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मजीठिया मामले में पत्रकार और गैर पत्रकार श्रम आयुक्त कार्यालय में अपना स्टेटमेंट फार्म 48 घंटे में जरूर भरें

मुंबई : पत्रकारों और गैर पत्रकारों के वेतन, भत्ते तथा प्रमोशन से जुड़े मजीठिया वेज बोर्ड मामले में देश भर में सर्वे का काम चल रहा है। इस सर्वे के दौरान भी श्रम अधिकारियों की आँखों में प्रबंधन धूल झोंक रहा है। कई जगह से ऐसी शिकायते आ रही हैं कि सर्वे के दौरान पत्रकारों का या मजीठिया की लड़ाई लड़ रहे पत्रकारों का पक्ष श्रम अधिकारी नहीं ले रहे हैं। ताजा उदाहरण एक देता हूँ। श्री अम्बिका प्रिंटर्स एन्ड पब्लिकेशन्स लालबाग के मुम्बई कार्यालय में मजीठिया जाँच टीम पहुंची तो वहाँ बता दिया गया कि उनके यहाँ सुबह का समाचार पत्र छपता है इसलिए पत्रकार रात को काम पर आते हैं। इस कंपनी ने अपने लोगों का स्टेटमेंट श्रम अधिकारियो से दिला दिया और रट्टू तोते की तरह सबने वही लिखित स्टेटमेंट दिया जो प्रबंधन चाहता था।

मुंबई : पत्रकारों और गैर पत्रकारों के वेतन, भत्ते तथा प्रमोशन से जुड़े मजीठिया वेज बोर्ड मामले में देश भर में सर्वे का काम चल रहा है। इस सर्वे के दौरान भी श्रम अधिकारियों की आँखों में प्रबंधन धूल झोंक रहा है। कई जगह से ऐसी शिकायते आ रही हैं कि सर्वे के दौरान पत्रकारों का या मजीठिया की लड़ाई लड़ रहे पत्रकारों का पक्ष श्रम अधिकारी नहीं ले रहे हैं। ताजा उदाहरण एक देता हूँ। श्री अम्बिका प्रिंटर्स एन्ड पब्लिकेशन्स लालबाग के मुम्बई कार्यालय में मजीठिया जाँच टीम पहुंची तो वहाँ बता दिया गया कि उनके यहाँ सुबह का समाचार पत्र छपता है इसलिए पत्रकार रात को काम पर आते हैं। इस कंपनी ने अपने लोगों का स्टेटमेंट श्रम अधिकारियो से दिला दिया और रट्टू तोते की तरह सबने वही लिखित स्टेटमेंट दिया जो प्रबंधन चाहता था।

उस दिन ड्यूटी पर सुबह की पाली में तैनात पत्रकार शशिकांत सिंह या दूसरे पत्रकारों या गैर पत्रकारों को स्टेटमेंट के लिए बुलाया ही नहीं गया और प्रबंधन ने कह दिया कि उनकी नाइट ड्यूटी है और आज वे अवकाश पर हैं। इस बात का पता लगने पर शशिकांत सिंह और दूसरे पत्रकारों ने कड़ा एतराज जताया और अगले दिन जाकर श्रम अधिकारी दयानंद मुले के पास अपना लिखित स्टेटमेंट दिया। इसके लिए बाकायदे एक फार्मेट श्रम विभाग ने जारी किया है।

अगर आपके समाचार पत्र या न्यूज़ एजेंसी में भी सर्वे के लिए श्रम अधिकारी गए हैं या नहीं भी गए हैं या आपका लिखित स्टेटमेंट फ़ार्म नहीं भरा गया है तो 48 घंटे के अंदर पास के श्रम आयुक्त कार्यालय में जाकर अपना स्टेटमेन्ट फ़ार्म जरूर भर दें। श्रम आयुक्त कार्यालय में जाकर पहले ये पता लगायें कि आपके समाचार पत्र प्रतिष्ठान में सर्वे हुआ है कि नहीं। अगर हुआ है तो पता लगायें उस अधिकारी का नाम। फिर उस अधिकारी से मिलकर पहले अपना एतराज जताएं और स्टेटमेंट फ़ार्म में मांगी गयी जानकारी भर कर उसका फोटोस्टेट करायें और श्रम अधिकारी या श्रम आयुक्त कार्यालय से उसकी रिसीव कापी स्टेम्प लगवाकर जरूर ले लें।

इस स्टेटमेंट के साथ आप जरुरी कागजात भी लगवाएं। ये स्टेटमेंट फ़ार्म अगर आपने नहीं भरा तो संभव है कि श्रम आयुक्त अधिकारी प्रबंधन के इशारे पर एकतरफ़ा रिपोर्ट बनाकर सुप्रीम कोर्ट में भेज दें। आपको बता दें कि श्रम आयुक्त को मजीठिया मामले में 5 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट माननीय सुप्रीम कोर्ट में भेजनी है। इसलिए 30 जून तक हर हाल में अपना स्टेटमेंट फ़ार्म भर कर श्रम आयुक्त कार्यालय में जमा करा दें ताकि माननीय सुप्रीम कोर्ट में सही रिपोर्ट जा सके। कोई दिक्कत या सुझाव हो तो जरूर फोन करें।

शशिकांत सिंह
shashikant singh
पत्रकार और आर टी आई एक्टिविस्ट
9322411335
[email protected]

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