सोशल मीडिया पर मधु पूर्णिमा किश्वर के एक ट्वीट ने हंगामा मचा रखा है। मोदी के विरोधी और सपोर्टर किश्वर के ट्वीट के बाद दो खेमों में बंट गए हैं। भाजपा आईटी सेल तो बचाव में लगी ही है, उधर कुछ टीवी पत्रकार भी भक्ति में सराबोर हैं। ताजा उदाहरण भक्त शिरोमणि चित्रा त्रिपाठी और रोमाना का देखिए..
चित्रा त्रिपाठी-
75 साल की मधु किश्वर की इतनी कुंठा? (दो-तीन साल पहले का उनका ट्वीट भी पढ़ें)


2013-2014 का दौर था, मधु किश्वर जी “इंडिया न्यूज” के दफ़्तर आतीं और तब के तत्कालीन सीएम नरेन्द्र मोदी के कसीदे पढ़ते थकती नहीं थी. “मोदीनामा” किताब का शीर्षक आपको सबकुछ बता देगा. मोदी ने जब उनकी किताब के लिये इंटरव्यू दिया तो उसे “इंडिया न्यूज” पर चलाया जाना था. मोदी को नुक़सान ना हो, उनकी कोई ग़लत बात नहीं जाए, उनकी छवि पर असर ना पहुँचे, मोदी नाराज़ ना हो जायें, मोदी जैसा अच्छा इंसान मैंने नहीं देखा, ये बातें संपादकों पत्रकारों से न्यूज रूम में शेयर करते मधु किश्वर नहीं थकती थीं. मैं उस समय बदलते राजनीतिक माहौल के बीच पत्रकारिता सीख रही थी.
कई बार तो न्यूज़ रूम में ये भी चर्चा हुई कि मोदीनामा, मधु किश्वर ने इसलिये लिखा है क्योंकि वो राज्यसभा जाना चाहती हैं. मधु किश्वर से कुछ लोग मजाक में ये बोल देते थे तो वो शरमा जाती. मैं उस न्यूज़रूम का हिस्सा थी.
आज उनके बेहूदे शब्द और भड़ास देखकर हैरान हूँ. राज्यसभा नहीं मिलने पर अंगूर खट्टे हैं वाली कहावत इन पर सटीक बैठती है. हमारे यहाँ बुजुर्गों के प्रति सम्मान की बात कही गई है मगर राज्यसभा नहीं मिलने पर 75 साल की मधु किश्वर का इतना फ़्रस्ट्रेशन?
इतनी कुंठा? इतना घिनौनापन? ये तो ठीक नहीं है मधु किश्वर जी. ईश्वर आपकी मनो स्थिति को ठीक करे
75 साल के तो वो भी हो चुके हैं जिनके बचाव में आप भी लगता है किसी राजनैतिक लाभ के लालच में ही उतरी हैं – ना राज्यसभा मधु को मिली ना उसे जिसे “काम” निकल जाने के बाद मक्खी की तरह निकाल फेंका. आपके मुताबिक प्रधानमंत्री का गुणगान तो बस पद पाने के लिए ही किया जाता है – जो आप भी कर रही हैं. पत्रकारिता का धर्म तो कुछ और ही कहता है – किसी की गोद में बैठ कर तो आज कल मात्र गोदी पत्रकारिता ही हो रही है.
-अलका लांबा, कांग्रेस नेता
यदि यही आरोप विपक्ष के किसी नेता पर लगते तो आप सब डिबेट्स करते नहीं थकते। आज मोदी जी की पार्टी और विचारधारा से जुड़े लोग जब ऐसे संगीन आरोप मोदी जी पर लगा रहे हैं तो आप बीच बचाव कर रहे हैं। आखिर क्यों?
-पवन खेड़ा, प्रवक्ता कांग्रेस
ज्ञानेंद्र अवस्थी-
ABP NEWS की एंकर रोमाना कह रही है कि वह खुद तलवे के साथ मलाई भी चाट रही हैं। पता यह करना है कि मलाई अलग से मिलती है या तलवे पर लगाकर।

मधु किश्वर से सबूत मांग रही और कह रही है मलाई खाई हो तो मत बोलो लेकिन यही बात अगर राहुल गांधी के लिए कोई लिखता तो रोमाना सबूत मांगती ?? अंजना और रुबिका लियाकत पीछे छूट गई आती ही होंगी महामानव के बचाव में।
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