लखनऊ: ग्रामीण और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले मीडिया संस्थान गांव कनेक्शन में कथित तौर पर बड़े स्तर पर छंटनी की खबर सामने आई है। मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों और सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, संस्थान से जुड़े करीब 9 पत्रकारों को नौकरी से हटाए जाने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि संबंधित कर्मचारियों को देर रात ईमेल के जरिए नौकरी समाप्त किए जाने की सूचना दी गई। दावा है कि इससे पहले उन्हें किसी तरह का नोटिस नहीं दिया गया था। हालांकि, इन दावों पर संस्थान की ओर से फिलहाल कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
गांव कनेक्शन की स्थापना पत्रकार और लेखक नीलेश मिश्रा ने की थी। संस्थान खुद को ग्रामीण भारत की कहानियों और मुद्दों पर केंद्रित मीडिया प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश करता है।
पहले भी छंटनी को लेकर उठते रहे हैं सवाल
सोशल मीडिया पर सामने आई प्रतिक्रियाओं में यह दावा भी किया जा रहा है कि गांव कनेक्शन में इससे पहले भी कर्मचारियों की छंटनी होती रही है। हालांकि, मौजूदा मामले में कितने कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं और इसकी वजह क्या बताई गई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
मीडिया सेक्टर में लगातार बदलते बिजनेस मॉडल, डिजिटल विज्ञापन बाजार में दबाव और संस्थानों की लागत घटाने की कोशिशों के बीच न्यूजरूम में छंटनी का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। ऐसे में गांव कनेक्शन से सामने आई कथित छंटनी ने एक बार फिर मीडिया संस्थानों में पत्रकारों की नौकरी की सुरक्षा और पारदर्शी रोजगार प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
उत्तर प्रदेश–
लखनऊ के न्यूज संस्थान “गांव कनेक्शन” से 9 पत्रकारों को आधी रात में ईमेल भेजकर अचानक नौकरी से हटा दिया गया। इन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। इस संस्थान के मालिक नीलेश मिश्रा हैं, जो फिल्म मेकर भी हैं। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब “गांव कनेक्शन” में पत्रकारों की इस तरीके की अचानक छंटनी हुई है।
–सचिन गुप्ता, पत्रकार
लगता है नीलेश मिश्रा की सत्ता से सेटिंग हो गई है।
वैसे भी, अब नौसिखिए माइक पकड़कर रिपोर्टिंग करने लगे हैं।
पत्रकारों को पूछता ही कौन है?
-सौमित्र राय


