सुदर्शन न्यूज से सूचना मिली है कि पिछले दिनों यहां भरे न्यूज रूम में दो पत्रकारों के बीच हाथापाई और गाली-गलौज हुई. बताया जाता है कि आउटपुट हेड योगेश गुलाटी और सीनियर रिपोर्टर राकेश के बीच विवाद शुरू हुआ जो काफी बढ़ गया. चैनल के मैनेजिंग एडिटर नवीन पांडेय ने बीच-बचाव की कोशिश की पर मामला शांत नहीं हो सका. कहने वाले कह रहे हैं कि आफिस में पुलिस भी आई.
उल्लेखनीय है कि सुदर्शन न्यूज में पुरानी और नई टीम के बीच काफी अंतरविरोध है जो समय-समय पर खुले विवाद के रूप में प्रकट होता है. इसी कारण कई पुराने लोगों ने नए लोगों के विरोध में चैनल से इस्तीफा दे दिया.
In this article:
12 Comments
12 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- पत्रकार अभिषेक उपाध्याय के खिलाफ दर्ज चौथी FIR में आरोप क्या क्या लगे हैं? पढ़ें
- पत्रकार तनुश्री पांडेय ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी की बोलती बंद कर दी, देखें वीडियो
- इंडिया टुडे की मैनेजिंग एडिटर को गाली देने और कपड़े उतारने की नसीहत दे रही कंगना रनौत!
- मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर ने यू-ट्यूबर को भेजा लीगल नोटिस!
- मेरी पत्रकारिता यात्रा (8): मैं मानता हूं कि यह एक ऐतिहासिक भूल थी जिसने जनसत्ता को अभियान से संस्थान में तब्दील नहीं होने दिया!
- पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर डीएम व एडिशनल सीपी से मिला टीवी पत्रकारों का दल!
- इंडियन एक्सप्रेस हिंदी में रिपोर्टर-प्रोड्यूसर समेत कई पदों पर वैकेंसी
- युवाओं के आंदोलन ने बड़े-बड़े मीडिया वालों की पोजीशन रोटेट कर दी है!
- पत्रकार अभिषेक उपाध्याय का दावा: लखनऊ में एक और FIR, कॉपी न मिलने पर दागे सवाल!
- आज के अखबार : प्रियंका गांधी के असंसदीय ‘भाषण’ और ‘भाषा’ को छिपा लिया गया, इसपर ‘हंगामा’ खबर!
- दैनिक जागरण के पत्रकार पर कवरेज के दौरान जानलेवा हमला!
- असम ट्रिब्यून से संजुक्ता, आउटलुक से फजल, इंडियन एक्सप्रेस से वरुण की नई पारी!
- छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के दौरान ANI की कवरेज सबसे शर्मनाक रही!
- छात्र आंदोलन के दौरान सबसे ज़्यादा लोगों ने अंग्रेज़ी अख़बार The Hindu के वीडियोज़ देखे!
- इंटरनेट फ्रीडम पर सरकार की मनमानी, पत्रकारों और क्रिएटर्स के वीडियो ब्लॉक होने की जुबानी!
- मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार ब्लेक जॉनसन का बड़ा दावा!
- न्यूज़24 से श्रीलेखा और भारत एक्सप्रेस से राकेश कुमार सिंह के बारे में सूचना!
- संसदीय समिति ने मेटा, एक्स, गूगल, Snapchat को किया तलब, 3 अगस्त को पेशी!
- छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने क्या क्या गुल खिलाया, इन दो पत्रकारों की रिपोर्ट में पढ़िए!
- फोन कॉल बना बवाल! जिला पूर्ति अधिकारी की तहरीर पर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा
- जो माफ़ीनामा धर्मेंद्र प्रधान को लिखना चाहिए था वो उनकी बेटी लिखने से नहीं हिचकिचाई!
- पत्रकार आकर्ष मेहरोत्रा, शरद सोम और साकेत कुमार के बारे में सूचनाएं!
