नीरेंद्र नागर-
Candidate के लिए हिंदी में कई शब्द चलते हैं। जैसे उम्मीदवार और प्रत्याशी। लेकिन ये दोनों शब्द उन लोगों के लिए अधिक प्रयोग किए जाते हैं जो चुनाव आदि में खड़े होते हैं।
नौकरी के लिए जो आवेदन करते हैं, उनके लिए एक और शब्द चलता है जिसे हिंदी मीडिया में दो तरह से लिखा जाता है – अभ्यर्थी और अभ्यार्थी।
आज की शब्दचर्चा 52 में हम यही जानेंगे कि सही शब्द क्या है – अभ्यर्थी या अभ्यार्थी।
लेकिन आगे बढ़ने से पहले यह जान लें कि कौन सी वेबसाइट क्या लिख रही है ताकि जब ग़लत- सही का पता चले तो आप जान सकें कि कौन सा मीडिया संस्थान आपको सही सिखा रहा है और कौन सा ग़लत।
अभ्यर्थी – जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स, प्रभात ख़बर, पंजाब केसरी, NDTV राजस्थान, News 18
अभ्यार्थी – जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स, प्रभात ख़बर, पंजाब केसरी, ABP News, NDTV हिंदी
आपने देखा – जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, नवभारत टाइम्स, प्रभात ख़बर और पंजाब केसरी की किसी ख़बर में अभ्यर्थी है तो किसी में अभ्यार्थी। यानी जिस कॉपी एडिटर को जो सही लगता है, वह लिख रहा है।
भवानी प्रसाद मिश्र ने कभी लिखा था – जिस तरह हम बोलते हैं, उस तरह तू लिख। लगता है, इन संस्थानों के संपादकों ने इस कविता को दिल और दिमाग़ से अपना लिया है और अपने कॉपी एडिटरों से साफ़-साफ़ कह दिया है – जिस तरह तू बोलता है, उस तरह तू लिख, इसकी चिंता मत करो, वह ग़लत है या ठीक। चलिए, अब जानते हैं कि सही क्या है।
सही है अभ्यर्थी। कारण, यह संस्कृत से आया है जहाँ इसका मतलब है – याचना या प्रार्थना करने वाला। लेकिन हिंदी में इसका सीमित अर्थ है – किसी पद या नौकरी पर चुने जाने के लिए आवेदन करनेवाला। किसी भी ढंग के शब्दकोश में आपको अभ्यर्थी ही मिलेगा, अभ्यार्थी नहीं।
लेकिन आश्चर्य की बात है कि कई सरकारी विज्ञापनों में भी अभ्यर्थी की जगह अभ्यार्थी का प्रयोग किया जाता है। शायद इसलिए कि जिन सरकारी या निजी कर्मचारियों को इस काम में लगाया गया है, उन्होंने भी इन नामी-गिरामी अख़बारों और वेबसाइटों में अभ्यार्थी ही पढ़ा होगा और समझा होगा कि यही सही है।
अब समझने का प्रयास करते हैं कि जब सही शब्द अभ्यर्थी है तो अभ्यार्थी भी कैसे इतना चल निकला। मेरी समझ से इसका कारण हैं विद्यार्थी, परीक्षार्थी, दर्शनार्थी और शरणार्थी जैसे शब्द।
चूँकि इन सभी शब्दों के अंत में -आर्थी है, सो उन पत्रकारों या कर्मचारियों को लगा होगा कि अभ्यार्थी ही सही होना चाहिए।
लेकिन विद्यार्थी/शरणार्थी और अभ्यर्थी की रचना प्रक्रिया में अंतर है। विद्यार्थी में विद्या के अंतिम आ और अर्थी के शुरुआती अ के मिलने से ‘आ’ बना है। आ+अ=आ (दीर्घ संधि)। इसलिए विद्यार्थी। शरणार्थी में भी शरण के अंतिम अ और अर्थी के शुरुआती अ के मिलने से ‘आ’ बना है। अ+अ=आ। यहाँ भी दीर्घ संधि है।
परंतु अभ्यर्थी के अभि के अंत में अ’ नहीं, इ है और इस इ और अर्थी के अ के मिलने से बनता है अभ्यर्थी। यहाँ यण संधि हुई है जिसके कारण इ का य् हो गया है। कुछ इस तरह अभि+अर्थी=अभ्(इ)+अर्थी=अभ्(य्)+अर्थी=अभ्यर्थी।
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शब्दचर्चा (51) : संपादक जी! जो बस गया विदेश में, वह ‘प्रवासी’ है या ‘अप्रवासी’?


