
इंडिया टीवी के मालिक और वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक आवेदन दायर किया है. आवेदन में आरोप लगाया है कि ट्विटर (अब एक्स) और कांग्रेस नेता रागिनी पाठक, पवन खेड़ा व जयराम रमेश ने उनके खिलाफ पोस्ट किए गए अपमानजनक ट्वीट को हटाने वाले अदालती आदेश को नहीं माना है.
रजत शर्मा के आवेदन को सुनते हुए हाई कोर्ट जस्टिस मनप्रीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने शर्मा द्वारा मानहानि के दायर मुकदमे में एक्स और कांग्रेस नेताओं को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है.
बता दें कि कांग्रेस नेताओं द्वारा आम चुनाव 2024 के परिणाम के दौरान इंडिया टीवी के एक प्रोग्राम में महिला प्रवक्ता को ऑन एयर गाली देने का आरोप लगाया गया था. इस सिलसिले में खुद महिला प्रवक्ता की तरफ से सबसे पहले ट्वीट कर आरोप लगाया गया था.
मामले में अब तक क्या हुआ?
14 जून को समन्वय पीठ ने कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ एक्स को मध्यस्थ दिशा-निर्देशों के अनुसार, सात दिनों के भीतर सोशल मीडिया पोस्ट हटाने का आदेश दिया. शर्मा की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट राजीव नायर ने अदालत अदालत को बताया कि तीनों कांग्रेस नेताओं समेत एक्स ने भी अदालती आदेश की अवहेलना की है. क्योंकि इन सभी की तरफ से आदेश के बावजूद वीडियो नहीं हटाया गया.
वहीं एक्स की तरफ से पेश हुए सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव ने अदालत को बताया कि उनकी तरफ (एक्स) की तरफ से 3 जुलाई की देर शाम तक आदेश (वीडियो हटाने का) का पालन किया था.
रजत शर्मा के वकील नायर ने कहा कि वीडियो को पूरा नहीं आंशिक तौर पर रोका गया है. वीडियो भारत के अलावा बाकी के बाहरी मुल्कों में देखा जा सकता है. अधिवक्ता ने अपनी दलील में कहा कि,वह शीर्ष पत्रकार हैं. उनके 11.2 मिलियन से अधिक फॉलोवर्स हैं. अगर आदेश केवल भारत में प्रतिबंधित है तो मेरी प्रतिष्ठा दुनिया के अन्य देशों में खराब होगी.
बहरहाल, आवेदन में नोटिस जारी करते हुए अदालत ने एक्स कॉर्प और कांग्रेस नेताओं को जवाब-प्रतिवाद दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है.



