नई दिल्ली | टेलीकॉम और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर को बेहतर बनाने के लिए TRAI (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) ने कई अहम सुझाव दिए हैं। इनमें इंटर-ऑपरेबल सेट-टॉप बॉक्स (STB) लागू करने, ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने की अनुमति देने और IPTV सेवा शुरू करने के लिए जरूरी 100 करोड़ रुपये की शर्त को हटाने जैसी बातें शामिल हैं।
क्या बदलेगा?
- सेट-टॉप बॉक्स में बदलाव: TRAI चाहता है कि सेट-टॉप बॉक्स (STB) ऐसा हो, जिसे किसी भी कंपनी के साथ इस्तेमाल किया जा सके। इससे ग्राहकों को ऑपरेटर बदलने में आसानी होगी और पुराने STB बेकार नहीं जाएंगे।
- IPTV सेवा के नियम आसान होंगे: अभी तक इंटरनेट के जरिए टीवी (IPTV) सेवा देने के लिए कंपनियों को 100 करोड़ रुपये की नेट वर्थ दिखानी होती थी, जिसे अब खत्म करने की सिफारिश की गई है। इससे नई कंपनियों को इस क्षेत्र में आने का मौका मिलेगा।
- रेडियो प्रसारण में बदलाव: अब रेडियो चैनल्स को ऑनलाइन भी एक साथ चलाने की अनुमति मिलेगी, लेकिन उसमें कोई एडिटिंग या अलग कंट्रोल नहीं होगा।
सरकार को रेडियो चैनल्स के लिए अलग नियम और विज्ञापन कोड बनाने का सुझाव दिया गया है।
- DTH सेवाओं के लिए शुल्क कम होगा:
अभी DTH कंपनियों को सरकार को 8% शुल्क देना होता है, जिसे घटाकर 3% करने की सिफारिश की गई है।
2026-27 के बाद इसे पूरी तरह खत्म करने की योजना है। इससे DTH सेवाएं सस्ती हो सकती हैं।
- ब्रॉडकास्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर शेयर करने की अनुमति:
अगर कंपनियां चाहें, तो अपनी ब्रॉडकास्टिंग सुविधाएं एक-दूसरे के साथ साझा कर सकती हैं।
इससे नेटवर्क खर्च घटेगा और सेवाएं बेहतर होंगी।
फायदे क्या होंगे?
ग्राहकों को ऑपरेटर बदलने में आसानी होगी।
IPTV और DTH सेवाएं सस्ती हो सकती हैं।
रेडियो को ऑनलाइन सुनने की सुविधा मिलेगी।
नई कंपनियों को ब्रॉडकास्टिंग में एंट्री मिलने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सेवाएं बेहतर होंगी।
TRAI की ये सिफारिशें अगर लागू होती हैं, तो टीवी और रेडियो सेवाओं में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।