- आज के अखबार : डरी हुई सरकार और सब सामान्य दिखाने की कोशिश में प्रधान के सम्मान की बेशर्मी
- तुषार बनर्जी ने ब्लूमबर्ग न्यूज़ में इस बड़े पद पर शुरू किया नया चेप्टर!
- पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे रोकने का कानून बनाने पर कब विचार करेगी सरकार?
- सुधीर चौधरी ने ऐसा क्या कह दिया जो अजीत अंजुम ने उन्हें पत्रकारिता का सबसे कलंकित चेहरा बता डाला?
- बिहार सरकार ने आंदोलन में हिस्सा लेने वाले छात्रों के फोटो अख़बार में छपवा दिए हैं!
- अजीत अंजुम के साथ दिल्ली प्रदर्शन में धक्का-मुक्की, न्यूज़ चैनलों के एंकर-एंकराओं में छाई खुशी! देखें वीडियो
- दस-बारह वर्ष पहले लखनऊ में एक वरिष्ठ संपादक ने बातों बातों में जिक्र किया था कि चुनावों से पूर्व कई उम्मीदवार उनसे खबरों में अपने नाम के साथ बाहुबली या दबंग नेता जैसे विशेषण लिखने का पर्सनली अनुरोध करते हैं!
- महिला पत्रकार के बिजली बिल को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने विष्णु सरकार को घेरा
- वरिष्ठ खेल पत्रकार जसविंदर सिद्धू की सड़क हादसे ने ली जान!
- बेंगलुरु में मेट्रो ट्रेन के सामने कूदा 37 वर्षीय पत्रकार, मौत
- एथनॉल मिनिस्टर खुद नहीं सुधरेंगे, Meta-Google वगैरह पर 11 करोड़ का मुकदमा ठोकेंगे!
- दूरदर्शन में न्यूज एंकर की वैकेंसी, सैलरी भी ठीक-ठाक है!
- दिल्ली पुलिस ने 400 से ज्यादा कॉक्रोचों के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए!
- यूपी सूचना विभाग ने जिलों से मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों का मांगा ब्योरा, उठा सवाल- राज्य मुख्यालय के पत्रकारों का हिसाब कब?
- एक सच्चे पत्रकार का साक्षात्कार : ‘जंतर-मंतर छात्र आंदोलन’ में शामिल होने पर दिल्ली पुलिस द्वारा डिटेन किए गए नवभारत टाइम्स से रिटायर वरिष्ठ पत्रकार चंद्रभूषण को कितना जानते हैं आप!
- बिहार के छात्र प्रदर्शन में AK-47 से गोली चलाने का यह देश का पहला मामला है!
- आज के अखबार : कई खबरें छोड़ कर शिक्षा मंत्रालय में प्रधान मंत्री की लीपा-पोती को ही लीड बनाया है
- प्रदर्शनकारी बच्चों को पीटने वाला भाजपाई सत्यम पंडित अब भी बेख़ौफ़ घूम रहा!
- सुनो अमित मालवीय, इनमें से एक पत्रकार का नाम बता दो जो तिहाड़ गया हो या कभी भड़काऊ शो किया हो- अभिसार शर्मा
- महिला वोटरों ने घेरकर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की बोलती बंद कर दी, देखें वीडियो
- टीवी चैनलों ने अपने आप को खत्म कर दिया!
- 4PM के दो-दो चैनल देश के सबसे ज़्यादा देखे जाने वाले चैनलों की सूची में पहुंचे!
- प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट हटाएं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स: दिल्ली पुलिस
- चित्रा त्रिपाठी ने दो पत्रकारों को क़ानूनी कार्रवाई की धमकी दी!
- बीते 20 साल में आपने पब्लिक द्वारा किसी न्यूज़ रिपोर्टर को चूमते कभी देखा था!
- भारतीय अखबारों और चैनलों को उनके दोहरे चरित्र के कारण युवाओं ने ठुकरा दिया है!
- इंडिया टीवी से मनन भसीन और राजस्थान पत्रिका से मेघा राय ने ली विदा!
