प्रकाश के रे-
ट्रम्प और मस्क दोनों ही तनातनी की असली वजह नहीं बता रहे हैं. ट्रम्प के ट्रेड वॉर और चिप बैन के बदले में चीन ने रेयर अर्थ मैटेरियल्स के निर्यात को रोक दिया है. चीन उन्हीं कंपनियों को ये मैटेरियल्स दे रहा है, जो यह साबित कर रहे हैं कि उनका अमेरिकी मिलिटरी से कोई संबंध नहीं है.
इलोन मस्क की सभी कंपनियों के लिए रेयर अर्थ मैटेरियल्स ज़रूरी हैं. इनका इस्तेमाल कार, रॉकेट, रोबोट, न्यूरालिंक चिप आदि सबमें होता है. रेयर अर्थ मैटेरियल्स पर चीन का पूर्ण एकाधिकार है. मस्क कहीं और से इन्हें हासिल नहीं कर सकते हैं और उनकी मुसीबत यह है कि उनकी सभी कंपनियों का अमेरिकी मिलिटरी से भी वास्ता है. बाक़ी चीन में मस्क की फ़ैक्ट्रियाँ तो हैं ही.
प्रशांत टंडन-
एक म्यान में दो तलवारें नहीं रह सकती तो दो सनकी भी एक साथ लंबे समय तक साथ नहीं रह सकते। एलन मस्क से इतनी नजदीकी और उसका हस्तक्षेप अमेरिका की ब्यूरोक्रेसी पसंद नहीं कर रही थी। जेडी वेंस मट्ठा डाल ही रहे थे।
घरेलू स्तर पर अब ट्रंप के प्रति नाज़ारगी कम होगी। ट्रंप के तमाम विवादित फैसले मस्क की वजह से भी हो रहे थे जिनका प्रशासनिक अनुभव जीरो था और राय हर विषय पर थी।
ओवल ऑफिस – दुनिया की सबसे प्रभावशाली जगह मस्क और उसके बच्चे के खलने की जगह बन गया था।

मोदी के लिये अच्छी खबर नहीं है। ट्रंप के व्हाइट हाउस से बाहर जाने से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का प्रभाव अब बढ़ेगा। मस्क एक व्यापरी था – उसे लालच दिया जा सकता था। वेंस राजनीतिज्ञ हैं और एक रूढ़िवादी ईसाई हैं।
नितिन त्रिपाठी-
राजनीति वाक़ई बहुत कुटिल होती है.
भारत में अमेरिका के राष्ट्रपति की जितनी चर्चा जितनी बातें होती हैं सामान्यतः अमेरिका में उसकी चौथाई भी नहीं होती. यहाँ राष्ट्रपति का एक ही काम होता है समय समय पर कोई अंतरराष्ट्रीय टारगेट चुन उस पर गोला बारी कर थोड़ा बहुत न्यूज़ देते रहो या फिर क्रिसमस/थैंक्स गिविंग में मीम का कच्चा माल दो. देश उद्योगपति चलाते हैं, सरकार भी.
लेकिन ट्रम्प पट्ठा रोज ही कुछ न कुछ एंटरटेनमेंट देता रहता है. पब्लिक को यही चाहिए एंटरटेनमेंट एंटरटेनमेंट एंटरटेनमेंट. आज दिन भर ट्रम्प और मस्क की सोशल मीडिया पर झड़प हुई. ट्रम्प ने बोला कि मस्क इस लिए नाराज हैं कि ट्रम्प के बजट में ईवी की सब्सिडी बंद कर दी गई. ट्रम्प ने धमकी दी कि वह मस्क के सरकारी ठेके बंद कर देंगे. मस्क ने हाथों हाथ अपनी कंपनी स्पेस एक्स का ड्रैगन बंद करने की घोषणा कर दी – अब अमेरिका के पास आईएसएस तक सप्लाई ले जाने वाला कोई यान ही न बचा. ऐसा यान केवल रसिया के पास है, अमेरिकन सरकार इसके लिए प्राइवेट कंपनी पर आश्रित थी. मस्क ने ट्रम्प पर बाल यौन शोषण के एक मुजरिम का सहयोगी होने और उसकी फाइल दबाने का भी आरोप लगाया.
पर मुख्य बात यह – मस्क हैं व्यवसायी राजनेता नहीं. उनकी कंपनी का शेयर आज औंधे मुँह गिरा. व्यवसाई की नेगेटिव न्यूज़ जनता नही चाहती है. वहीं आज की रिलीज़ अप्रूवल रेटिंग में ट्रम्प ने जबरदस्त इम्प्रूवमेंट किया है. पब्लिक को मनोरंजन मिल रहा है फ्री का बस इतना चाहिए था वो मिल रहा है. बेस्ट प्रेसिडेंट. आज अगर चुनाव हो जाये तो ट्रम्प लैंडस्लाइड जीत हासिल करेंगे.
