भोपाल। देश के सबसे बड़े हिंदी अखबार समूहों में शामिल दैनिक भास्कर (DB Corp Ltd.) को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से बड़ा झटका लगा है। EPFO के क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल ने पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कंपनी के खिलाफ कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की देनदारी तय कर दी है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-II द्वारा 9 जून 2026 को पारित आदेश में DB Corp Ltd. पर 9,57,518 रुपये की देनदारी निर्धारित की गई है। मामला कर्मचारी के वेतन से जुड़े उन भत्तों (Allowances) का है, जिन पर EPF कटौती और जमा नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया था।
2021 में हुई थी शिकायत
आदेश के अनुसार जितेंद्र कुमार सिंह ने 1 दिसंबर 2021 को EPFO में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने बेसिक वेतन के अलावा मिलने वाले विभिन्न भत्तों पर EPF जमा नहीं किया।
इसके बाद EPFO की प्रवर्तन टीम (Enforcement Officers) ने कंपनी के रिकॉर्ड की जांच की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एक अन्य कर्मचारी कीर्ति चतुर्वेदी ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच में क्या मिला?
EPFO की जांच रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2010 से जनवरी 2021 के बीच जितेंद्र कुमार सिंह को कुल 56.60 लाख रुपये से अधिक का वेतन मिला। इसमें लगभग 37.86 लाख रुपये की राशि को कंपनी ने ऐसे भत्तों के रूप में दिखाया, जिन पर EPF लागू नहीं माना गया।
हालांकि जांच अधिकारियों ने पाया कि इन मदों पर EPF देनदारी बनती है। इसके बाद बकाया राशि का आकलन किया गया और कंपनी को नोटिस जारी किया गया।
रिकॉर्ड मांगता रहा EPFO, नहीं मिला पूरा जवाब
आदेश में उल्लेख है कि EPFO ने जुलाई 2022 में कंपनी को बकाया जमा करने के लिए नोटिस भेजा था। साथ ही अन्य कर्मचारियों के रिकॉर्ड भी मांगे गए थे। लेकिन विभाग के अनुसार बार-बार अवसर दिए जाने और कई बार समय बढ़ाने के बावजूद कंपनी ने सभी कर्मचारियों से संबंधित पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया।
इसके बाद EPFO ने कर्मचारी भविष्य निधि अधिनियम की धारा 7A के तहत औपचारिक सुनवाई शुरू की। मामले की सुनवाई फरवरी 2024 से मई 2026 तक चली, जिसमें कंपनी की ओर से प्रबंधन, कानूनी अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा।
वेज स्प्लिटिंग पर उठे सवाल
पूरे मामले का केंद्र तथाकथित “वेज स्प्लिटिंग” यानी वेतन को विभिन्न भत्तों में बांटकर EPF देनदारी कम करने का आरोप है। कर्मचारी पक्ष का दावा था कि कंपनी ने वेतन संरचना इस तरह बनाई कि बड़ी राशि EPF गणना से बाहर रहे।
मीडिया उद्योग के लिए अहम फैसला
मामले को मीडिया उद्योग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यदि इसी प्रकार की वेतन संरचना अन्य कर्मचारियों पर भी लागू पाई जाती है तो इसके व्यापक वित्तीय और कानूनी प्रभाव पड़ सकते हैं।
हालांकि DB Corp Ltd. के पास आदेश के खिलाफ उच्च प्राधिकरण के समक्ष अपील करने का विकल्प मौजूद है। कंपनी की ओर से इस आदेश पर फिलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मीडिया संस्थानों में कर्मचारियों के EPF अधिकारों को लेकर यह फैसला आने वाले दिनों में एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।







