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एस एन झा या भवेश नंदन झा के गजबे दुनिया

आर्द्रा मूवीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दूरदर्शन बिहार के लिए देश-विदेश में रह रहे दर्शकों को ध्यान में रखते हुए एक धारावाहिक का निर्माण किया गया है, जिसका नाम है अमूल “एस.एन.झा के गजबे दुनिया”. मैथिली भाषा में प्रसारित हो रहे इस हास्य धारावहिक का प्रसारण 16 जुलाई से हो रहा है. इसे हर बृहस्पतिवार को शाम 6:00 बजे से प्रसारित किया जाएगा. इसके प्रस्तुतकर्ता हैं अमूल. “एस. एन. झा के गजबे दुनिया” एक महत्वाकांक्षी पत्रकार एस.एन.झा (सूर्य नारायण झा) के पत्रकारिता जीवन और आम जनता की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने जैसे मुद्दे को लेकर बनाया गया है. अपने शुरूआती दिनों में पत्रकारिता करने वाले निर्माता-निर्देशक भवेश नन्दन यकीन के साथ कहते हैं कि ये धारावाहिक सभी वर्गों को पसंद आएगा.

आर्द्रा मूवीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दूरदर्शन बिहार के लिए देश-विदेश में रह रहे दर्शकों को ध्यान में रखते हुए एक धारावाहिक का निर्माण किया गया है, जिसका नाम है अमूल “एस.एन.झा के गजबे दुनिया”. मैथिली भाषा में प्रसारित हो रहे इस हास्य धारावहिक का प्रसारण 16 जुलाई से हो रहा है. इसे हर बृहस्पतिवार को शाम 6:00 बजे से प्रसारित किया जाएगा. इसके प्रस्तुतकर्ता हैं अमूल. “एस. एन. झा के गजबे दुनिया” एक महत्वाकांक्षी पत्रकार एस.एन.झा (सूर्य नारायण झा) के पत्रकारिता जीवन और आम जनता की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने जैसे मुद्दे को लेकर बनाया गया है. अपने शुरूआती दिनों में पत्रकारिता करने वाले निर्माता-निर्देशक भवेश नन्दन यकीन के साथ कहते हैं कि ये धारावाहिक सभी वर्गों को पसंद आएगा.

भवेश नन्दन का धारावाहिक के विषय वस्तु के बारे में कहना है, “एक पत्रकार के लिए जहाँ बड़े-बड़े राजनेता, हस्ती एवं उद्योगपतियों के साथ उठना-बैठना सामान्य बात है, वहीं दूसरी और वह छोटी-छोटी घरेलू समस्याओं से परेशान भी रहता है. पत्रकार एस. एन. झा (सूर्यनारायण झा) की पत्नी (चन्द्रकला झा) पत्रकारिता को आम पेशा की तरह रोजी-रोटी का एक साधन मात्र मानती है. वहीं पत्रकार एस. एन. झा  इसे पेशा न मानकर इसे कर्तव्य मानते हैं. वह भले ही आम लोगों की समस्या को उजागर करने के लिए दिन रात की कड़ी मेहनत करते है, परन्तु अपनें घर की समस्याओं को नज़रअंदाज कर साप्ताहिक छुट्टी वाले दिन घर में आराम फरमाना चाहते हैं. किन्तु हर सप्ताह एक नये कड़ी में आगाज होता है एक समस्या का, जिसको सुलझाने में श्रीमान की छुट्टी खराब हो जाती है, इसको सुलझाने में सरल हास्य उत्पन्न होता है..यही इस सीरियल का मुख्य आधार है”

“ये धारावाहिक एक पत्रकार की कहानी है और हम सभी कहीं ना कहीं इस कहानी से अपने आप को जुड़ा हुआ महसूस करेंगे. जिंदगी की भाग-दौड़ में अगर हास्य व्यंग्य का समावेश ना रहे तो किसी भी सामान्य आदमी के लिए दैनिक कार्य करना मुस्किल हो जाता है, धारावाहिक एक आम इंसान के दैनिक जीवन में हास्य व्यंग्य के महत्ता को परिभाषित करता है.”

दर्शकों को भरपूर मनोरंजन देने के लिए इस धारावहिक की विशेषता है कि किसी ख़ास समस्या को केंद्र में रखकर संभवतः निदान भी उसी कड़ी में कर दिया जाता है, जिससे दर्शकों को अगली कड़ी में रखे जाने वाला एक नई समस्या को देखने के लिए बेसब्री से इंतज़ार होगा.धारावाहिक के निर्माता और निर्देशक हैं भवेश नन्दन झा, भवेश नन्दन नंदन झा इससे पहले कई एड फिल्म, डॉक्युमेंट्री फिल्म तथा लघु फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं.  इस धारावाहिक में मुख्य भूमिका है अनिल मिश्र व रोशनी झा की.  इस धारावाहिक की स्क्रिप्ट लिखा है विकास झा ने..जबकि सिनेमेटोग्राफी खालिद अब्बास के जिम्मे है..सम्पादन एल. के. शशि कर रहे हैं. इसके सहायक निर्देशक हैं अमिताभ भूषण, ओमप्रकाश गुंजन, अविनाश प्रभाकर व अपर्णा झा, कार्यकारी निर्माता हैं प्रशांत कुमार व मुकेश चन्दन.

ब्लॉग से साभार

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