Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

फर्जीफिकेशन के आरोपी मास्साब-पत्रकार को निजी चैनलों की निगरानी समिति से हटाने की मांग

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने निजी टीवी चैनलों पर निगरानी के लिए बनी समिति में शामिल एक दागी पत्रकार-शिक्षक को तत्काल हटाने की मांग जिलाधिकारी से की है। बीते 8 जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निजी टीवी चैनलों की निगरानी समिति बनाई गयी। इसके बनते ही समिति में शामिल लोगों का विरोध होने लगा। बता दें कि ये शिक्षक कम पत्रकार महोदय अपने आप को वार्ता न्यूज ऐजेंसी का संवाददाता बताते हैं। हैं या नहीं ये तो वार्ता ही जाने और अगर हैं तो वार्ता एजेंसी को भी सावधान हो जाना चाहिए इस धूर्त और धोखेबाज शिक्षक कम पत्रकार से। बात दें कि अगर किसी प्रेस वार्ता में इन्हें नहीं बुलाया जाता तो यो भड़क उठते है कि किसी अखबार को मत बुलाओ मुझे बुला लोगे तो भी सब काम हो जायेगा।

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने निजी टीवी चैनलों पर निगरानी के लिए बनी समिति में शामिल एक दागी पत्रकार-शिक्षक को तत्काल हटाने की मांग जिलाधिकारी से की है। बीते 8 जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निजी टीवी चैनलों की निगरानी समिति बनाई गयी। इसके बनते ही समिति में शामिल लोगों का विरोध होने लगा। बता दें कि ये शिक्षक कम पत्रकार महोदय अपने आप को वार्ता न्यूज ऐजेंसी का संवाददाता बताते हैं। हैं या नहीं ये तो वार्ता ही जाने और अगर हैं तो वार्ता एजेंसी को भी सावधान हो जाना चाहिए इस धूर्त और धोखेबाज शिक्षक कम पत्रकार से। बात दें कि अगर किसी प्रेस वार्ता में इन्हें नहीं बुलाया जाता तो यो भड़क उठते है कि किसी अखबार को मत बुलाओ मुझे बुला लोगे तो भी सब काम हो जायेगा।

शायद ये भूल जाते हैं कि जहां पर जिस अखबार के संवाददाता नहीं होते वहां की ख़बरें या फिर विशेष खबर के लिए एजेंसी के संवाददाता नियुक्त किये जाते है। इन महोदय की कथा इतनी ही नहीं है। शिक्षक के पेशे में तो इनके ऊपर तमाम आरोप हैं ही। बात पत्रकारिता की करें तो इसके बदौलत इन्होंने कई धंधे शुरू किये हैं। अधिकारियों की मक्खन पॉलिस करने का तो इन्हें विशेष गुण प्राप्त है। बैठते हैं तो चिपट ही जाते हैं। दूसरो को मौका ही नहीं देते मक्खन लगाने का। बात इनके शिक्षा के पेशे की करें तो विरोध करते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष डॉ. रमाशंकर शुक्ल ने आरोप लगाया कि निगरानी समिति में राजेन्द्र प्रसाद तिवारी को शामिल किया गया है, जो दागी शिक्षक होते हुए पत्रकारिता भी कर रहे हैं।

जिस जुबली इंटर कालेज के प्रबंधक जिलाधिकारी हैं उसी कालेज के शिक्षक राजेन्द्र प्रसाद तिवारी बिना प्रबंधक से अनुमति लिए पत्रकारिता कर रहे है। कालेज के प्रधानाचार्य ने उन पर दिन भर गायब रहने का आरोप लगाते हुए विजलेंस जांच की मांग भी की है। यही नहीं इनके नियुक्ति व पदोन्नति के मामले में फर्जीफिकेशन का आरोप है, जिसकी जांच डीआईओएस उच्च न्यायालय के आदेश पर कर रहे हैं। उनके एमए हिन्दी द्वितीय वर्ष की फर्जी डिग्री का मामला भी जांच के दायरे में है।

इन पर इस चुनाव में ड्यूटी न करने का आरोप है। जिस पर इनका पूर्व में जिलाधिकारी द्वारा वेतन रोका गया था। इसी सत्र में बिना बोर्ड परीक्षा और मूल्यांकन में ड्यूटी किये मार्च, अप्रैल और मई का वेतन पा लिया। अब अगर इस तरह के लोगो को निगरानी समिति में रखा जायेगा तो हो चुका भला। वैसे प्रशासन द्वारा बनी निगरानी समिति का भी विरोध हो रहा है कि आखिर जिन लोकल चैनलों के चलने पर पाबंदी है उनके लिए निगरानी समिति बनाने की जरूरत ही क्या है?

देव गुप्ता
मीरजापुर।
[email protected]

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन