एसएमबीसी इनसाइट चैनल का लाइसेंस रद्द करने के लिए मंत्रालय के सचिव को भेजा पत्र

सेवा में,
सचिव
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
ए विंग, शास्त्री भवन
नई दिल्ली

विषय : एसएमबीसी इनसाइट चैनल द्वारा अपलिंकिंग/डाउनलिंकिंग दिशानिर्देशों के उल्लंघन के संदर्भ में

महाशय,

उपरोक्त विषय के संदर्भ में सूचित करना है कि सी मीडिया सर्विस प्रा. लि. द्वारा संचालित न्यूज चैनल एसएमबीसी इनसाइट लगातार सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अपलिंकिंग/ डाउनलिंकिंग के लिए तय दिशा निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है। इस संदर्भ में मैं आपका ध्यान निम्न बिन्दुओं की तरफ दिलाना चाहता हूं…

1. सी मीडिया सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को पूर्व में वॉयस ऑफ सेंट्रल इंडिया के नाम से न्यूज चैनल शुरू करने की अनुमति दी गई थी। बाद में सी मीडिया प्रा. लि. ने इसका नाम बदलकर एसएमबीसी इनसाइट कर दिया।

2. एसएमबीसी इनसाइट का रजिस्टर्ड कार्यालय फर्स्ट फ्लोर, ओबरॉय कॉम्पलेक्स, गोरखपुर रोड, जबलपुर दर्ज है। मंत्रालय को दी गई सूचना के अनुसार चैनल का प्रसारण भी जबलपुर से ही किया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि इस चैनल का प्रसारण पिछले एक साल से एच-61, सेक्टर- 63 से किया जा रहा है। इस संदर्भ में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई, जो कि अपलिंकिंग के तय सरकारी दिशानिर्देशों ( धारा 3.1.4) का उल्लंघन है।

3. अपलिंकिंग / डाउनलिंकिग दिशानिर्देशों के तहत सी मीडिया सर्विस को एसएमबीसी इनसाइट के नाम से चैनल चलाने की अनुमति दी गई है, लेकिन चैनल पिछले 15 दिनों से एसएमबीसी इनसाइट के साथ साथ न्यूज एक्सप्रेस लाइव के लोगो के साथ चल रहा है, जिससे दर्शकों के बीच भ्रम फैल रहा है। इसके लिए संबंधित विभाग को किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी गई है। इसकी पुष्टि आप अपने मॉनिटरिंग विभाग से करा सकते हैं।

4. चैनल को एनएसपीटीएल, ग्रेटर नोएडा से अपलिंक किया जा रहा है। एनएसपीटीएल ने भी इस संबंध में सी मीडिया सर्विस प्रा. लि. से कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा। ऐसे में एनएसटीपीएल भी सीधे तौर से सरकार के दिशानिर्देशों के उल्लंघन का जिम्मेदार है।

5. एसएमबीसी इनसाइट इससे पहले भी इस तरह के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता रहा है। चैनल को इसी साल 31.07.2015 को एक चेतावनी पत्र दिया गया था।

6. एमएमबीसी इनसाइट सरकार के उस निर्देश का पालन भी नहीं कर रहा है, जिसके तहत चैनल के लिए यह जरूरी है कि कम से कम 90 दिनों तक प्रसारित कार्यक्रमों का रिकॉर्ड रखे। इसकी पुष्टि चैनल से 15 दिन की रिकॉर्डिंग मांग कर की जा सकती है।

7. अत : आप से विनम्र निवेदन है कि इस संदर्भ में जांच कर चैनल का लाइसेंस रद्द करने की दिशा में कार्रवाई करें।

भवदीय
निशी पासवान
स्वतंत्र पत्रकार
nishipaswan@gmail.com

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