Narendra Nath Mishra
@iamnarendranath
सुब्रत रॉय ने लार्जर देन लाइफ जी। पैसा “अश्लील” तरीक़े से कमाया। उसका प्रदर्शन भी “अश्लीलता” से किया। पैसे की क़ीमत पर “रसूख़” का “अश्लील” प्रदर्शन किया। समाज में अगर आपके पास पैसा है तो किस तरह मंत्री-संतरी किस तरह सर झुकाते हैं उसकी मिसाल दिखाई। अपनी रंगीन ज़िंदगी जी। रोशन रखा। पूरा आनंद लिया। हाँ, इसकी क़ीमत उन्होंने कई ग़रीबों के जीवन का रंग छीनकर ली। उनके घर अंधकार कर अपना जीवन रोशन किया। RIP
Ajit Anjum
@ajitanjum
सौ फीसदी सहमत .
अपनी जमा पूंजी सहारा में लगाकर सब चुके हजारों लोग आज भी दर दर भटक रहे हैं .
उनके पैसे से अरबों का साम्राज्य बनाकर किंग साइज लाइफ जीने वाले सुब्रत रॉय की सबसे बड़ी हकीकत तो ये है .
Ranvijay Singh
@ranvijaylive
सहारा की जॉब एक समय में सरकारी जॉब मानी जाती थी. ऐसा जलवा था.
फिर सब बर्बाद हो गया.
वक्त
विनीत नारायण-
सहाराश्री एक अनूठे इंसान थे। इसी वर्ष 25 जुलाई 2023 को मुंबई के सहारा होटल में दोपहर में मैं सहाराश्री के कमरे में उनके आतिथ्य का लाभ ले रहा था। वे बीमार थे और पलंग पर लेटे थे। होटल के कमरे को अस्पताल जैसा स्वरूप दिया गया था। फिर भी सहाराश्री बड़े स्नेह से मिले और उनके सेवकों द्वारा मुझे तमाम पकवान परोसे गए। वे बोले आपके साथ भोजन करना ड्यू (बाक़ी) रहा।
दो वर्ष पहले जब उन्होंने लखनऊ के सहारा सिटी में मुझे भोजन करवाया था तो मेरे शाकाहारी होने के अनुसार ही अनेक व्यंजन बनवाये थे। तब उन्होंने अपने घर में बना भारत मंदिर बड़े चाव से दिखाया था और अपने घर के कांफ्रेंस रूम में बैठ कर ब्रज सजाने के ‘द ब्रज फाउंडेशन’ के प्रयास पर पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन देखकर हमारी उपलब्धियों पर हर्ष व आश्चर्य व्यक्त किया था।
विवादों में घिरे रहने के बावजूद अपने जीवन में उन्होंने तमाम लोगों की ज़िंदगी संवार दी। इसीलिए ‘भारत Express’ टीवी चैनल के मालिक व वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र राय सहाराश्री को अपने पिता समान मानते हैं। पिछले दिनों अमिताभ बच्चन भी अपने पुराने दिनों को याद करके सहाराश्री का हाल पूछने उनके होटल गये थे। ऐसे तमाम लोगों को उनका जाना बहुत खलेगा। विनम्र श्रद्धांजलि !
विनीत नारायण
वृंदावन



Manoj त्रिपाठी
November 15, 2023 at 6:53 pm
गरीबों को लूट कर अमीरों पर लुटाते रहे, शाही जीवन जिये मेरा भी पैसा डूबा हुआ है।
Jitender bhati
November 19, 2023 at 9:48 am
अब सब जान चुके हैं यह सब बातें किसी से छुपी नहीं है यह 2023 है और सब की कहानी सबके सामने है नौकरियां लगाकर लोगों को बेरोजगार करना मौत के मुहाने पर छोड़ देना
बेवजह अनर्गल बातें करना यह सब मैं खुद देख चुका हूँ किसी की जरूरत नहीं अपने खुद की बात कर रहा हूं कई लोगों के ऑडियो है मेरे पास बस मुझे ऐसे संस्कार नहीं मिले अपने परिवार से अन्यथा व्हाइट कलर लोगों को उनकी सच्चाई भी दिखा सकता हूं
की वो लोग सबके सामने क्या बनते हैं और दरअसल हैं वो क्या
एक ऑर्गनाइजेशन का एक एम्प्लॉई