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हिंदी भाषा के जानकार इस संपादक के इस लेख के इस शीर्षक का अर्थ समझाएं!

वरिष्ठ पत्रकार, विश्लेषक, अनुवादक और एक्टिविस्ट अभिषेक श्रीवास्तव ने हिंदुस्तान अख़बार के प्रधान संपादक शशि शेखर के आज हिंदुस्तान अख़बार में छपे आर्टकिल पर सवाल पूछा है-

हिंदी भाषा के जानकार इस संपादक के इस लेख के इस शीर्षक का अर्थ समझाएं। सुप्रभात!

कुछ टिप्पणियाँ-

इसी तरह की भाषा और हेडिंग की ज़रूरत होती है जब आप चीज़ें को गोल मोल कर रहे हों. -सुशील मानव

इसीलिए कहते हैं एक समय के बाद रिटायरमेंट ले लेना चाहिए. -रोहित शांडिल्य

सुबह अखबार खोला तो नज़र इसी शीर्षक पर टिकी. सोचता रहा कि आखिर क्या है यह. अभी भी सोच ही रहा हूँ. -रईस अहमद लाली

पैदा करने के अर्थ में संपादक जी ने “जनता” का प्रयोग कर दिया है और अपनी ऐसी-तैसी कर ली है। -स्वामी व्यालोक

इसका अर्थ है, “अरे कहना क्या चाहते हो”। -हिमांशु शेखर झा

बहुत काव्यात्मक है, जनता वो नहीं जो लोग समझते हैं यह जनना (पैदा करना) से बना जनता है। -हेमंत जोशी

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4 Comments

4 Comments

  1. सँजीव

    August 25, 2024 at 1:14 pm

    बढ़िया हेडिंग है। जनता यानि जनन करता।
    इसमें दिक्कत समझने वाले की बुद्धि में है, लिखने वाले में नहीं।

  2. मयंक तिवारी

    August 25, 2024 at 11:35 pm

    अच्छी पंक्ति है, लेकिन अखबार में यह ठीक नहीं।

  3. Ranjeet Gupta

    August 26, 2024 at 3:29 pm

    समस्या से समस्या पैदा करता देश जनता का मतलब जनना… थोड़ी क्लिष्ट हिंदी है

    हालांकि इस दौर के हिंदी पढ़ने वालों के लिए थोड़ा मुश्किल जरूर है बशर्ते आपकी हिंदी पर पकड़ होना जरूरी है सवाल खड़े करने के लिए तो तमाम विषय हैं किसी पर भी किया जा सकता है

    रंजीत गुप्ता

  4. मनोज कुमार अग्रवाल

    August 28, 2024 at 4:59 pm

    इन्हें अवकाश पर भेज देना चाहिए लेकिन हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर की आंखों पर पट्टी बांध रखी है।

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