सुदर्शन न्यूज से सूचना मिली है कि पिछले दिनों यहां भरे न्यूज रूम में दो पत्रकारों के बीच हाथापाई और गाली-गलौज हुई. बताया जाता है कि आउटपुट हेड योगेश गुलाटी और सीनियर रिपोर्टर राकेश के बीच विवाद शुरू हुआ जो काफी बढ़ गया. चैनल के मैनेजिंग एडिटर नवीन पांडेय ने बीच-बचाव की कोशिश की पर मामला शांत नहीं हो सका. कहने वाले कह रहे हैं कि आफिस में पुलिस भी आई.
उल्लेखनीय है कि सुदर्शन न्यूज में पुरानी और नई टीम के बीच काफी अंतरविरोध है जो समय-समय पर खुले विवाद के रूप में प्रकट होता है. इसी कारण कई पुराने लोगों ने नए लोगों के विरोध में चैनल से इस्तीफा दे दिया.
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अंदर की खबर
July 1, 2014 at 5:56 pm
आगे की जानकारी विस्तार से सुदर्शन न्यूज में मैन्जिगएडिटर नवीनपांडे और आउट पुट योगेश गुलाटी को पुराने ही स्टाप के लोगो ने महज इस लिए हाथापाई की क्योकि ये दोनों चैनल में अपनी टीम लाना की कोशिश में जुटे हुए थे । और पुराने लोगो को परेशान कर निकालने का पूरा प्लान तैयार किया हुआ था । ये प्रीप्लान ज्यादा नहीं चल पाया कारण बस पुराने लोगो की सैलरी महज 4 se 5 हजार है जबकि नये लोग जो नवीन पांडे और गुलाटी लेकर आ रहे थे उनकी सैलरी पुराने लोगो से कही ज्यादा थी जबकि काम के मामले में टायटाय फुस्स थे । इस पर नवीन पानडे पुराने लोगो को परेशान करने और चाटुकारों को आगे बड़ने की जुगत में काम कर रहे थे । जिसके चलते ये वाकया हुआ । इसमें नवीन पांडे के साथ योगेश गुलाटी से भी हाथापाई हुई है । वही सूत्रो से मिली खबर के मुताविक मैनेजमेंट ने छटनी शुरू कर दी है । जिसके चलते कई लोगो को विदाई दे दी गई है । जो चार माह से मुफ्त की रोटिया तोड़ रहे थे । इसके साथ कई योग लोग इसके शिकार हुए है । जो पत्रकारिता को जुनून समझकर कम सैलरी में दिन रात काम ने जुटे हुए थे । कुछ मिलकर अभी ज्यादा रुख साफ़ नहीं हो पया है ।
Rahul sharma
July 2, 2014 at 4:27 am
बिल्कुल ठीक कमैंट किया है ऊपर…. पुराने लोगों की काबलियत का नतीजा पीछले 5 सालों से सुदर्शन न्यूज भुगत रहा था। तभी तो चैनल टीआरपी में न.1 था। पुराने लोग इतने काबिल थे कि उनको दूसरे चैनल में कोई नौकरी तक नहीं दे रहा। सही बात नवीन जी जो इंडिया टीवी से आये, योगेश जी जो ई़टीवी,इंडिया टीवी में रहे हैं। जिन्होंने आते ही स्क्रीन सुधारी, जिनकी बदौलत चैनल के अच्छे दिन आने लगे जिसका अंदाजा आप सुदर्शन न्यूज की महाइलेक्शन कवरेज से लगा सकते हैं। जो 5 साल में पुराने धुरंधर करना तो दूर सोच भी नहीं पाये। लेकिन नई टीम का एक काम सबसे गलत रहा कि उन्होंने चैनल में चल रही दलाली, पेड न्यूज बंद करवा दी। जो पुराने लोगों की न सिर्फ दुकाने बंद कराई बल्कि चैनल में लड़कियों को शोषित होने से बचाया। कौन भूल सकता है कि किस तरह कुछ दिन पहले सुदर्शन में एक लड़की को अश्लील बातें और इशारे किये गए। जिसने भरे न्यूज रूम में उन दरिंदो का विरोध किया जो ऐसी गंदी हरकतें कर