
उन्नाव | जिले के माफियाओं से सांठगांठ करने वाले एसडीएम उदित सिंह सेंगर द्वारा फर्जी मुकदमों में जेल भेजे गए पत्रकार रंजन बाजपेई ने राष्ट्रपति से लेकर तमाम मंत्रालयों और अफसरों से प्रकरण की शिकायत भेजी है.
अपने प्रार्थना पत्र में पीड़ित पत्रकार रंजन ने लिखा है- असोहा पुलिस जिस समय उनकी गिरफ्तारी कर थाने ले गई, उसके बाद थानाध्यक्ष विमलकांत गोयल ने एसडीएम उदित सिंह सेंगर को भी रात करीब 1 बजे थाने बुलाया. कुछ देर बाद एसडीएम थाने पहुंच गए और रंजन बाजपेई के खिलाफ योगेश नाम के युवक जो कि असोहा थाना क्षेत्र के पहासा गांव का है, एसडीएम का करीबी भी बताया जा रहा है.. के द्वारा फर्जी वसूली की तहरीर की बिना जांच मुकदमा पंजीकृत कर ली गई.
इस तहरीर में जिले कई सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार संकल्प दीक्षित का नाम भी शामिल कर दिया. रंजन बाजपेई ने भड़ास को बताया कि जिस योगेश नाम के युवक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया.. दरअसल वह खनन माफिया है और एसडीएम के इशारे पर मुझे कुछ रुपया लेकर शांत रहने की बात दिनांक 05 दिसंबर से 07 दिसंबर तक करता रहा है.
चूंकि पुलिस खिसियाई थी और एसडीएम को करोड़ों का नुकसान हो रहा था इसलिए पुलिस ने बिना जांच दूसरा केस भी पंजीकृत कर दिया. जबकि रंजन बाजपेई के पास खुद योगेश ने दो दिन के अंतराल में करीब 14 बार फोन किया, जिसमें रंजन ने 3 बार फोन काटा और 11 बार हुई बात में योगेश पैसे लेकर शांत रहने को कह रहा है, जिसकी रिकॉर्डिंग भी रंजन बाजपेई के पास मौजूद है.
रंजन ने पीएम, सीएम, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया समेत तमाम अधिकारियों को एसडीएम व अन्य लोगों के खिलाफ प्रार्थना-पत्र देकर कार्यवाही की मांग की है. रंजन ने शपथ-पत्र देते हुए कहा कि जिस दिन से उन्होंने प्रार्थना पत्र अधिकारियों को दिए उसके बाद से उनके व उनके परिवार पर भी खतरा मंडरा रहा है.
प्रभावशाली होने के कारण उक्त लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, लेकिन रंजन अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ आखिरी दम तक लड़ना चाहते हैं और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते रहेंगे.
देखें पत्र…





मूल खबर…
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