- इंडियन मीडिया को ये अंदाज़ा नहीं था कि ‘जेन जी’ ने अपने लिए अपना अलग मीडिया तैयार कर लिया है!
- पगलुओं की पल्टन ने पलट दी पत्रकारिता और पॉलिटिक्स!
- राहुल गांधी में कुछ तो बात है!
- आज के अखबार : बताते हैं कि सरकार ने बेहद मजबूरी में इस्तीफा लिया है, राहुल गांधी भी पहले पन्ने पर हैं
- अगर इस आंदोलन की कमान Millennials के हाथ में होती तो अमित मालवीय की गालीबाज़ आईटी सेल उन्हें खदेड़कर रख देती!
- जब जयप्रकाश पांडेय ने न्यूजरूम में संजीव पालीवाल के कान में कहा- ‘सर, ये लड़की तो बहुत गाली देती है’
- सीएनएन, अल जजीरा, डॉन; दुनियाभर में चर्चा बना प्रधान का इस्तीफा!
- दैनिक भास्कर का फ्रंट पेज अदभुत है! कुछ अन्य अखबारों से भी फ्रंट पेज लीड न्यूज़ देखें
- रिपब्लिक भारत से न्यूज़18 पहुंचे शावन सेन, सुनील कुमार की इस अखबार से नई पारी!
- जंतर मंतर का प्रतिरोध (भाग -२): राहुल गांधी अब बेसब्र हो रहे हैं, उन्हें लग रहा है कि इस मुद्दे पर उन्हें लीड नहीं मिल रही है!
- मेरी पत्रकारिता यात्रा (7): हद तो तब हो गई जब जितेंद्र बजाज मुझे जनसत्ता की भाषा-वर्तनी और परंपरा सिखाने-बताने लगे!
- कांग्रेसी अंधभक्तों द्वारा दी गयी सलाहों की वजह से कांग्रेस की जमीन से पकड़ कमजोर होती गयी!
- भाजपा से जुड़े इस गालीबाज और मरकहे नेता की ऑन कैमरा गुंडई देखिए, जेनजी को पीट दिया!!
- काक्रोचों ने गोदी मीडिया मालिकों और संपादकों को दी सीधी धमकी- ‘सुधर जाओ!’
- भड़ास का असर: ‘इंडिया अहेड’ नागेंद्र और दानिश पर करेगा कानूनी एक्शन, रिपोर्टरों से वसूली गई रकम भी वापस होगी!
- गोदी मीडिया की कारस्तानी भी ध्यान में रखिए, याद में रखिए!
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नहीं मानने वाले आंदोलनकारी, काक्रोच पार्टी ने शेष मांगें सामने रखीं!
- प्रधान का इस्तीफा सरकार और गोदी मीडिया की व्यक्तिगत हार है!
- आज के अखबार : ‘सीजेपी प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी’ और ‘एनटीए में ऑपरेशन नीट एंड क्लीन’ का प्रचार
- मधु किश्वर ने रजत शर्मा से पूछा- मोदी सरकार को चंपतिया किस्म के अफ़सर, नेता ही क्यूँ पसंद आते हैं?
- मेरी पत्रकारिता यात्रा (6) : यह नवभारत टाइम्स में मेरी दूसरी पारी का अंत भी था!
- देश भर में चल रहे छात्र प्रदर्शन के बीच अमित शाह से उनकी धोती पर सवाल पूछना उस सवाल से भी बदतर है जो अक्षय कुमार ने मोदी से पूछा था!
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सबसे ताकतवर IAS अधिकारी का बैंड बजा डाला!
- एंकर लोग खुद को पत्रकार क्यों कहते हैं?
- आखिर जेन-जी के इस अप्रत्याशित आंधी जैसे आदोलन की खास बात क्या है?
- जंतर मंतर का प्रतिरोध (भाग-१): पुलिस के लाठी चार्ज का उल्टा ही असर हुआ और भारी तादाद में युवा इसमें शामिल हो रहे हैं!
- बिहार में ‘मुख्यमंत्री के रक्त स्नान’ की खबर के बाद फिर लौटा काला प्रेस कानून!
