कल दिल्ली में विवेक नागपाल और आरती के सुपुत्र हरिअंश और सेलीना की सगाई थी। यह सगाई अपने आप में बड़ी चर्चा का विषय है। इस कार्यक्रम में अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी, भूटानी ग्रुप के सीईओ आशीष भूटानी, EaseMyTrip के सीईओ निशांत पिट्टी, देश की प्रतिष्ठित लॉ फर्म करंजावाला एंड कंपनी के को-फाउंडर और मशहूर अधिवक्ता रायन करंजावाला तथा सिविल सर्विसेज को छोड़ कर अभिनेता बने अभिषेक सिंह समेत तमाम दिग्गज लोग मौजूद रहे।
सवाल सगाई का नहीं बल्कि सवाल ये है कि विवेक नागपाल कौन है? क्या करता है? उसका मुख्य पेशा क्या है? ऐसा उसके पीछे क्या है जो अदाणी जैसे लोग उसके कार्यक्रम में पहुँचे? यह नीचे पढ़िए जो भड़ास ने 2015 में पब्लिश किया था। पहले 4पीएम के संपादक संजय शर्मा को पढ़िए…
दिल्ली की एक शादी इन दिनों खूब चर्चा में है. कहा जा रहा है कि सत्ता के गलियारों से नज़दीकियाँ किस तरह किसी को ज़मीन से उठाकर आसमान तक पहुँचा देती हैं, इसकी मिसाल यही परिवार बन गया है.
प्रणव मुखर्जी जैसे बड़े नामों से पुराने संपर्कों की चर्चा हो या गुजरात लॉबी की कथित मेहरबानी. हर कहानी एक ही दिशा में इशारा करती है.
बताया जाता है कि गाड़ियों की नंबर प्लेट लगाने जैसे छोटे से दिखने वाले कारोबार ने देखते ही देखते अरबों का साम्राज्य खड़ा कर दिया.
सवाल ये है कि इतनी तेज़ रफ्तार से बढ़ने वाला ये कारोबार आखिर किस ताकत के सहारे दौड़ रहा था!
Bhutani Group समेत कई बड़े नामों के कर्ता धर्ता इस शादी में शामिल थे. जिनके ठिकानों पर ईडी और इनकम टैक्स पहले ही पहुंच चुकी है!
ऐसे लोगों की दस्तक ने इन सवालों को और गहरा कर दिया है कि ये सारे लोगों का खेल कितना गहरा है!
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये सिर्फ़ कारोबार की सफलता है या सत्ता की छाया में खड़ा हुआ साम्राज्य! और अगर सब कुछ साफ़ है, तो फिर बार-बार जांच एजेंसियों की आहट क्यों सुनाई देती है!
यहां जानिए विवेक नागपाल को और कितने पत्रकारों को गिफ्ट बांटने की लिस्ट भी देखिए-
हवाला माफिया और महाघोटालेबाज विवेक नागपाल के ‘एजेंडे’ पर काम करते हैं कई पेड पत्रकार!


