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सियासत

अखिलेश राज में ये सब क्या हो रहा है, मंदिर के लाउडस्पीकर से भीड़ को उन्मादी कौन बना रहा है : अजीत अंजुम

Ajit Anjum :  दिल्ली से सटे यूपी के दादरी इलाके में जो हुआ, उसे आप क्या कहेंगे? मंदिर के लाउडस्पीकर से ये अफवाह फैलाई गई की फलां घर में गोमांस है और उग्र भीड़ ने उस घर पर धावा बोल दिया और एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई. सरेआम उसे पीटा जाता रहा. कुछ लोग उसे पीट रहे थे और कुछ तमाशा देख रहे थे. बेटी-पत्नी और परिवार बचाने की गुहार लगा रहा था लेकिन कोई सुनने वाला नहीं. थी तो सिर्फ हत्यारी भीड़ या खामोश तमाशबीन.

Ajit Anjum :  दिल्ली से सटे यूपी के दादरी इलाके में जो हुआ, उसे आप क्या कहेंगे? मंदिर के लाउडस्पीकर से ये अफवाह फैलाई गई की फलां घर में गोमांस है और उग्र भीड़ ने उस घर पर धावा बोल दिया और एक बुजुर्ग की हत्या कर दी गई. सरेआम उसे पीटा जाता रहा. कुछ लोग उसे पीट रहे थे और कुछ तमाशा देख रहे थे. बेटी-पत्नी और परिवार बचाने की गुहार लगा रहा था लेकिन कोई सुनने वाला नहीं. थी तो सिर्फ हत्यारी भीड़ या खामोश तमाशबीन.

अख़लाक़ नाम के उस शख्स की बेटी साजिदा कातिलों की भीड़ में से 10-12 को पहचानती थी. पहले उसने उन सबके हाथ पाँव जोड़े कि मेरे पिता को छोड़ दो लेकिन जब उनपर कोई असर नहीं हुआ तो वो दौड़ती हुई अपने आस पड़ोस के घरों में गई. उन लोगों के दरवाजों पर उसने दस्तक दी, जिन्हें वो बचपन से भैया, चाचा, ताऊ कहती थी. सबसे उसने कातिल भीड़ से पिता को बचाने की गुहार लगाई लेकिन किसी को न तो उस पर तरस आया न ही मौत की तरफ बढ़ते उसके पिता पर. और, वही हुआ, जो भीड़ ने चाहा.

अखिलेश राज में ये क्या हो रहा है और कौन हैं जो मंदिर के लाउडस्पीकर से भीड़ को उन्मादी बना रहे हैं? कैसी मानसिकता है ये? आज जब उस गांव में हमारे रिपोर्टर मनीष प्रसाद ने हिन्दू परिवारों से बात की तो कई लोगों ने कहा कि अख़लाक़ के घर ईद-बकरीद में वो सेवइयां और मटन खाने जाते थे. इस बार भी गए. उन्हें अफ़सोस है कि वो अख़लाक़ को बचा नहीं पाए. आज रात 8.30 बजे आप देखिए इंडिया टीवी पर पूरी खबर.

इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर अजीत अंजुम के फेसबुक वॉल से.

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2 Comments

2 Comments

  1. mahinder lal

    September 30, 2015 at 11:42 am

    muslmano ko kharoch bhi lagti hai to aap jese chutiye sampadak bhonkhne lagte hai

  2. Niranjan verma

    October 3, 2015 at 8:17 am

    Mamala vastav me sanwedanshil he .. ghatna dukhad he … aisa nahi hona chahiye …. ajeet ji apke liye salah he ki aap masjido khashkar kashmir se bharat sarkar ke khilaf hone wale unmadi bhasno par bhi kan denge or khud par lage hindu virodhi partkar hone ka dag dho lenge

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