- मुझे नहीं पता अमिताभ अग्निहोत्री ये बात बोले हैं, लेकिन यदि बोले हैं तो ये बौद्धिकता और पत्रकारिता का सबसे निम्नतम स्तर है!
- भारी छीछालेदर के बाद पीएमओ ने संपादकों-एंकरों की चूड़ी टाइट की है: सूत्र
- डीसीएम बृजेश पाठक को काला झंडा दिखाने का वीडियो शेयर करने पर शाहजहांपुर में दो पत्रकार अरेस्ट, विरोध के बाद बैकफुट पर एसपी
- मुंबई प्रेस क्लब चुनाव में ‘सेव प्रेस क्लब अलायंस’ की बड़ी जीत, एबीपी माझा के संपादक राजीव खांडेकर अध्यक्ष पद का चुनाव हारे
- नोएडा के पत्रकार ललित पंडित ने AI Powered न्यूज़ प्लेटफॉर्म ‘News Darpan’ लॉन्च किया, देशभर में रिपोर्टर्स और स्ट्रिंगर्स की भर्ती शुरू
- गिरते रेवन्यू और एआई इम्पैक्ट के कारण न्यूज़ चैनलों में छँटनी का दौर फिर शुरू
- क्या इस देश का कानून सिर्फ सत्ता के हाथों का खिलौना है कि जिस पर चाहे देशद्रोह की धारा लगा दें और जब चाहे हटा लें?
- प्रदर्शनकारियों के बीच बड़े चैनलों के रिपोर्टर को लताड़ और स्वतंत्र पत्रकार सम्मान क्यों पा रहे हैं?
- उगाही के आरोपों को लेकर “इंडिया अहेड” प्रबंधन का आया बयान- नागेंद्र और दानिश हटाए जा चुके हैं!
- ‘मेरे शरीर में अब भी 30 से ज्यादा पैलेट फंसे हैं’, आउटलुक के पत्रकार ने मांगा सरकार से मुआवजा
- आज के अखबार : बोफर्स भुनाने वाले प्रचारक के रूप में बेपर्दा हुए; लिखा है, प्रधानमंत्री (अब/आखिर) आगे आए
- आधी रात मोदीजी के साथ साथ सुधीर चौधरी और चित्रा त्रिपाठी भी जाग रहे थे! देखें टाइमलाइन
- दैनिक भास्कर में गौरव तिवारी को प्रमोशन, आजतक से जुड़ीं आंचल पांडेय
- वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव भी पहुंचे जंतर मंतर, पढ़िये उनका विश्लेषण!
- उच्च शिक्षा सचिव बनाए गए नरेश पाल गंगवार तो पहले से ही गंभीर आरोपी हैं!
- हाईकोर्ट का Meta को आदेश, 14 फेसबुक पेजों से हटाए Zee के कॉपीराइट वाले वीडियो
- पिछले कुछ वर्षों से चैनलों को एंकर और डेस्क वाले ही चला रहे हैं या हांक रहे हैं.. शाम 5 बजे के बाद किसी चैनल में किसी रिपोर्टर का अमूमन कोई काम नहीं है..
- छात्र आंदोलन के दबाव में रूबिका लियाकत और चित्रा त्रिपाठी के सुर बदले!
- मोदी, शाह, प्रधान के खिलाफ GenZ के ऐसे ऐसे मीम्स देखने को मिल रहे हैं कि आँख, कान से खून निकल जाए!
- जनतंत्र टीवी के रिपोर्टर से शंकराचार्य का सवाल- ‘श्रीराम मनुष्य हैं या भगवान’, आगे क्या हुआ? देखें वीडियो
- क्या छात्र आंदोलन में देश विरोधी तत्व घुस चुके हैं? स्थिति चिंताजनक! देखिए ये ग्राउंड रिपोर्ट
- जेन-ज़ी के पास वैसा कोई ‘फिल्टर’ नहीं है, जैसा हम मिलेनियल्स के पास होता था!