रहे थे। क्या ये किसी नए ने किया या पुराने ने ये तो पूरा न्यूज रूम जानता है। पुराने लोगों की पीढ़ा है कि सुदर्शन के पुराने लोगों की सैलरी कम थी अगर ऐसा है तो कहीं ओर ट्राई कर लेते। पर करते भी कहां इतनी काबलियत को कोई चैनल जगह ही नहीं दे रहा। पागल है दूसरे चैनल जो इतने काबिल लोगों को नहीं पूछ रहे थे। लोकिन जो नए लोग आये हैं उनमें ज्यादातर का अनुभव 7-15 सालों तक है। जिनके सर्टिफिकेट भी सुदर्शन में चैक हुए थे। लेकिन पुराने लोग तो अपने को सीनियर मान रहे थे। जिन्होंने इंटर्न से यहां अपना करियर शुरू किया। इतने काबिल लोगों को इंर्टन तक किसी बड़े चैनल में नहीं मिल सकी। अब उनके साथ ऑनर का भाई शामिल है जो चैनल के जरिए अपनी दुकान चला रहा है और हवस मिटाने की कोशिश करता रहा है। जो नए लोगों ने बंद करवा दी क्योंकि वो प्रोफेशनली थे। सो लिस्ट तो तैयार होनी है न भईया।
aatul
July 2, 2014 at 9:45 am
ab to.kaam shuru honaa tha haram ki rotiyaa todne waale to jayge hi…..
aur khisyani billi khamba hi noucheygi….
priyatama Singh
July 2, 2014 at 1:56 pm
bilkul shi sudarshan ke purane employee jnikame hai or unme telent nhi hai… lekin Naveen panday ji ka asli telent toh Channel one me saamne aaya tha… unki tareefo ke pul bandhne wale ye btane ka kast karenge ki unhe channel one se kyo nikala gya tha. ladiyo ke is rakshak ki kahani wo hi btayenge ya hum btaye….
priyatama Singh
July 2, 2014 at 1:58 pm
or ha Sudarshan ke purane employee’s ka telent aap jaiso ko har bade nhi dikhega… ha lekin aaj har bade channel me sudarshan ke employee hai jo yaha se seekh ke or jagah gye hai. internship pe nhi direct job pe… pta kariye jake…
पोल खोल
July 3, 2014 at 7:15 am
नमस्कार सुदर्शन न्यूज की पोल खोल में आपका स्वागत है। आज हम पोल खोलेंगे सुदर्शन के सभी नए पुराने धुरंधरों की…तो तैयार हो जाएं हमारे साथ पोल खोल के इस खास कार्यक्रम में…सबसे पहले पोल खोल एक ऐसे क्राइम रिपोर्टर की जिसके बारे में सुना है कि वो न्यूज रूम में ही खबरें गड़ता था और बाहर जाता था सिर्फ उगाही के लिए…ये ही वजह है कि नोएडा में आज सुदर्शन न्यूज छोड़ने के बाद भी पुलिस बार-बार उसे ढूंढने ऑफिस पहुंच जाती है। अंदर की बात ये है कि सीनियर से लड़ने के बाद कुछ पुराने धुरंधरो की शह पर अभी उसे निकलने का नाटक चल रहा है..पर उसके अच्छे दिन तो जरूर आयेंगे आखिर उगाही का मामला है भाई जिसमें कईं पुराने अधिकारी भी शामिल है। अब बढ़ते हैं अगली खबर की ओर सुना है कुछ दिने पहले एक अस्पताल वाले को सुदर्शन के रिपोर्टर बलैकमेल कर उनसे 10 लाख रूपये मांग रहे थे मामला उल्टा पढ़ गया अस्पताल प्रशासन ने पुलिस में रिपोर्ट करा दी।