उर्मिलेश-
वरिष्ठ पत्रकार और हमारे पड़ोस में रहने वाले प्रिय श्यामलाल यादव की नयी किताब का दो दिन पहले यहां IIC में लोकार्पण हुआ.. साथ में किताब पर चर्चा भी.
यह किताब है: At The Heart of Power: The Chief Ministers of Uttar Pradesh. इसे Rupa Publication ने छापा है.
श्यामलाल यादव बेहद मेहनती और प्रतिभावान पत्रकार हैं. INDIAN EXPRESS में छपने वाली उनकी RTI-आधारित शोधपरक खबरें धूम मचाती रही हैं. अपनी इन खबरों के जरिये उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिली है.
उनके अन्य समाचार और दृष्टि-संपन्न राजनीतिक विश्लेषण भी सराहे गये हैं. बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्ति के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है.
प्रिय श्यामलाल जी को नयी किताब के लिए हमारी बहुत-बहुत बधाई और उनके निरंतर रचनात्मक भविष्य के लिए शुभकामना.




श्याम लाल यादव-
बहुत-बहुत आभार उन मित्रों, शुभचिंतकों, सहकर्मियों और हमारे संपादकों का जिन्होंने अपना बहुमूल्य वक़्त मेरी पुस्तक पर चर्चा में शामिल होने के लिए निकाला. बहुत धन्यवाद पद्म भूषण श्री राम बहादुर राय जी, श्री क़मर वाहिद नकवी जी, श्री राजेंद्र अग्रवाल जी और प्रो. सुषमा यादव जी का जिन्होंने पुस्तक की अनेक विशेषताओं पर श्रोताओं को ध्यान दिलाया. हम बहुत पीड़ा में हैं इसलिए कोई विमोचन समारोह नहीं किया था. यह चर्चा आयोजित करने के लिए इंडिया इंटरनेशनल सेंटर का हार्दिक आभार. शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान जी नहीं आ सके क्योंकि उन्हें सम्भलपुर जाना पड़ गया. यूँ ही आप सबका स्नेह मिलता रहे.
क़मर वहीद नकवी-
अच्छी शोधपरक किताब के लिए आपको बहुत-बहुत बधाई। आज़ादी के बाद से अब तक उत्तर प्रदेश की राजनीतिक यात्रा के तमाम पड़ावों का विश्लेषण 21 मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल की उपलब्धियों, समस्याओं, रीत-नीत, उनकी प्राथमिकताओं, सफलता-विफलता, चुनौतियों, विवशताओं और राजनीतिक उठापटक के झंझावातों को रेखांकित करने की अच्छी कोशिश Shyamlal Yadav जी ने की है।


