कौन है ये टकरू… मोदी ने इसकी कुर्सी क्यूँ छीनी….

Deepak Sharma : भारत में कारपोरेट और ब्यूरोक्रेट की साठगाँठ के एक बड़े चेहरे है राजीव टकरू. 1979 बैच के गुजरात काडर के IAS अफसर राजीव टकरु कुछ दिन पहले तक देश के सबसे ताकतवर अधिकारियों में से एक थे. अम्बानी परिवार और चिदंबरम के आशीर्वाद से वो देश के रेवेन्यु सेक्रेटरी बने. प्रधान मंत्री के प्रमुख सचिव के बाद राजस्व सचिव यानी रेवेन्यु सेक्रेटरी सबसे रसूखदार अफसर होता है क्यूंकि वो सरकार को सारी कमाई करके देता है.

टकरू साहब जब जामनगर के कलक्टर थे तो उन्होंने वहां अम्बानी परिवार की बड़ी मदद की और रिलायंस की रिफाइनरी लगवाने में सहयोग दिया.तभी से ये रिश्ते अमर बेल की तरह फले फूले.अम्बानी परिवार और टकरू साहब की तरक्की साथ साथ होती रही. अम्बानी बंधुओं ने सही वक़्त आने पर टकरू साहब को सरकार की सबसे कमाऊ कुर्सी पर बैठा दिया… मित्रों असली खबर ये है की मोदी ने प्रधान मंत्री की कुर्सी पर बैठते ही सबसे पहले टकरू को राजस्व सचिव के पद से हटा दिया जबकि बजट के कुछ ही दिन बचे थे. मोदी ने जेटली साहब से ये भी कहा की बजट के वक्त न सिर्फ टकरू वित्त मंत्रालय में रहेंगे बल्कि अम्बानी भी वहां नही दिखने चाहिए. दिल्ली में दलाली खत्म करने का ये मोदी का बड़ा कदम है लेकिन उन्हें अदानी के साथ भी उचित दूरियां निभानी होंगी.

आजतक न्यूज चैनल में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा के फेसबुक वॉल से.



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