‘यूट्यूब’ के बाद अब ‘यूट्यूब रेड’ लेकिन यह फ्री नहीं, देने होंगे पैसे

गूगल ने काफी पहले यूट्यूब पेड सर्विस शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन अब इसे आधिकारिक रूप से शुरू किया जा रहा है। इसी के साथ यूट्यूब म्‍यूजिक स्‍ट्रीमिंग ऐप भी लॉन्‍च करेगा। यूट्यूब रेड उन यूजर्स के लिए शुरू किया गया है, जो एक निश्चित रकम का भुगतान करके इस सेवा का उपयोग करना चाहते हैं। अब यूजर्स के पास रेगुलर यूट्यूब के साथ ही पेड वर्जन की सुविधा भी रहेगी। फ्री वर्जन में वीडियो के साथ-साथ आपको विज्ञापन भी दिखाई देते हैं। जबकि रेड सर्विस में ऐसा नहीं होगा।

यूट्यूब रेड के यूजर्स बिना विज्ञापन के वीडियो देख भी सकेंगे तथा उसे डाउनलोड भी कर सकेंगे। यह वीडियो मोबाइल डिवाइस के लिए भी डाउनलोड किए जा सकेंगे। यूट्यूब रेड को उपयोग करने के लिए अमेरिकी यूजर्स को हर महीने 10 डॉलर खर्च करना होगा। हालांकि दुनिया के बाकी देशों में इसके लिए क्‍या शुल्‍क लिया जाएगा, इसकी घोषणा अभी नहीं की गई है। यूट्यूब की पेड सर्विस रेड को 28 अक्‍टूबर को अमेरिका में लॉन्‍च किया जाएगा। इसके बाद अगले साल यानी 2016 में इसे दुनिया के अन्‍य देशों में भी शुरू किया जाएगा।

मौजूदा यूट्यूब सर्विस में यूजर्स को वीडियो देखते समय आने वाले विज्ञापनों को स्किप करना पड़ता है। लेकिन इसके लिए 5 सेकेंड का समय तय है, उससे पहले विज्ञापन नहीं हटाए जा सकते हैं। इसी प्रकार कुछ वीडियो में ऐसे विज्ञापन होते हैं, जिन्‍हें स्किप नहीं किया जा सकता है। हालांकि यूट्यूब रेड के यूजर्स को पॉपुलर कंटेंट क्रिएटर्स के ओरिजनल वीडियो नहीं मिल सकेंगे। क्‍योंकि ऐसे कंटेंट क्रिएटर विज्ञापनों के जरिए ही अपनी लागत निकालते हैं। गूगल यूट्यूब म्‍यूजिक नाम से एक नया ऐप भी लॉन्‍च करने जा रहा है, जिसमें विज्ञापनों के साथ आप वीडियो देख सकेंगे। यह एक प्रकार की स्‍ट्रीमिंग सर्विस है, जो अलग-अलग चैनल्‍स से कंटेंट को लेकर दिखाएगी।



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