर रह गयी। लेकिन पूनम भारती की मौत का एक संदेश है। उसी तरह का संदेश जैसे रोहित वेमुला की मौत में एक संदेश था। पूनम भारती एक ऐसे झूठे फरेब का शिकार हुई जिससे वह प्यार के आवेग में बच नहीं पायी।

सूखे और कर्ज की मार झेल रहे यूपी के एक किसान ने नातिन की शादी से हफ्ते भर पहले कर लिया सुसाइड

सूखे से तप रहे यूपी के बेहाल बुंदेलखंड में किसान के पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं है शायद! इस मृतक किसान को नातिन की शादी करनी थी। धन का प्रबन्ध नही कर पाया तो ‘मेरा चोला हो लाल बसंती, सूख रही बुन्देली धरती’ कहते फांसी पर झूल गया! इसने बैंक से क्रेडिट कार्ड का 50 हजार का कर्ज लिया था जो चुकता नहीं हुआ!

इसलिए लड़के आत्महत्या नहीं करते, लड़कियां कर लेती हैं

प्रत्यूशा की मौत के बहाने : मरने वाली लड़की ही क्यों?

Sanjaya Kumar Singh : मैंने किसानों की आत्महत्या पर नहीं लिखा, डेल्टा मेघवाल की मौत पर भी नहीं लिखा लेकिन प्रत्यूशा बनर्जी की मौत पर लिख रहा हूं। कारण इसी में है फिर भी ना समझ में आए तो उसपर फिर कभी बात कर लेंगे। फिलहाल प्रत्यूशा और उसके जैसी अभिनेत्रियों की मौत के कारणों को समझने की कोशिश करते हैं। जो छोटे शहरों से निकलकर बड़ा काम करती है। शोहरत और पैसा कमाती हैं, सब ठीक-ठाक चल रहा होता है और अचानक पता चलता है कि उसकी मौत हो गई (आत्महत्या कर ली, हत्या हो गई या शीना बोरा की तरह) या गायब हो गई। कारण हर तरह के हैं, होते हैं लेकिन प्रेम संबंध, पति, प्रेमी, आशिक, ब्वायफ्रेंड की भूमिका भी सामने आती है और कुछ मामले खुलते हैं, कुछ नहीं खुलते हैं। मरने वाली बदनाम जरूरी होती है या कर दी जाती है। मीडिया ट्रायल की अलग समस्या है। जो तुरंत बंद होना चाहिए पर वह हमारे हाथ में नहीं है।

दैनिक जागरण प्रबंधन की प्रताड़ना से परेशान और मजीठिया वेज बोर्ड न मिलने से दुखी मीडियाकर्मी ने आत्महत्या की

लुधियाना से एक बुरी खबर आ रही है. पता चला है कि दो दशक से ज्यादा समय से दैनिक जागरण के साथ कार्यरत मीडियाकर्मी अतुल सक्सेना ने आत्महत्या कर लिया है. कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि उन्हें जहर देकर मारा गया है क्योंकि उन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड का केस वापस लेने के प्रबंधन के दबाव में आने से इनकार कर दिया था. अतुल ने मजीठिया वेज बोर्ड का हक पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में केस कर रखा था और इस मामले में फैसला आने में हो रही देरी से दुखी थे. उन पर दैनिक जागरण प्रबंधन लगातार दबाव बनाए हुए था कि वह केस वापस लें अन्यथा उनका दूरदराज तबादला कर दिया जाएगा.

