नई दिल्ली, 10 मई 2025
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, इंडियन वीमेन प्रेस कॉर्प्स, प्रेस एसोसिएशन और दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने संयुक्त रूप से एक बयान जारी करते हुए स्वतंत्र मीडिया पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। यह बयान खासतौर पर द वायर न्यूज़ वेबसाइट को भारत में ब्लॉक किए जाने के संदर्भ में जारी किया गया है।
बयान में क्या कहा गया है?
9 मई 2025 को द वायर ने एक सार्वजनिक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि “भारत सरकार ने देशभर में thewire.in की पहुंच रोक दी है।” कुछ इंटरनेट सेवा प्रदाताओं ने बताया कि यह रोक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के आदेश पर लागू की गई है।
बयान में कहा गया है कि यदि वास्तव में सरकार ने इस वेबसाइट को ब्लॉक किया है, तो यह भारत में स्वतंत्र प्रेस के खिलाफ एक गंभीर हमला माना जाएगा। इसमें कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाई स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने की कोशिश है, जिसकी हम घोर निंदा करते हैं।
पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को निशाना बनाने की बात
बयान में यह भी कहा गया है कि यह कदम 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाई की कड़ी का हिस्सा लगता है। उस हमले की व्यापक निंदा भारतीय मीडिया ने की थी, लेकिन कुछ यूट्यूब चैनलों और मीडिया संस्थानों को कथित तौर पर अनुचित रूप से निशाना बनाया गया।
मकतूब मीडिया, बीबीसी उर्दू और अन्य कश्मीरी पत्रकारों के सोशल मीडिया खातों को “कानूनी मांग” के आधार पर रोका गया है। पत्रकार हिलाल मीर को उनके सोशल मीडिया पोस्ट के चलते हिरासत में लिया गया। यह भी आरोप है कि भारत सरकार ने 8,000 से अधिक X (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट्स को ब्लॉक करने के आदेश दिए हैं, जिनकी कोई सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मांग: पारदर्शिता और प्रेस की स्वतंत्रता की बहाली
बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि मीडिया को ज़िम्मेदारी से काम करना चाहिए, लेकिन सरकार द्वारा पत्रकारों और मीडिया संस्थानों पर बिना किसी स्पष्ट सूचना के प्रतिबंध लगाना अस्वीकार्य है। ऐसे सभी प्रतिबंधों को तुरंत हटाया जाना चाहिए।
निष्कर्ष में, इन संगठनों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह अपनी कार्रवाई में पारदर्शिता लाए और मीडिया संस्थानों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति दे।
हस्ताक्षरकर्ता
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया
इंडियन वीमेन प्रेस कॉर्प्स
प्रेस एसोसिएशन
दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स
देखें मूल प्रेस रिलीज़-

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