
ईरान के लिए ट्रम्प की अब तक की सबसे बड़ी धमकी:
DonaldTrump सोकर उठे और मंगलवार की सुबह यह पोस्ट डाली-
“एक पूरी सभ्यता आज रात समाप्त हो जाएगी, और कभी वापस नहीं लाई जाएगी। मैं नहीं चाहता कि ऐसा हो, लेकिन शायद ऐसा होगा। हालांकि, अब जब हमारे पास पूर्ण और सम्पूर्ण शासन परिवर्तन है, जहाँ अलग, अधिक बुद्धिमान और कम कट्टरपंथी सोच वाले लोग प्रभावी होंगे, शायद कुछ क्रांतिकारी रूप से अद्भुत हो सकता है — कौन जानता है? हम आज रात जानेंगे, जो दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक होगा। 47 वर्षों का जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत अब अंततः खत्म होगा। ईश्वर ईरान के महान लोगों को आशीर्वाद दे!”

इस बीच भारतीय दूतावास, तेहरान की तरफ़ से एक एडवाइजरी जारी की गई है जो यूँ है-
भारतीय दूतावास ने तेहरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को अगले 48 घंटों तक जहां हैं वहीं रहने, घर के अंदर रहने, संवेदनशील स्थानों और ऊपरी मंजिलों से दूर रहने तथा किसी भी आवागमन को केवल दूतावास के समन्वय में करने की सलाह दी है।
संदेश साफ है कि स्थिति गंभीर है और कोई बड़ा घटनाक्रम होने की आशंका के बीच यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
नवीन कुमार-
एक तरह से अमेरिका ने ईरान पर परमाणु हमले का एलान कर दिया है। उसने कहा है कि आज रात ईरानी सभ्यता धरती से हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी – फिर से कभी वापस न आने के लिए। यह समय है जब डोनाल्ड ट्रंप को दुनिया एक सुर में संसार का मोस्ट वांटेड आतंकवादी करार दे। इस घोषणा को अमेरिकी लोकतंत्र के विवेक पर छोड़ना उसके अपराध में शामिल होने जैसा ही होगा।
एक समूची सभ्यता को खत्म कर देने का एलान कोई युद्ध नहीं है। यह आतंकवाद से भी ज्यादा घृणित है। हिटलर के नाजीवाद से भी क्रूर खयाल। यही तो वो सोचता था। कि संसार के सारे यहूदियों और उन्हें बचाने वालों को खत्म कर देगा। आज वो दुनिया के लिए सबसे बड़े कलंक का नाम है। लेकिन ट्रंप का बाकायदा एलान है है कि वो नाजियों से भी ज्यादा क्रूरता, नाजियों से भी ज्यादा बर्बरता और नाजियों से भी ज्यादा वहशीपन दिखाएगा। हिटलर ने भी नौ करोड़ लोगों को नहीं मारा था।
डोनाल्ड ट्रंप ने डंके की चोट पर कहा कि आज रात ईरान की पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी जो कभी वापस नहीं आएगी। यह सीधे-सीधे परमाणु हमले की धमकी है। और शर्म आती है कि एक देश के राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठा एक आदमखोर इसका एलान करता है और 195 देशों की धरती के 194 देश इसका तमाशा देखते रहते हैं।
हम इतिहास के एक भयावह मुहाने पर खड़े हैं। क्या ईरान पर परमाणु हमला होने वाला है? नागासाकी और हिरोशिमा से भी भयावह। पता नहीं – लेकिन ट्रंप इस धरती के लिए ओसामा बिन लादेन से ज्यादा खतरनाक हो चुका है।
आज ट्रम्प की ये धमकी है. उधर से ईरान ने भो बोल रखा है कि वो अमेरिका को छठी का दूध पिला देंगे. अब ऐसे में अगर कुछ भी हो किसी की भी जान माल की हानि हो उसके समर्थकों को बाद में रोना नहीं चाहिए विक्टिम कार्ड नहीं खेलना चाहिए. विश्व के शेष देश भी जो न्यूट्रल थे / शांत बैठे थे कि इस युद्ध से हमारा कोई लेना देना नहीं, अब बात यहाँ तक आ गई है शाब्दिक युद्ध इतना पहुँच गया है, इतना कुछ लिखा जा चुका है, वार्न किया जा चुका है तो असल में कुछ भो हो किसी को समस्या नहीं होनी चाहिए. ट्रम्प ने भी बोला हुआ है या तो साथ आओ या अपना अपना देखो. ईरान के पक्ष में आलरेडी मजहबी भाई हैं ही सब. तो अब बात नेक्स्ट लेवल पर है. कुछ भी हो तो किसी के पेट में दर्द नहीं होना चाहिए कि मानवता का नुक़सान हुआ टाइप्स.
अब कम ही लगता है कि आने वाले कुछ घंटों में वार्ता से काम चलेगा.
Enough talks, bring on the popcorn and watch the show…
-नितिन त्रिपाठी