फिर बन रही वेमुला प्रकरण जैसी भूमिका, हतास आइसा अध्यक्ष बोले- सपने धरे रह गये

लखनऊ : इन दिनों लखनऊ विश्वविद्यालय में वेमुला जैसे प्रकरण की भूमिका पूर्ण तैयार नजर आ रही है। आइसा के प्रदेश अध्यक्ष सुधांशु बाजपेई के सोसल मीडिया पर वायरल हुए एक संदेश से मामला बेहद गंभीर नजर आ रहा है। मामले के बारे में हमने पड़ताल करने के लिए आइसा के प्रदेश अध्यक्ष से सीधे संपर्क किया तो उनका जवाब था “मेरा एक साल बर्बाद हो गया मै पी॰ एच॰ डी॰ करना चाहता था, लेकिन सारे सपने धरे रह गए अब समझ में आया वेमुला कैसे बनते हैं।”

यूपी में ‘समाजवादी’ जंगलराज : लखनऊ में छेड़खानी से परेशान एक मेडिकल छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी

बधाई हो सरकार में बैठे समाजवादियों और तुम्हारे कारकूनों! तुम्हारे अटूट प्रयास आज फलीभूत हुए और नतीजा यह हुआ कि बीती रात एक मेडिकल छात्रा ने राजधानी के गुडम्बा कालोनी में अपने कमरे में पंखे से लटक  कर खुद को मौत हवाले कर दिया। बधाई हो। ताज़ा खबर है कि लखनऊ के एक डेंटल मेडिकल छात्रा ने छेड़खानी से त्रस्त होकर फांसी लगा ली। पिछले कई महीने से मोहल्ले से लेकर कॉलेज आसपास शोहदों ने उसका जीना हराम कर रखा था। मानसिक तनाव इतना बढ़ने लगा कि उसे खुद की जिंदगी ही अभिशाप लगाने लगी। उसे लगा कि उसका स्त्री-देह ही उसका सबसे बड़ा दुश्मन है। बस फिर क्या था। इस बच्ची ने उस कलंक-अभिशाप को ही हमेशा-हमेशा के लिए धो डाला।

आगरा स्थित केंद्रीय हिंदी संस्थान में कार्यरत हिंदी के युवा कवि दलित प्रकाश साव ने खुदकशी की

केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा में पूरे दस साल तक ठेके की नौकरी करते हुए हिंदी के युवा कवि प्रकाश साव ने कर ली खुदकशी. अपने टीटीगढ़ स्थित घर में रात को उसने नींद की गोलियां खा ली और सुबह फिर नींद से उठा ही नहीं. अबकी दफा उससे हमारी बात भी नहीं हुई. हाल में पिछली दफा जब वह कोलकाता आया तो उसने फोन किया था. अब उससे फिर मुलाकात की कोई संभावना नहीं है.

दिव्य भास्कर के कर्मी ने आत्महत्या की

गुजरात से एक बड़ी खबर आ रही है. बीते 27 अगस्त को गुजरात के भावनगर सिटी में दिव्य भास्कर अखबार के एक कर्मचारी दिलीप भाई ने सुसाइड कर लिया. सूत्रों के मुताबिक दिलीप भाई एमआईएस डिपार्टमेंट में काम करते थे. आरोप है कि दिव्य भास्कर के सौराष्ट्र समाचार के यूनिट हेड की प्रताड़ना के चलते …

जगेंद्र की फोरेंसिक रिपोर्ट से घटनाक्रम में नया मोड़, हत्या नहीं, खुदकुशी !!

लखनऊ की फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट ने जगेंद्र हत्‍याकांड को खुदकुशी करार दिया है। बताया गया है कि जगेन्द्र ने खुद आग लगाई थी. छाती के बाईं तरफ से आग से जलने के निशान पाए गए हैं. गौरतलब है कि जगेन्द्र ने घायल होने के बाद बयान दिया था और यूपी के मंत्री राममूर्ति वर्मा और यूपी पुलिस पर आग लगाने का आरोप लगाया था। 

शैलेंद्र शर्मा आत्महत्या कांड : ‘दबंग दुनिया’ के सीईओ समेत चार पर लटकी कार्रवाई की तलवार

खंडवा (म.प्र.) : दबंग दुनिया अखबार के मार्केटिंग विभाग से जुड़े रहे शैलेंद्र शर्मा ने काम के दबाव के चलते तीन माह पहले खंडवा के एक होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब उस मामले में खंडवा पुलिस ने दबंग दुनिया के सीईओ सहित चार लोगों के खिलाफ धारा 304 के तहत प्रकरण दर्ज करने की तैयारी कर ली है।