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कैंसर पेशेंट को रुला दिया ‘स्टार हेल्थ’ बीमा कंपनी ने!

वो कहती हैं कि देखिए मैं कस्टमर केयर से नहीं हूं, मुझसे ऐसे बात ना करें… (मानों कस्टमर केयर वाले गाली खाने के लिए हैं, मैं नहीं) मैडम ने ये कहकर फ़ोन काट दिया कि मैं आपको मेल पर जवाब दूंगी… हालांकि, मैडम का जवाब अब तक मेल पर नहीं आया… अब बात स्टार हेल्थ की मक्कारी की एक और नई कहानी…

रोहित विश्वकर्मा-

ये thread सहानुभूति के लिए नहीं आपकी सावधानी के लिए है… कैंसर की तरह भयावह है स्टार हेल्थ की पॉलिसी.. इनका CEO भी इसमें शामिल लगता है.. क्योंकि उसे भी मेल किया जा चुका है.. इनका नया घोटाला बताने से पहले कुछ पृष्ठभूमि…

ये हैं एक रिटायर्ड प्रिंसिपल है … डॉ. कुसुम लता विश्वकर्मा … चालीस साल से ज्यादा बेहद ईमानदारी से नौकरी की .. हमेशा सर उठाकर जिया .. लेकिन रिटायर होने के बाद पता चला कि इन्हें कैंसर है .. वो भी रेयर … और चौथे स्टेज में प्रवेश कर चुका था… खुशकिस्मती से इनके पास हेल्थ पॉलिसी है… बदकिस्मती से पॉलिसी स्टार हेल्थ की है. एडवांस स्टेज कैंसर की वजह से एक साल में इन्हें AIIMS रायपुर से, दिल्ली के Sir Gangaram और फिर हैदराबाद के Indo American अस्पताल में इलाज के लिए दौड़ना पड़ा.

जटिल ऑपरेशन.. कीमो, रेडिएशन के बाद इम्यूनोथेरेपी से गुजर चुकी हैं. भविष्य पता नहीं. हंसती रहती हैं हिम्मत नहीं हारी. 18 कैशलेस क्लेम अब तक किए गए और सब में कैश खर्च किया. हर क्लेम में कंपनी ने रुलाया. कई बार रिजेक्ट किया. जूझने के बाद अप्रूव किया. ये ख़ुशक़िस्मत हैं कि इनका बेटा इनके लिए कंपनी से लड़ता है और स्टार हेल्थ के जबड़े से पैसे वापस निकलवा लाता है.

लेकिन जरा सोचिए एक अकेले बुजुर्ग ख़ासकर सिंगल वुमन की क्या हालत होगी? अगर उसे चौथे स्टेज के कैंसर में… Chemo के बाद जर्जर शरीर के साथ, स्टार हेल्थ जैसी अमानवीय कंपनी से लड़ना पड़े. कैशलेस क्लेम में अगर उसे अपनी पेंशन से लाखों का बिल देना पड़े तो वो कैसे देगी… कैसे बार-बार फ़ोन करके मेल लिख-लिख कर वकील करके अपने क्लेम सेटेल कराएगी. कंपनी के 99% से ज्यादा क्लेम सेटलमेंट के दावे पर ना जाएं, क्योंकि कंपनी इस बात का आंकड़ा नहीं बताती की हर क्लेम में कितने पैसे काट लिए.. पीड़ित लोगों का रिव्यू पढ़ लीजिए कंपनी की करतूतों का अंदाजा लग जाएगा.. स्क्रीन शॉट्स नीचे हैं..

वैसे मेरे मामले में हाल ही में सोशल मीडिया पर पोल खुलने के बाद इस कंपनी की कॉर्पोरेट communication हेड (महिला हैं नाम नहीं लिख रहा) ने मुझे फ़ोन कर बताया कि कंपनी, मेरे जैसे करोड़ों क्लाइंट से डील करती है… और वैसे भी कंपनी ने अब तक लाखों का क्लेम पास किया है कुछ कटौती हो गयी तो क्या.. अब तक मैंने तो सिर्फ कुछ लाख ही खर्च किए हैं. इन जाहिल बातों से मेरा ख़ून खौला.. मैंने कहा “मैडम आप कोई चैरिटी नहीं कर रहीं”, ये आपका धंधा है (बिज़नेस) जिसके लिए मैंने आपको सालों से पैसे दिए हैं… और इन पैसों के बदले आपने मुझे सेवाएँ देने का कॉन्ट्रैक्ट किया है.