एक बात और भी है राजनीति सब जगह की कुटिल होती है. ट्रम्प ने मस्क के धन वैभव पॉपुलैरिटी का जमकर यूज़ किया, राष्ट्रपति बने, मस्क को ऐसे विभाग का हेड बनाया जिसमें गाली पड़नी ही थीं. अब चूंकि ट्रम्प बनाम मस्क हो गया तो ट्रम्प के बुरे निर्णय अपने आप मस्क के मान लिए जायेंगे. ट्रम्प का यह बिल आम जनता को ढेर सारी राहत देने वाला है, जनता को बस इतना चाहिए. उसे लगेगा सब गलती मस्क की थी.
ट्रम्प ने चीन को आंख भी दिखाई धीमे से बिहाइंड द सीन समझौता हो जाएगा चीनी ईवी गाड़ियां अमेरिका आ जायेंगी – जनता को सस्ती गाड़ी मिलेगी. ट्रम्प भी दिखा ले जाएगा कि चीन ने उसकी शर्त मानी. चीन दिखा लेगा देखो हमारे बिना उनका काम न चला उल्टे अब तो हमारा ev भी ले रहे हैं. ट्रम्प रशिया से समझौता कर उन्हें पेमेंट कर उनका अंतरिक्ष यान घटी दर में ले लेगा. रूस भी ख़ुश. सबके लिए विन विन. एकमात्र घाटा हुआ मस्क का.
राकेश कायस्थ-
ट्रंप, मस्क और लोकतंत्र
दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र अमेरिका के रंगमंच पर इस वक्त कपड़ा फाड़ होली चल रही है। ये देखकर आधी दुनिया रो रही है और बाकी दुनिया जोर-जोर से हंस रही है। बिल्डर से विश्व नेता बने डोनाल्ड ट्रंप अब सिर्फ अंडर वियर धारी रह गये हैं लेकिन मजाल है कि चेहरे पर जरा सी शिकन भी आये, वही अकड़, वही छिछोरपन और वही बदजुबानी। सबकुछ पहले जैसा है।
एलॉन मस्क अपने चडी—बडी ट्रंप के शरीर के सारे कपड़े तो फाड़ चुके हैं लेकिन ऐसा करके उन्होंने सिर्फ एक दिन में 150 अरब डॉलर की पूंजी स्वाहा कर डाली है। ये पैसे अकेले उनके नहीं थे बल्कि भारत समेत दुनिया के हर देश में बैठे टेस्ला के शेयरधारकों के भी थे। दुनिया के दो सबसे ताकतवर लोगों की खुली जंग ब्रांड अमेरिका और टेस्ला दोनों का आनेवाले दिनों में कितना नुकसान करेगी, इसका अंदाजा लगाना कठिन है।
यह कहा जाता है कि एलॉन मस्क ने अरबों डॉलर में ट्विटर खरीदने का व्यवसायिक रूप से अदूरदर्शी फैसला लिया ही इसलिए था ताकि ट्रंप को राष्ट्रपति बनवा सकें। 14 बच्चों के पिता एलॉन मस्क की पहचान सिर्फ टेस्ला और स्पेस एक्स जैसी कंपनियों के मालिक और दुनिया के सबसे अमीर आदमी की नहीं है।
इससे आगे मस्क को एक ऐसा जीनियस माना जाता है कि जो अपने वैज्ञानिक उद्यमों से दुनिया बदल सकता है। ट्विटर खरीदने के लिए उनकी पर्याप्त आलोचना हुई लेकिन जल्द ही उन्होंने पूरी दुनिया को बता दिया कि 21वीं सदी को सेंचुरी ऑफ डेटा क्यों कहा जाता है। मस्क ने बहुत पहले भांप लिया था कि राष्ट्रपति बाइडेन की लोकप्रियता गिर रही है और अमेरिकी वोटरों में एक तरह की उदासीनता के साथ बेचैनी भी है। उन्होंने ट्रंप के लिए जबरदस्त कैंपेन किया और उनके लिए अपना पूरा खजाना भी खोल दिया। इसका परिणाम अमेरिका के चुनाव नतीजों में दिखा।
ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही पहले काम ये किया कि व्हाइट हाउस में मस्क को अपने साथ एक बड़ा चैंबर देकर एक ऐसी कमेटी का सर्वे-सर्वा बना दिया, जिसका काम अमेरिका के सरकारी खर्चों में बेतहाशा कटौती करना था। मस्क ने जब ये काम संभाला तब भी टेस्ला के ज्यादातर शेयर होल्डर्स ने इस पर सख्त एतराज किया था।
