नई दिल्ली | Delhi High Court ने सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा आदेश देते हुए “डॉ. निमो यादव” और “न्हेर व्हू” नाम के दो X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट तत्काल प्रभाव से बहाल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत का यह फैसला ऐसे समय आया है जब केंद्र सरकार द्वारा कई सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किए जाने को लेकर देशभर में बहस छिड़ी हुई है।
यह मामला तब सामने आया था जब केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A के तहत 12 अकाउंट्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। इनमें @DrNimoYadav भी शामिल था। सरकार का कहना था कि इन अकाउंट्स पर ऐसा कंटेंट साझा किया जा रहा था, जो प्रधानमंत्री Narendra Modi की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है और “फॉल्स नैरेटिव” फैलाने का काम कर रहा है।
इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए डॉ. निमो यादव की ओर से अदालत का रुख किया गया। याचिका में कहा गया कि बिना किसी पूर्व सूचना या सुनवाई के अकाउंट को ब्लॉक करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है और यह सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार पर चोट करता है।
लाइव लॉ की खबर के मुताबिक, मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस Purushaindra Kumar Kaurav की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि पूरे अकाउंट को ब्लॉक करना एक कठोर कदम है, जबकि आपत्तिजनक सामग्री को अलग से हटाया जा सकता है। अदालत ने निर्देश दिया कि डॉ. निमो यादव का अकाउंट तुरंत बहाल किया जाए, हालांकि जिन पोस्ट्स पर सरकार को आपत्ति है, उन्हें फिलहाल प्रतिबंधित रखा जा सकता है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की कार्रवाई में संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य है और सरकार को स्थापित प्रक्रियाओं तथा “प्राकृतिक न्याय” के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। साथ ही, मामले को समीक्षा के लिए संबंधित कमेटी के पास भेजे जाने की बात भी कही गई है।
इस फैसले के बाद अन्य ब्लॉक किए गए अकाउंट्स को लेकर भी उम्मीद जगी है। खासकर सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जुड़े कई लोग यह मान रहे हैं कि इस आदेश के बाद 4PM News, National Dastak और Molitics जैसे प्लेटफॉर्म्स के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनलों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा हो सकती है और उन्हें राहत मिलने की संभावना बन सकती है।
कुल मिलाकर, दिल्ली हाईकोर्ट का यह आदेश सिर्फ एक अकाउंट की बहाली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह डिजिटल युग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सरकारी नियंत्रण और सोशल मीडिया रेगुलेशन के बीच संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण न्यायिक संदेश भी देता है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसका क्या असर पड़ता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
अकाउंट तुरंत बहाल करो हाईकोर्ट.. और सरकार से पूछा गया ,बताओ किस अधिकार से आवाज़ दबाई!
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती.. ट्वीट अभी भी ब्लॉक रहेंगे… यानी सज़ा जारी, सबूत बाद में!
ये कैसा लोकतंत्र है? जहाँ सरकार पहले गला घोंटती है फिर अदालत में कहती है साहब, वजह ढूंढ रहे हैं..
धारा 69A का इस्तेमाल अब सुरक्षा के लिए नहीं, आवाज़ दबाने के औज़ार की तरह हो रहा है।
आज उसका अकाउंट था कल आपका होगा। याद रखिए .. जब सत्ता सवालों से डरने लगे, तो सेंसरशिप बढ़ती है और लोकतंत्र कमजोर होता है.. -संजय शर्मा, एडिटर-इन-चीफ, 4पीएम
सदफ आफरीन-
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस Purushaindra Kumar Kaurav ने पैरोडी अकाउंट “Dr Nimo Yadav” (Prateek Sharma द्वारा संचालित) को तुरंत बहाल करने का निर्देश दिया है!
यह अकाउंट केंद्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के आदेश पर X (पूर्व Twitter) द्वारा ब्लॉक कर दिया गया था!
सरकार ने आरोप लगाया था कि अकाउंट पर AI जनित सामग्री और प्रधानमंत्री Narendra Modi को निशाना बनाने वाली मानहानिकारक पोस्ट्स थी!
अदालत ने अकाउंट को बहाल करने का आदेश देते हुए कहा कि Prateek Sharma को संबंधित समिति के समक्ष पेश होना होगा और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया जाए। हालांकि, ब्लॉकिंग आदेश में उल्लिखित कुछ विशिष्ट ट्वीट्स को अस्थायी रूप से रोके रखने का निर्देश दिया गया है!
दिल्ली हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार के आदेश पर ब्लॉक किए गए ‘Dr Nimo Yadav’ (प्रतीक शर्मा) और ‘Nehr Who’ (कुमार नयन) के X अकाउंट्स को तत्काल बहाल करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि पूरा अकाउंट ब्लॉक करना अनुचित है, हालांकि विवादित ट्वीट्स अस्थायी रूप से ब्लॉक रहेंगे। -Molitics
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