- जेन-जी ने हम मीडिया वालों की औकात बता दी!
- गोदी मीडिया की मुलाक़ात अमित शाह और प्रियंका गांधी से हुई, देखिए पत्रकारिता का लेवल, डांट खाकर लौटे बेचारे!



अंदर की खबर
July 1, 2014 at 5:56 pm
आगे की जानकारी विस्तार से सुदर्शन न्यूज में मैन्जिगएडिटर नवीनपांडे और आउट पुट योगेश गुलाटी को पुराने ही स्टाप के लोगो ने महज इस लिए हाथापाई की क्योकि ये दोनों चैनल में अपनी टीम लाना की कोशिश में जुटे हुए थे । और पुराने लोगो को परेशान कर निकालने का पूरा प्लान तैयार किया हुआ था । ये प्रीप्लान ज्यादा नहीं चल पाया कारण बस पुराने लोगो की सैलरी महज 4 se 5 हजार है जबकि नये लोग जो नवीन पांडे और गुलाटी लेकर आ रहे थे उनकी सैलरी पुराने लोगो से कही ज्यादा थी जबकि काम के मामले में टायटाय फुस्स थे । इस पर नवीन पानडे पुराने लोगो को परेशान करने और चाटुकारों को आगे बड़ने की जुगत में काम कर रहे थे । जिसके चलते ये वाकया हुआ । इसमें नवीन पांडे के साथ योगेश गुलाटी से भी हाथापाई हुई है । वही सूत्रो से मिली खबर के मुताविक मैनेजमेंट ने छटनी शुरू कर दी है । जिसके चलते कई लोगो को विदाई दे दी गई है । जो चार माह से मुफ्त की रोटिया तोड़ रहे थे । इसके साथ कई योग लोग इसके शिकार हुए है । जो पत्रकारिता को जुनून समझकर कम सैलरी में दिन रात काम ने जुटे हुए थे । कुछ मिलकर अभी ज्यादा रुख साफ़ नहीं हो पया है ।
Rahul sharma
July 2, 2014 at 4:27 am
बिल्कुल ठीक कमैंट किया है ऊपर…. पुराने लोगों की काबलियत का नतीजा पीछले 5 सालों से सुदर्शन न्यूज भुगत रहा था। तभी तो चैनल टीआरपी में न.1 था। पुराने लोग इतने काबिल थे कि उनको दूसरे चैनल में कोई नौकरी तक नहीं दे रहा। सही बात नवीन जी जो इंडिया टीवी से आये, योगेश जी जो ई़टीवी,इंडिया टीवी में रहे हैं। जिन्होंने आते ही स्क्रीन सुधारी, जिनकी बदौलत चैनल के अच्छे दिन आने लगे जिसका अंदाजा आप सुदर्शन न्यूज की महाइलेक्शन कवरेज से लगा सकते हैं। जो 5 साल में पुराने धुरंधर करना तो दूर सोच भी नहीं पाये। लेकिन नई टीम का एक काम सबसे गलत रहा कि उन्होंने चैनल में चल रही दलाली, पेड न्यूज बंद करवा दी। जो पुराने लोगों की न सिर्फ दुकाने बंद कराई बल्कि चैनल में लड़कियों को शोषित होने से बचाया। कौन भूल सकता है कि किस तरह कुछ दिन पहले सुदर्शन में एक लड़की को अश्लील बातें और इशारे किये गए। जिसने भरे न्यूज रूम में उन दरिंदो का विरोध किया जो ऐसी गंदी हरकतें कर रहे थे। क्या ये किसी नए ने किया या पुराने ने ये तो पूरा न्यूज रूम जानता है। पुराने लोगों की पीढ़ा है कि सुदर्शन के पुराने लोगों की सैलरी कम थी अगर ऐसा है तो कहीं ओर ट्राई कर लेते। पर करते भी कहां इतनी काबलियत को कोई चैनल जगह ही नहीं दे रहा। पागल है दूसरे चैनल जो इतने काबिल लोगों को नहीं पूछ रहे थे। लोकिन जो नए लोग आये हैं उनमें ज्यादातर का अनुभव 7-15 सालों तक है। जिनके सर्टिफिकेट भी सुदर्शन में चैक हुए थे। लेकिन पुराने लोग तो अपने को सीनियर मान रहे थे। जिन्होंने इंटर्न से यहां अपना करियर शुरू किया। इतने काबिल लोगों को इंर्टन तक किसी बड़े चैनल में नहीं मिल सकी। अब उनके साथ ऑनर का भाई शामिल है जो चैनल के जरिए अपनी दुकान चला रहा है और हवस मिटाने की कोशिश करता रहा है। जो नए लोगों ने बंद करवा दी क्योंकि वो प्रोफेशनली थे। सो लिस्ट तो तैयार होनी है न भईया।
aatul
July 2, 2014 at 9:45 am
ab to.kaam shuru honaa tha haram ki rotiyaa todne waale to jayge hi…..