अब रिपोर्टर आगे-आगे पुलिस पीछे-पीछे। लेकिन नवीन जी बेचारे दुखी… कि करे कोई और भुगते कोई। तीसरी खबर भी बड़ी इंटर्सटिड है भाई… पुराने लोग की काबलियत ये थी कि बालाजी जो इनपुट हेड थे वो किसी लोकल चैनल खबर-24 से आये थे नाम सुना है आपने, माफ कीजिए हमने भी अभी ही सुना था। नए इनपुट हेड राजीव जी साधना और जीया जैसे अच्छे चैनल से आये इसका नाम तो हमने जरूर सुना है भईया। अब आईए आऊटपुट पर…सुदर्शन के पुराने हेड का और लोगों का सपना होगा कि वो इंडिया टीवी में जायें सिर्फ एक मौका ही मिल जाए…लेकिन आऊटपुट हेड योगेश गुलाटी जी उस सपने को न सिर्फ पूरा कर चुके हैं बल्कि वहां सीनियर पोस्ट पर काम भी कर चुके हैं। इसके अलावा फोक्स, जनता, एमएचवन जैसे कई ग्रुप को खड़ा भी किया। वो तो उनके बुरे दिन थे और सुदर्शन के लोगों के अच्छे दिन जो इनसे सीखनें को मिला। लेकिन सीखने के बाद तो चेलों का हावी होना ही था। यहां ये भी बता दें तांकि फिर कोई तथ्यों को तोड़ेमरोड़ें नहीं कि गुला़टी जी की तबियत बिगड़ गई थी इसलिए आज उनको बुरे दिन देखने पड़े। अब नवीन जी से क्या परिचित करायें आपको क्योंकि मीडिया में कौन नहीं जानता उन्हें। सुदर्शन के कईं पुराने हेड उनके दरवाजे पर कभी जॉब मांगने जाते थे। पी-7, फोर रियल को खड़ा किया तो इंडिया टीवी की रीढ़ थे नवीन जी, विनोद कापड़ी और नवीन जी गए तो आज तक इंडिया टीवी फिर कभी न.1 की कुर्सी तक नहीं पहुंचा। अभी भी वक्त है सुदर्शन न्यूज के पास अपनी इस धरोहर को बचा लें नहीं तो बाद में जब चिड़िया चुग गई खेत तो पछताना न पड़े। कोहिनूर हिरा हर किसी की किस्मत में नहीं होता…मुश्किल होता है एक अच्छा जौहरी मिलना जो उसकी पहचान कर सकें। ध्न्यवाद आज के लिए बस इतना ही मिलेंगे फिर किसी नई खबर के साथ ..जय हिंद
पोल खोल
July 3, 2014 at 7:59 am
पोल खोल में अब 2 मिनट में नजर डालते हैं उन खबरों पर…जो पुराने लोगों के टैलेंट पर नजर डालती हैं। वो भी तथ्यों के साथ। कहते हैं मीडिया में टैंलेट स्क्रीन पर चमकता है। सुदर्शन न्यूज के न्यूज रूम में हाथापाई और गालीगलौज में जो सबसे पहले कमेंट छपा था उसका टॉप बैंड था अंदर की खबर….अब देखिये पुराने धुरंधरों की योग्यता इसमें एक जगह लिखा है स्टाप अरे महाश्य स्टाप नहीं स्टाफ होता है ये कोई बस स्टाप की बात नहीं हो रही। कृपया लोगो में बिंदी लगायें। लोगों ऐसे लिखते हैं।क्योंकि ऐसे लिखते हैं…कहीं में बिंदी गायब है…बिंदी तक की तो आप लोगों को समझ नहीं बातें करते हो योग्यता की। नवीन पानडे गलत लिखा है सही होता है नवीन पांडे…बडने गलत है। वहीं में फिर बिंदी नहीं है रोटिया में भी बिंदी आती है भाई। मुताविक नहीं होता, मुताबिक होता है व और ब में अंतर होता है। काश थोड़ी तो हिंदी जानते। योग नहीं योग्य…लिखना आता नहीं योग्यता की बाते कर रहे हो जनाब। ये जरुर कोई बाबा रामदेेव का शिष्य है। काम में.. काम ने नहीं होता। प्रियतमा जी आप भी English सुधारें या तो हिंदी में लिखें या English में लेकिन जिसमें लिखें सही लिखें…अपने सीनियर का नाम तो लिखना नहीं जानते बात करते हो बड़े चैनल की..