चंदौली। पुलिस की सामाजिक पहल का एक अनूठा उदाहरण चंदौली में देखने को मिला। मिशन शक्ति अभियान के तहत वाराणसी जोन के डीआईजी वैभव कृष्ण की पहल पर चंदौली के पंडी गांव की 40 आदिवासी महिलाओं को पहली बार वाराणसी भ्रमण कराया गया।
पहाड़ों और जंगलों से घिरे इस गांव की अधिकांश महिलाएं इससे पहले कभी शहर नहीं गई थीं। पुलिस की विशेष बस से 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को वाराणसी लाया गया, जहां उन्होंने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर और संकटमोचन मंदिर के दर्शन किए।
यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए दो इंस्पेक्टर और चार उपनिरीक्षक तैनात रहे। इस पहल का उद्देश्य आदिवासी समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ना, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें नए अनुभवों से परिचित कराना था।
पहली बार काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को करीब से देखकर महिलाओं ने खुशी जताई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के प्रयास समाज के वंचित वर्गों में विश्वास बढ़ाने और पुलिस-जन संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
राजेश साहू-
15 जून को वाराणसी रेंज के DIG वैभव कृष्ण चंदौली के पंडी गांव पहुंचे थे। ये गांव वाराणसी जिला मुख्यालय से करीब 95 किलोमीटर दूर है। जंगल टाइप एरिया है। मुख्यधारा से कटा हुआ है।
डीआईजी साहब यहां महिलाओं से बात कर रहे थे। बातों-बातों में महिलाओं ने कहा कि हम तो यहां से निकले ही नहीं हैं। कभी शहर गए ही नहीं। यह सुनकर वैभव कृष्ण भावुक हो गए।
उन्होंने महिलाओं से पूछा कि अगर आप लोगों को घूमने का मौका मिले तो कहां जाएंगी? महिलाओं में से आवाज आई, बनारस शहर जाएंगे, बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन करेंगे।
वैभव ने तुरंत ही आदेश दिया कि इन महिलाओं की यात्रा का बंदोबस्त करवाया जाए। 29 जून को बकायदा पुलिस की बस गांव पहुंची। गांव की 30 बुजुर्ग महिलाओं व 10 पुरुषों को बस में बैठाया और उन्हें वाराणसी लेकर आए।
काशी विश्वनाथ, संकट मोचन मंदिर में दर्शन करवाया। खाना खिलवाया। महिलाएं बेहद खुश नजर आई। असल में मिशन शक्ति अभियान के तहत फैसला हुआ था। इस योजना के तहत वंचित क्षेत्रों के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास प्रशासन कर रहा है।