aur khisyani billi khamba hi noucheygi….
priyatama Singh
July 2, 2014 at 1:56 pm
bilkul shi sudarshan ke purane employee jnikame hai or unme telent nhi hai… lekin Naveen panday ji ka asli telent toh Channel one me saamne aaya tha… unki tareefo ke pul bandhne wale ye btane ka kast karenge ki unhe channel one se kyo nikala gya tha. ladiyo ke is rakshak ki kahani wo hi btayenge ya hum btaye….
priyatama Singh
July 2, 2014 at 1:58 pm
or ha Sudarshan ke purane employee’s ka telent aap jaiso ko har bade nhi dikhega… ha lekin aaj har bade channel me sudarshan ke employee hai jo yaha se seekh ke or jagah gye hai. internship pe nhi direct job pe… pta kariye jake…
पोल खोल
July 3, 2014 at 7:15 am
नमस्कार सुदर्शन न्यूज की पोल खोल में आपका स्वागत है। आज हम पोल खोलेंगे सुदर्शन के सभी नए पुराने धुरंधरों की…तो तैयार हो जाएं हमारे साथ पोल खोल के इस खास कार्यक्रम में…सबसे पहले पोल खोल एक ऐसे क्राइम रिपोर्टर की जिसके बारे में सुना है कि वो न्यूज रूम में ही खबरें गड़ता था और बाहर जाता था सिर्फ उगाही के लिए…ये ही वजह है कि नोएडा में आज सुदर्शन न्यूज छोड़ने के बाद भी पुलिस बार-बार उसे ढूंढने ऑफिस पहुंच जाती है। अंदर की बात ये है कि सीनियर से लड़ने के बाद कुछ पुराने धुरंधरो की शह पर अभी उसे निकलने का नाटक चल रहा है..पर उसके अच्छे दिन तो जरूर आयेंगे आखिर उगाही का मामला है भाई जिसमें कईं पुराने अधिकारी भी शामिल है। अब बढ़ते हैं अगली खबर की ओर सुना है कुछ दिने पहले एक अस्पताल वाले को सुदर्शन के रिपोर्टर बलैकमेल कर उनसे 10 लाख रूपये मांग रहे थे मामला उल्टा पढ़ गया अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में रिपोर्ट करा दी।अब रिपोर्टर आगे-आगे पुलिस पीछे-पीछे। लेकिन नवीन जी बेचारे दुखी… कि करे कोई और भुगते कोई। तीसरी खबर भी बड़ी इंटर्सटिड है भाई… पुराने लोग की काबलियत ये थी कि बालाजी जो इनपुट हेड थे वो किसी लोकल चैनल खबर-24 से आये थे नाम सुना है आपने, माफ कीजिए हमने भी अभी ही सुना था। नए इनपुट हेड राजीव जी साधना और जीया जैसे अच्छे चैनल से आये इसका नाम तो हमने जरूर सुना है भईया। अब आईए आऊटपुट पर…सुदर्शन के पुराने हेड का और लोगों का सपना होगा कि वो इंडिया टीवी में जायें सिर्फ एक मौका ही मिल जाए…लेकिन आऊटपुट हेड योगेश गुलाटी जी उस सपने को न सिर्फ पूरा कर चुके हैं बल्कि वहां सीनियर पोस्ट पर काम भी कर चुके हैं। इसके अलावा फोक्स, जनता, एमएचवन जैसे कई ग्रुप को खड़ा भी किया। वो तो उनके बुरे दिन थे और सुदर्शन के लोगों