Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

डीआईजी वैभव कृष्ण ने ग़ाज़ीपुर के दो भ्रष्ट दरोगाओं को किया सस्पेंड

‘जीरो टॉलरेंस’ नीति : गाजीपुर टेंडर घोटाला के फर्जी दस्तावेजों वाले मामले की जांच में लापरवाही के कारण हुए निलंबित

Indian police officer in khaki uniform with peaked cap, medals, and ribbons at a public event, crowd in background.

सुजीत सिंह प्रिंस-

वाराणसी/गाजीपुर, 6 जुलाई। गाजीपुर में सरकारी निविदा प्रक्रिया में कथित फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से जुड़े संवेदनशील मामले की विवेचना में गंभीर लापरवाही बरतने पर दो उपनिरीक्षकों (दरोगाओं) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) वैभव कृष्ण द्वारा मामले की समीक्षा के बाद की गई।

डीआईजी ऑफिस वाराणसी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, गाजीपुर कोतवाली में वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमा तकनीकी प्रशिक्षकों (Technical Instructors) की नियुक्ति के लिए Government e-Marketplace (GeM) पोर्टल के माध्यम से हुई सरकारी निविदा से जुड़ा है। जांच में सामने आया था कि 176 फर्मों में से 7 निजी फर्मों ने कथित तौर पर फर्जी बैंक दस्तावेजों और वित्तीय अभिलेखों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया था।  

डीआईजी द्वारा 3 जुलाई को की गई समीक्षा में पाया गया कि विवेचकों ने फर्जी दस्तावेजों जैसे गंभीर आरोपों की समुचित जांच नहीं की। इतना ही नहीं, बिना पर्याप्त आधार के सातों फर्मों को जांच से अलग कर दिया गया और मामले में जल्दबाजी दिखाते हुए अंतिम रिपोर्ट लगाकर विवेचना समाप्त करने का प्रयास किया गया।  

प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद उपनिरीक्षक रोहित कुमार और उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार उपाध्याय, दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।  

इसके साथ ही मुकदमा संख्या 132/2025 की विवेचना को कोतवाली से हटाकर क्षेत्राधिकारी नगर को सौंप दिया गया है। नए विवेचक को निर्देश दिए गए हैं कि 30 दिनों के भीतर मामले की निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।  

वाराणसी परिक्षेत्र पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संवेदनशील मामलों की विवेचना में लापरवाही के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी और भविष्य में भी ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  

पढ़ें डीआईजी ऑफिस वाराणसी की तरफ़ से जारी प्रेस विज्ञप्ति-

Official government police notice page in Hindi, displaying the emblem and 112 logo with date 06.07.2026. The header announces a notice from the Office of the Deputy Inspector General of Police, Varanasi Range, Varanasi. The page includes a long paragraph of text and a table titled 'कुटुंब में लिप्त पानी फ़र्मों का विवरण' listing several firms (with associated bank names) and their account details. The overall purpose is an information notice about actions related to government and police matter, not a visual scene.
Hindi official notice page with bullet points about police actions and safety guidelines.

संबंधित स्टोरी भी पढ़िए-

जानिये क्या है गाजीपुर GeM टेंडर घोटाला जिसमें आरोपी इन 7 फर्मों को बचाना महंगा पड़ा दो दरोगाओं को! https://www.bhadas4media.com/ghazipur-gem-tender-scam-7-firms-fake-bank-documents/

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन