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गाड़ी खरीदने जा रहे तो इसे जरूर पढ़िए, इंश्योरेंस और RTO चार्जेज़ पर वसूली कर रहे शोरुम

गाड़ी चाहे 2 व्हीलर हो चाहे 4 व्हीलर। शोरुम वाले अब कमीशन के अलावा RTO और इंश्योरेंस चर्जेज़ पर जमकर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। और यह जानकर आश्चर्य होगा कि इस वजह से कस्टमर को गाड़ी उसकी ओरिजनल प्राइज से भी अधिक की पड़ रही है। वो ओरिजनल प्राइज जिसमें टैक्स, कमीशन पहले से ही जुड़ा रहता है। आपको बता दें शोरुम वाले यह लूट इसलिये कर पा रहे हैं क्योंकि नियमानुसार गाड़ी बिना इंश्योर्ड हुये शोरुम से बाहर नहीं निकल सकती। और तो और उसका टैक्स भी पेड होना जरुरी है। अब ऐसे में शोरुम इनके अमाउंट में मनचाहा फेरबदल करके ऊपरी कमाई कर रहे हैं और नियमों का हवाला देकर खुलेआम आपकी जेब काट रहे हैं।

गाड़ी चाहे 2 व्हीलर हो चाहे 4 व्हीलर। शोरुम वाले अब कमीशन के अलावा RTO और इंश्योरेंस चर्जेज़ पर जमकर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। और यह जानकर आश्चर्य होगा कि इस वजह से कस्टमर को गाड़ी उसकी ओरिजनल प्राइज से भी अधिक की पड़ रही है। वो ओरिजनल प्राइज जिसमें टैक्स, कमीशन पहले से ही जुड़ा रहता है। आपको बता दें शोरुम वाले यह लूट इसलिये कर पा रहे हैं क्योंकि नियमानुसार गाड़ी बिना इंश्योर्ड हुये शोरुम से बाहर नहीं निकल सकती। और तो और उसका टैक्स भी पेड होना जरुरी है। अब ऐसे में शोरुम इनके अमाउंट में मनचाहा फेरबदल करके ऊपरी कमाई कर रहे हैं और नियमों का हवाला देकर खुलेआम आपकी जेब काट रहे हैं।

ऐसे समझिये दलाली का खेल… गाड़ी कोई भी तो उसकी बेस प्राइज का 7% RTO लगता है। और उसकी ट्रू वेल्यू पर इंश्योरेंस होता है। लेकिन… जब आप शोरुम से कोटेशन लेते हैं तब उसमें RTO चर्जेज़ 7% से ज्यादा रहता है। इतना ही नहीं इंश्योरेंस की EMI में भी बड़ा फर्क होता है। हालाँकि यह दोनों चीजें कस्टमर खुद करा सकते हैं, लेकिन तब शोरुम वाले आपको गाड़ी देंगे नहीं। क्योंकि 1 बाइक में जहां 1500 से 2000 का ऑन पेपर कमीशन मिलता है। वहीं इस तरह की दलाली से उससे ज्यादा इन्कम हो जाती है।

एक एश्योरेंस कम्पनी के एजेंट ने बताया कि आजकल शोरुम वालों को गाड़ी बेचने से ज्यादा इंट्रेस्ट इंश्योरेंस और दूसरे कम्पलसरी पेपर वर्क पर मिलने वाले कमीशन में रहता है। आप शोरुम से इंश्योरेंस करवायेंगे तो वह महंगा पड़ेगा बजाय इंश्योरेंस कम्पनी के ऑफिस से। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि आप रसीद में सेम अमाउंट शो करते हो तो यह अमाउंट(कमीशन) एडजस्ट कहां करते हो? तो उन्होंने चुप्पी साध ली।

RTO की बात करें तो जहां 7% टैक्स लगता है। वहीं शोरुम में यही टैक्स 8 से 10% तक वसूला जा रहा है। जबकि ऑनर खुद RTO ऑफिस जाकर जाकर फॉर्मेलिटी करके गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नम्बर प्राप्त कर सकता है। लेकिन ऐसा करने से शोरुम को कमीशन नहीं मिलेगा और वह आपको गाड़ी हैंड ओवर नहीं करेगा। आपके सामने एक कोटेशन है। जिसमें गाड़ी टैक्स के साथ 87 हजार 545 की है। उसमें बतौर RTO 8280 रुपये लिया गया है। जबकि ओरिजनल अमाउंट 6128(7%) होता है। वहीं इंश्योरेंस के 2315 जोड़े हैं। जबकि उसी कम्पनी के ऑफिस से यह अमाउंट करीब 1940 बताया गया। इस लिहाज से जो गाड़ी 95 हजार से कुछ अधिक की थी। वह कस्टमर को 98 हजार से भी ज्यादा की पड़ी। यही सब 4व्हीलर पर भी होता है। कोई डीलर एक्स शोरुम प्राइज पर गाड़ी छोड़ देता है। तो कोई उस पर RTO और इंश्योरेंस अलग से जोड़कर बेच रहा है।

आशीष कुमार चौकसे
पत्रकार, राजनीतिक विश्लेषक और ब्लॉगर
[email protected]

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