के अच्छे दिन जो इनसे सीखनें को मिला। लेकिन सीखने के बाद तो चेलों का हावी होना ही था। यहां ये भी बता दें तांकि फिर कोई तथ्यों को तोड़ेमरोड़ें नहीं कि गुला़टी जी की तबियत बिगड़ गई थी इसलिए आज उनको बुरे दिन देखने पड़े। अब नवीन जी से क्या परिचित करायें आपको क्योंकि मीडिया में कौन नहीं जानता उन्हें। सुदर्शन के कईं पुराने हेड उनके दरवाजे पर कभी जॉब मांगने जाते थे। पी-7, फोर रियल को खड़ा किया तो इंडिया टीवी की रीढ़ थे नवीन जी, विनोद कापड़ी और नवीन जी गए तो आज तक इंडिया टीवी फिर कभी न.1 की कुर्सी तक नहीं पहुंचा। अभी भी वक्त है सुदर्शन न्यूज के पास अपनी इस धरोहर को बचा लें नहीं तो बाद में जब चिड़िया चुग गई खेत तो पछताना न पड़े। कोहिनूर हिरा हर किसी की किस्मत में नहीं होता…मुश्किल होता है एक अच्छा जौहरी मिलना जो उसकी पहचान कर सकें। ध्न्यवाद आज के लिए बस इतना ही मिलेंगे फिर किसी नई खबर के साथ ..जय हिंद
पोल खोल
July 3, 2014 at 7:59 am
पोल खोल में अब 2 मिनट में नजर डालते हैं उन खबरों पर…जो पुराने लोगों के टैलेंट पर नजर डालती हैं। वो भी तथ्यों के साथ। कहते हैं मीडिया में टैंलेट स्क्रीन पर चमकता है। सुदर्शन न्यूज के न्यूज रूम में हाथापाई और गालीगलौज में जो सबसे पहले कमेंट छपा था उसका टॉप बैंड था अंदर की खबर….अब देखिये पुराने धुरंधरों की योग्यता इसमें एक जगह लिखा है स्टाप अरे महाश्य स्टाप नहीं स्टाफ होता है ये कोई बस स्टाप की बात नहीं हो रही। कृपया लोगो में बिंदी लगायें। लोगों ऐसे लिखते हैं।क्योंकि ऐसे लिखते हैं…कहीं में बिंदी गायब है…बिंदी तक की तो आप लोगों को समझ नहीं बातें करते हो योग्यता की। नवीन पानडे गलत लिखा है सही होता है नवीन पांडे…बडने गलत है। वहीं में फिर बिंदी नहीं है रोटिया में भी बिंदी आती है भाई। मुताविक नहीं होता, मुताबिक होता है व और ब में अंतर होता है। काश थोड़ी तो हिंदी जानते। योग नहीं योग्य…लिखना आता नहीं योग्यता की बाते कर रहे हो जनाब। ये जरुर कोई बाबा रामदेेव का शिष्य है। काम में.. काम ने नहीं होता। प्रियतमा जी आप भी English सुधारें या तो हिंदी में लिखें या English में लेकिन जिसमें लिखें सही लिखें…अपने सीनियर का नाम तो लिखना नहीं जानते बात करते हो बड़े चैनल की..ठीक से लिखों वरना अगर गलती से पहुंच भी गए तो लात मारकर बाहर कर दिया जाएगा। अब तो पता लग गई होगी आप लोगों को अपनी औकात। जिन्हें हिंदी नहीं आती जिन्हें बिंदी का पता नहीं उनको सुदर्शन 4 से 5000 देकर एहसान कर रहा है। अगर अभी भी झूठा घमंड छोड़कर नवीन सर से कुछ सीख लें तो भविष्य में आपके ही काम आयेगा मेरे नहीं। अब आप सबको समझ आ गया होगा कि किसे काम आता है और कौन हराम की अभी तक तोड़ रहा है। भईया ये स्क्रीन का मामला है यहां सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता है। देख ली आपकी काबलियत हाहाहाहा…अगली बार कोई कमेंट लिखने से पहले किसी सीनियर से चैक करा लेना।