कंपनी मेरे दिए गए पैसों का इस्तेमाल अपनी कमाई में करती रही है.. तब वो कहती हैं कि देखिए मैं कस्टमर केयर से नहीं हूं… मुझसे ऐसे बात ना करें… (मानों कस्टमर केयर वाले गाली खाने के लिए हैं, मैं नहीं) मैडम ने ये कहकर फ़ोन काट दिया कि मैं आपको मेल पर जवाब दूंगी… हालांकि मैडम का जवाब अब तक मेल पर नहीं आया… अब बात स्टार हेल्थ की मक्कारी की एक और नई कहानी..

स्टार हेल्थ कंपनी ‘गजनी’ है
जो अपनी पॉलिसी बेचकर भूल जाती है कि उसमें लिखा क्या है… ये आपको याद दिलाना होगा. एक ही बीमारी के.. एक ही डॉक्टर के.. एक ही दवा के.. एक ही अस्पताल के हर क्लेम में कभी 20 हज़ार… कभी 40 हज़ार काटने के बाद अब सीधे एक लाख से ज्यादा की रकम काट ली. हर बार कंपनी को याद दिलाना होता है कि पॉलिसी अनलिमिटेड sum assured refill है… जिसमें मॉर्डन ट्रिटमेंट भी कवर है.. इसके लिए मैंने कई साल से कंपनी को मोटा प्रिमीयम दिया है.. लेकिन स्टार ओआरएम के कर्मचारी कान में तेल डालकर बैठे रहते हैं.. इन्हे मालूम है हर मरीज तो लड़ नहीं सकता.. जो लड़ेगा उसे हफ्तों महीनों तक लटका कर बाद में क्लीयर कर देंगे.. दो चार पैसे तो कंपनी बचा ही लेगी…

हद तो तब हो गयी कि ये कह दिया कि… आपके पैसों का कवर खत्म हो गया है.. यानी या तो कंपनी ने झूठ बोलकर पॉलिसी बेची या फिर अब झूठ बोलकर पैसे काट रही है.. मुझे मालूम है कि हर बार की तरह ये फिर से अपनी मक्कारी को मानकर पैसे लौटाएंगे..लेकिन उसके लिए मुझे कुछ महीने इंतज़ार करना होगा… यदि गलती से आपने इस कंपनी की पॉलिसी ले ली है तो तैयार रहिए बार-बार अपने हक के लिए लड़ने के लिए.. कैशलेस में भी आपको भारी भरकम कैश खर्च करना पड़ सकता है… आप मेल करके पूछते रहेंगे लेकिन स्टार हेल्थ कभी भी रिजेक्ट /कटौती करने की पूरी जानकारी आपको नहीं देगी.. वो घुमावदार भाषा में जवाब देगी.. मेरी सलाह है आप स्टार हेल्थ की पॉलिसी ना लें वरना बाद में पछताना पड़ सकता है.

और अब अंत में बहरहाल निवेदन है कि मुझे Ombudsman या बीमा लोकपाल… या फिर उपभोक्ता न्यायालय जाने की सलाह देना जरूरी नहीं.. ये सारे उपाय मैं इस्तेमाल कर रहा हूं.नियम के तहत मुझे स्टार हेल्थ से हर क्लेम रिजेक्ट या ग़लत कटौती के बाद इन धोखेबाजों को मेल लिखना होता है और क़रीब एक महीने का इंतज़ार करना होता है.. जिसके बाद ही मैं आगे की कानूनी लड़ाई लड़ सकता हूं… लेकिन तब तक मैं किसी और को इस धोखे का शिकार नहीं होने देना चाहता हूं… इसलिए अपने तजुर्बे से आगाह करता रहता हूं.

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