ठीक से लिखों वरना अगर गलती से पहुंच भी गए तो लात मारकर बाहर कर दिया जाएगा। अब तो पता लग गई होगी आप लोगों को अपनी औकात। जिन्हें हिंदी नहीं आती जिन्हें बिंदी का पता नहीं उनको सुदर्शन 4 से 5000 देकर एहसान कर रहा है। अगर अभी भी झूठा घमंड छोड़कर नवीन सर से कुछ सीख लें तो भविष्य में आपके ही काम आयेगा मेरे नहीं। अब आप सबको समझ आ गया होगा कि किसे काम आता है और कौन हराम की अभी तक तोड़ रहा है। भईया ये स्क्रीन का मामला है यहां सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता है। देख ली आपकी काबलियत हाहाहाहा…अगली बार कोई कमेंट लिखने से पहले किसी सीनियर से चैक करा लेना।
पोल खोल
July 3, 2014 at 8:38 am
वैसे तो आपके ज्ञान की चर्चा मैं पहले ही कर चुका हूं और सभी तथ्य दिखा चुका हूं। लेकिन आप पुराने मुर्खो का एक टेस्ट और लेते हैं। पिछले कुछ पोस्ट में मैंने जानबूझकर कुछ गलतियां छोड़ी हैं। सभी इक्कट्ठे हो जाओ… शायद किसी की हिंदी अच्छी हो कोई ज्ञानी हो और किताबें भी छांट लो सारा दम लगा लो। और मेरी वो गलती बताओं।देखें आप 4000 के भी काबिल हो या फिर हलवा हो… हाहाहाहा 😆 😆 😆 😆
Khabar
July 3, 2014 at 10:18 am
लगता है लात खाकर सुदर्शन से निकाले जाने के बाद दिमाग पर गहरा असर हुआ है इसलिए इतनी लाते याद आ रही हैं। बुरे दिनों में ऐसी पोल खोल जैसी बातों से ही दिल को तसल्ली दे लो जनाब… और हिन्दी को महाज्ञानी बनो… वैसे आप लोगों के साथ हुआ भी कुछ ऐसा ही हाथ को आया मुँह को न लगा… तो फड़फड़ाना तो बनता है न बॉस…. रटते जाओ नवीन पांडे नवीन पांडे नई जगह जाके फिर तुम लोगों को मुफ्त को रोटियां तुड़वाएंगे….श्री नवीन पांडे…
Khabar
July 3, 2014 at 10:31 am
इतना घमंड हिन्दी पर… अगर महाशय आपकी सारी गलतियां आपको बता दी तो क्या मीडिया को राम राम कर देंगे… गड़ता नहीं होता सही शब्द मैं बता दूं… छोड़ो पता तो होगा ही हमें चैक जो कर रहे हो… आगे भी बताएंगे बिना किसी किताब को छाने बस ये घमंड सही जगह दिखाने का वादा करना जनाब… हम भी स्कूल में पढ़ के आए हैं… स्कूल के पीछे नहीं जनाब पोल खोल… लिखते वक्त कभी कुछ छूट जाता है इसका मतलब ये नहीं कि वो अनपढ़ है… अनपढ़ तो आप हैं… पढ़े लिखे अनपढ़ जो यू तिलमिला कर हिन्दी का ज्ञान बघारने लगे….
पोल खोल
July 3, 2014 at 12:39 pm
शांत रहें वरना और भी बहुत कुछ है। घमंड नहीं आपको दिखा रहे थे आपकी औकात कि आप 4-5000 में क्यों थे और कौन हराम की तोड़ रहा है। अभी तो ट्रेलर है पूरी फिल्म देखनी हो तो सबकी पोल खुल जाएगी।आप सबकी कुंडली तथ्यों के साथ भड़ास में जारी कर दूंगा इसलिए शांति में ही भलाई है 😛 और तिलमिला कौन रहा है ये तो दिख ही रहा है। रही स्कूल की बात तो वो तो दिख गया कि आप कैसे स्कूल से पढ़े हैं। जहां न हिंदी सीखी न अंग्रेजी…..सीखा तो सिर्फ दलाली, हराम की खाना और औछी राजनीति करना। सरकार कितना आता है आपको दिख रहा है। 😆 😆 😆 😆
Khabar
July 3, 2014 at 3:23 pm
औकात तो जनाब दिख ही गई आपकी…. आपकी इस तिलमिलाहट से…. सच में खंभा ही नोच रहे हैं….