पोल खोल
July 3, 2014 at 8:38 am
वैसे तो आपके ज्ञान की चर्चा मैं पहले ही कर चुका हूं और सभी तथ्य दिखा चुका हूं। लेकिन आप पुराने मुर्खो का एक टेस्ट और लेते हैं। पिछले कुछ पोस्ट में मैंने जानबूझकर कुछ गलतियां छोड़ी हैं। सभी इक्कट्ठे हो जाओ… शायद किसी की हिंदी अच्छी हो कोई ज्ञानी हो और किताबें भी छांट लो सारा दम लगा लो। और मेरी वो गलती बताओं।देखें आप 4000 के भी काबिल हो या फिर हलवा हो… हाहाहाहा 😆 😆 😆 😆
Khabar
July 3, 2014 at 10:18 am
लगता है लात खाकर सुदर्शन से निकाले जाने के बाद दिमाग पर गहरा असर हुआ है इसलिए इतनी लाते याद आ रही हैं। बुरे दिनों में ऐसी पोल खोल जैसी बातों से ही दिल को तसल्ली दे लो जनाब… और हिन्दी को महाज्ञानी बनो… वैसे आप लोगों के साथ हुआ भी कुछ ऐसा ही हाथ को आया मुँह को न लगा… तो फड़फड़ाना तो बनता है न बॉस…. रटते जाओ नवीन पांडे नवीन पांडे नई जगह जाके फिर तुम लोगों को मुफ्त को रोटियां तुड़वाएंगे….श्री नवीन पांडे…
Khabar
July 3, 2014 at 10:31 am
इतना घमंड हिन्दी पर… अगर महाशय आपकी सारी गलतियां आपको बता दी तो क्या मीडिया को राम राम कर देंगे… गड़ता नहीं होता सही शब्द मैं बता दूं… छोड़ो पता तो होगा ही हमें चैक जो कर रहे हो… आगे भी बताएंगे बिना किसी किताब को छाने बस ये घमंड सही जगह दिखाने का वादा करना जनाब… हम भी स्कूल में पढ़ के आए हैं… स्कूल के पीछे नहीं जनाब पोल खोल… लिखते वक्त कभी कुछ छूट जाता है इसका मतलब ये नहीं कि वो अनपढ़ है… अनपढ़ तो आप हैं… पढ़े लिखे अनपढ़ जो यू तिलमिला कर हिन्दी का ज्ञान बघारने लगे….
पोल खोल
July 3, 2014 at 12:39 pm
शांत रहें वरना और भी बहुत कुछ है। घमंड नहीं आपको दिखा रहे थे आपकी औकात कि आप 4-5000 में क्यों थे और कौन हराम की तोड़ रहा है। अभी तो ट्रेलर है पूरी फिल्म देखनी हो तो सबकी पोल खुल जाएगी।आप सबकी कुंडली तथ्यों के साथ भड़ास में जारी कर दूंगा इसलिए शांति में ही भलाई है 😛 और तिलमिला कौन रहा है ये तो दिख ही रहा है। रही स्कूल की बात तो वो तो दिख गया कि आप कैसे स्कूल से पढ़े हैं। जहां न हिंदी सीखी न अंग्रेजी…..सीखा तो सिर्फ दलाली, हराम की खाना और औछी राजनीति करना। सरकार कितना आता है आपको दिख रहा है। 😆 😆 😆 😆
Khabar
July 3, 2014 at 3:23 pm
औकात तो जनाब दिख ही गई आपकी…. आपकी इस तिलमिलाहट से…. सच में खंभा ही नोच रहे हैं….