दिल्ली की हाईप्रोफाइल कॉलगर्ल सिमरन से जुड़े एमपी हनीट्रैप के तार

एसआईटी खोलेगी नौ साल पुरानी फाइल जिसमें दो कद्दावरों के नाम दर्ज़ हैं….. दिल्ली की हाई प्रोफाइल  कॉल गर्ल सिमरन से हनी ट्रैप कांड के तार जुड़ते नज़र आ रहे हैं।नयी  एसआईटी हनी ट्रैप कांड की जांच को लेकर 9 साल पुरानी उस फाइल को पुनः खोलने जा रही है, जिसमें दिल्ली की कॉलगर्ल सिमरन  का नाम दर्ज है। दरअसल सिमरन का संबंध एक आरोपी महिला से निकल आया है।उस समय सिमरन के मोबाइल फोन ने भाजपा सरकार के दो कद्दावर मंत्रियों और एक पुलिस अधिकारी के नाम उगले थे।

9 साल पुरानी  फाइल 2011 में एमपी नगर की एक होटल में पकड़ी गई दिल्ली की हाई प्रोफाइल कॉल गर्ल सिमरन की है। उस समय जांच के दौरान कॉल गर्ल्स के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल में दो पूर्व मंत्रियों और एक पुलिस अधिकारी का नाम सामने आया था। तत्कालीन सरकार के 2 कद्दावर मंत्रियों के नाम सामने आने के बाद मामले को दबा दिया गया था।अब एसआईटी इसकी जांच इसलिए कर रही है, क्योंकि भोपाल में पकड़ी गई एक आरोपी महिला की दिल्ली की कॉल गर्ल सिमरन से दोस्ती थी। पुलिस सिमरन से जुड़े हनीट्रैप गैंग के कनेक्शन की जांच कर रही है। ये जांच सिमरन और भोपाल की महिला आरोपी के संबंधों और उनकी सक्रियता को लेकर की जा रही है। एसआईटी का शक है कि भोपाल की महिला आरोपी ने दिल्ली की हाईप्रोफाइल कॉल गर्ल सिमरन के जरिए कई रसूखदारों को फंसाने का काम किया होगा।

अभी तक जो संकेत मिले हैं उससे लगता है कि मध्यप्रदेश का हनीट्रैप मामला देश का सबसे बड़ा सेक्स स्कैंडल हो सकता है। इस मामले की जांच में जब्त लैपटॉप और मोबाइल फोन से करीब 4,000 फाइलें मिली हैं। इनमें अश्लील चैट के स्क्रीनशॉट, अधिकारियों के अश्लील फुटेज, समझौता करने के अधिकारियों के वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले हैं। इन क्लिप्स में बड़ी संख्या में कथित तौर पर नौकरशाह, मंत्री और पूर्व सांसद शामिल हैं।डिजिटल फाइलों की संख्या 5 हजार तक जा सकती है।

अभी तक की जांच में ये भी सामने आया हैकि ब्लैकमेलर्स महिलाएं भोपाल के अमीरों के क्लब में आती-जाती थीं। वहां पर उनके लिए कमरे बुक कराए जाते थे।अब इन क्लबों के चेक-इन रजिस्टर गायब हैं और उन अन्य रिकॉर्डों में हेरफेर करने का प्रयास किया जा रहा है, जिनमें इन लड़कियों की तस्वीरें रिकॉर्ड हैं। हनीट्रैप में वरिष्ठ नौकरशाहों से लेकर जूनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर, भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की अंतहीन सूची है। एसआईटी जांच टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन वीडियो और तस्वीरों को लीक होने से रोकना है, जिससे वह गलत हाथों में न पड़ें। मामले में जांच कर रहे एक निरीक्षक बाहर कर दिया गया है। उस पर आरोप था कि उसने पकड़े गए फोन में से कुछ क्लिप को ब्लूटूथ के जरिए अपने फोन में ट्रांसफर कर लिया था।

इंदौर नगर निगम के इंजीनियर हरभजन की तीन  करोड़ रुपए मांगने की शिकायत के बाद भोपाल और इंदौर पुलिस ने कार्रवाई कर ब्लैकमेलिंग करने वाली पांच महिलाओं को गिरफ्तार किया था। यह महिलाएं अफसरों और नेताओं के वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थीं। इस हाईप्रोफाइल मामले में एक पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व राज्यपाल, पूर्व सांसद, भाजपा और कांग्रेस से जुड़े नेता, नौकरशाहों और कुछ पत्रकारों के फंसे होने की बात कही जा रही है।

वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट.



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