शेयर धारकों का तर्क ये था कि मस्क जैसी शख्सियत किसी भी सरकार को बाहर रहकर प्रभावित करने की स्थिति में है तो फिर उसे सरकार से सीधे जुड़ने की क्या जरूरत है। इससे उनका कीमती वक्त बर्बाद होगा और उसका सीधा असर कंपनी की सेहत पर पड़ेगा। शेयर धारक सही थे। कई अलोकप्रिय फैसलों की तोहमत अपने सिर पर लेने के बाद मस्क की समझ में आया कि ट्रंप के साथ ज्यादा वक्त तक काम करना उनके लिए संभव नहीं है। मस्क ने ना सिर्फ सरकारी पद छोड़ा बल्कि उसके बाद अपने बयानों के ज़रिये ट्रंप के खिलाफ खुली लड़ाई का बिगुल फूंक दिया।
ये लड़ाई अब इतनी आगे बढ़ चुकी है कि इसकी परिणति दोनों बड़ी शख्सियतों की बर्बादी के रूप में ही नज़र आ रही है। मस्क ने जो बातें कहीं कही हैं, उनसे ऐसा लगता है कि उनके पास ट्रंप से जुड़े कई अहम राज़ हैं, जिनसे वो आनेवाले दिनों में पर्दा हटा सकते हैं। दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप ये धमकी दे रहे हैं कि मस्क की जो कंपनियां सरकार के साथ मिलकर परियोजनाएं चला रही हैं, उन सबकी फंडिंग रोकी जा सकती है।
अमेरिका से बाहर निकलकर एक विश्व नागिरक के तौर पर इन घटनाओं को देखें तो माथे पर बल पड़ने लगता है। अमेरिका को दुनिया के सबसे सफल लोकतंत्र और पूंजीवाद के सबसे कामयाब मॉडल के तौर पर देखा जाता है। ट्रंप के दोबारा सत्ताधीश बनने के बाद इस लोकतंत्र के भीतर के भीतर की गंदगी भयावह तरीके से निकलकर सामने आनी शुरू हो गई थी।
राजनीति, व्यापार और समूचे तंत्र के बीच किस तरह का अनैतिक गठजोड़ चलता रहा है, ये ट्रंप के काम करने के तरीकों से लगातार उजागर होता रहा। ट्रंप खुलेआम कह रहे हैं, उन्होंने मस्क को बहुत फायदा पहुंचाया है लेकिन अब वो बदल गये हैं। अमेरिका की संस्थाओं और खासकर न्यायपालिका को पूरी दुनिया आदर्श के रूप में देखती आई थी लेकिन ट्रंप ने बताया कि एक भ्रष्ट और ताकतवर राजनेता अच्छी से अच्छी व्यवस्था में अपने लिए रास्ते ढूंढ सकता है।
ग्रोक जैसे टूल्स के साथ एलॉन मस्क कृत्रिम बुद्धिमता के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया है। लेकिन टेस्ला के शेयर होल्डर उनकी सामान्य बुद्धिमता पर सवाल उठा रहे हैं। किसी की समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर ट्रंप जैसे तुनकमिजाज, आत्ममुग्ध, सनकी और अविश्सनीय व्यक्ति के साथ जुड़कर मस्क क्या हासिल करना चाहते थे। अगर मकसद अपनी व्यवसायिक उपक्रमों के लिए मन-माफिक नीतियां बनवाना था, तो यह काम तो बाहर रहकर ज्यादा आसानी से हो सकता था। फिर इस कुत्ता घसीटी में पड़ने क्या औचित्य?
अपने मनमाने फैसलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति में भूचाल लाने वाले ट्रंप का अगला कदम क्या होगा? एलॉन मस्क ने एक्स पर एक पोल करवाया है, जिसमें ये पूछा गया है कि क्या अमेरिका को अब डेमोक्रेट और रिपब्लिकन से अलग किसी तीसरे राजनीतिक दल की जरूरत है? इस पोल में प्रचंड बहुत से लोगों ने मस्क की बात का समर्थन किया है। ट्रंप और पूरा अमेरिका सत्ता तंत्र मस्क के इस तरह के पैंतरों को किस तरह देखेगा?
बात निकली है तो दूर तलक जाएगी। लेकिन बाकी दुनिया के लिए इस तमाशे के नतीजे बहुत ज्यादा निराशा करने वाले हैं। रोल मॉडल की तरह देखा जा रहा अमेरिका के तन सजे लोकतंत्र के वस्त्रों के चिंदियां हवा में उड़ने लगी हैं। ये तमाशा डिक्टेटर बनने की राह पर चल रहे दुनिया के अलग-अलग नेताओं को नई ताकत देगा। वो अपने देश में लोकतंत्र के बूट तले रौंदेंगे और मूंछ पर ताव देते हुए कहेंगे—अमेरिका का हाल नहीं देखा, हम तो उससे बेहतर हैं।


