एबीपी न्यूज़ की सीनियर जर्नलिस्ट विभा कौल भट्ट का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ समय से बीमार थीं और मुंबई के लीलावती अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। हार्ट की सर्जरी के बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से मीडिया जगत में शोक की लहर है और सहयोगी पत्रकार लगातार उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
विभा कौल भट्ट के निधन की वजह क्या बताई जा रही है?
सूत्रों के अनुसार, विभा कौल भट्ट की लीलावती अस्पताल में हार्ट सर्जरी हुई थी। सर्जरी के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही थी, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ी और उनका असामयिक निधन हो गया।
सहकर्मियों ने जताया दुख
सीनियर जर्नलिस्ट मिलिंद खांडेकर ने सोशल मीडिया पर विभा कौल भट्ट की तस्वीर साझा कर भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा— “सुबह पता चला, अब तक यकीन नहीं हो रहा। विभा कौल भट्ट को विनम्र श्रद्धांजलि। एबीपी न्यूज़ के शो सास, बहू और साज़िश की कर्ताधर्ता रहीं। कल लीलावती अस्पताल में सर्जरी हुई थी, आज सुबह निधन हो गया।”
Just received terrible news this morning. Senior Journalist Vibha Kaul Bhat passed away after a surgery at the Lilavati Hospital in Mumbai. She was part of the Kashmir Circle group. Heartfelt condolences to family and friends. This is absolutely shocking. Aum Shaanti! – आदित्य राज कौल
संजय किशोर-
Vibha Kaul Bhat: मुस्कान, ऊर्जा और सलीके की वह टीवी जर्नलिस्ट जो यादों में बस गईं
बहुत दुखद है कि हमारी साथी विभा कौल भट्ट अब हमारे बीच नहीं रहीं। लीलावती अस्पताल में भर्ती थी जहां ऑपरेशन के बाद अचानक तबीयत बिगड़ जाने से उनका असमय निधन हो गया।
साल 2000 में Zee News, दिल्ली में उनके साथ काम करने की यादें आज भी उतनी ही ताज़ा हैं। उनकी हँसमुख शक़्ल, वह चुलबुली ऊर्जा और उनका मज़ेदार तकिया कलाम…
“कान के नीचे बजा दूँगी!” आज भी चेहरे पर मुस्कान ला देता है।
दिल्ली से वे बाद में मुंबई चली गईं, जहाँ उन्होंने Star News जॉइन किया और फिर लंबे समय तक वहीं रहीं। आगे चलकर वे ABP News की एक बेहद महत्त्वपूर्ण स्तंभ बन गईं।
विभा को सबसे अधिक उनकी लंबी और प्रभावशाली पारी के लिए जाना गया, जब वे ABP News में Associate Vice President रहीं और चैनल की एंटरटेनमेंट कवरेज को नई दिशा दी।
उन्होंने ‘सास, बहू और साज़िश’ जैसे प्रतिष्ठित शो को न सिर्फ़ नई पहचान दी, बल्कि उसे देश के सबसे लोकप्रिय और लंबे समय तक चलने वाले एंटरटेनमेंट शोज़ में शामिल कर दिया। तबला उस्ताद ज़ाकिर हुसैन के लिए उनका गहरा लगाव किसी से छुपा नहीं था।
विभा काम में बेहद ईमानदार, व्यवहार में गर्मजोशी से भरी, और अपने अंदाज़ में बिल्कुल अनोखी थीं। टीवी पत्रकारिता ने आज एक सलीके वाली, संवेदनशील आवाज़ खो दी है और हमने एक बेहद हंसमुख, सहज और प्यारी साथी।
विभा हमेशा ज़िंदगी से भरी रहती थीं, अपने चेहरे की मुस्कान से दूसरों को भी मुस्कुराने पर मजबूर कर देती थीं।
उनकी एक यादगार सीख हमेशा दिल में रहेगी: “खुद मुस्कुराओ… और दूसरों को भी मुस्कुराना मत भूलो।”
ढेर सारा प्यार, विभा। आप सचमुच दिल की बहुत प्यारी इंसान थीं। भावपूर्ण श्रद्धांजलि।



