Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

आयोजन

अमावस की एक रात… गोवर्द्धन परिक्रमा मार्ग… यशवंत को एक भिखारी का भूखदान

मथुरा वृंदावन कई बार जा चुका हूं. गोवर्द्धन व बरसाना इस बार जाना हुआ. ये सब मथुरा जिले में ही है. गोवर्द्धन में सात कोसी यानि 21 किमी परिक्रमा की परंपरा है. मैं अमावस की रात 12 किमी पैदल टहला. अदभुत लगा. नाइट आउट की इतनी मजेदार जगह मुझे आजतक नहीं मिली. तरह तरह के लोग. ढेर सारी दुकानें. आस्था और आधुनिकता एक साथ नंगे पांव.

ये हैं इटवा के भगवान सिंह. इनकी पत्नी शादी के ग्यारह साल बाद ही गुजर गईं. नाम गुड्डी. भगवान जी ने पत्नी का नाम खुदवा रखा है. पत्नी के असमय चले जाने से दो बेटियों और एक बेटे के पालन पोषण समेत सब कुछ का भार इन्हीं पर आन पड़ा. रिक्शा चला चला कर इन्होंने दोनों बेटियों को ब्याह दिया और बेटे को सुनार के पेशे में उतार दिया. इनका मानना है कि यह सब गिरिराज जी की कृपा के कारण संभव हो पाया और उन्होंने उसी समय शपथ लिया था कि बेटे बेटी सब सही से सेटल हो जाएंगे तो सबसे कठिन वाली परिक्रमा करने आएंगे. इनसे हुई बातचीत का वीडियो देखने के लिए नीचे क्लिक करें>

इस भगवान ने खोल दी दिल की किताब

अगली स्लाइड में देखें> मनमोहक परिक्रमा मार्ग पर कहीं भांग की दुकान तो कहीं संपूर्ण कब्रिस्तान

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs

Pages: 1 2 3 4

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन