बिलासपुर– छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भ्रष्टाचार से जुड़ी खबर प्रकाशित करने के बाद एक पत्रकार को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। पत्रकार गौरव जैन ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, हाल ही में जनपद पंचायत गौरेला में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण (पूर्व मनरेगा) से जुड़े कार्यों में रिश्वतखोरी के आरोप सामने आए थे। आवास मित्र के रूप में काम कर चुके हेतराम राठौर ने तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार पर पशु शेड के मूल्यांकन के बदले 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित खबर के अनुसार, शिकायतकर्ता का दावा है कि तय रकम में से 4 हजार रुपये जनपद पंचायत कार्यालय की छत पर दिए गए थे। इस दौरान हुए लेनदेन का वीडियो भी रिकॉर्ड किया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पत्रकार गौरव जैन ने आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़ी खबर प्रकाशित होने के बाद उन्हें लगातार फोन कर दबाव बनाया गया। शिकायत के अनुसार, 9893317123 नंबर से कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार का बड़ा भाई तुषार ताम्रकार बताया। पत्रकार का आरोप है कि फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें “देख लेने” और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
गौरव जैन का कहना है कि यह स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने और जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग रोकने की कोशिश है। उन्होंने एसपी को दिए आवेदन में कहा कि खबर उपलब्ध तथ्यों और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर प्रकाशित की गई थी। यदि किसी पक्ष को आपत्ति थी तो वह कानूनी रास्ता अपना सकता था, लेकिन इसके बजाय धमकी का सहारा लिया गया।
पत्रकार ने मामले में संबंधित मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच, कॉल डिटेल निकलवाने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।


