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टाइम्स ऑफ इंडिया समूह में ये सब क्या होने जा रहा है? सकते में कर्मचारी

टाइम्स ऑफ इंडिया समूह की मूल कंपनी बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL) में बड़े स्तर पर पुनर्गठन की चर्चा तेज है। कंपनी के अलग-अलग प्रकाशनों और विभागों में कर्मचारियों की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और कामकाज के तरीके की समीक्षा की जा रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के तहत कुछ विभागों में कर्मचारियों की संख्या 5 से 10 फीसदी तक कम किए जाने की संभावना है। हालांकि BCCL ने कर्मचारियों की संख्या में कटौती के किसी तय लक्ष्य से इनकार किया है।

मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, विभाग प्रमुखों ने हाल में टीम लीडर्स के साथ बैठकें की हैं। इन बैठकों में ऐसे पदों और जिम्मेदारियों की पहचान करने को कहा गया है, जिनकी मौजूदा व्यवस्था में पहले जैसी जरूरत नहीं रह गई है। कुछ ऐसे कामों की भी पहचान की जा रही है जिन्हें भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से किया जा सकता है।

कंपनी के भीतर कर्मचारियों की संभावित छंटनी को लेकर अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। वहीं, उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों को स्थायी पदों से हटाकर कॉन्ट्रैक्ट आधारित भूमिकाओं में लाने की भी चर्चा है। ऐसी स्थिति में कुछ कर्मचारियों की सैलरी पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि इस संबंध में भी कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

BCCL में यह चर्चा ऐसे समय सामने आई है जब कंपनी के Response कारोबार में पहले ही पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह Response में 40 से ज्यादा कर्मचारियों को कंपनी से अलग होने के लिए कहा गया था। अब समूह के दूसरे प्रकाशनों और विभागों में भी कामकाज तथा कर्मचारियों की भूमिकाओं की समीक्षा की खबर सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक, समूह के कुछ प्रकाशनों और संस्करणों में पन्नों की संख्या में भी बदलाव किया जा सकता है। इसके साथ ही सामग्री और संपादकीय रणनीति में बदलाव की संभावना है। पाठकों की बदलती पसंद, विज्ञापन बाजार और कारोबार के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग संस्करणों की पेजिनेशन और कंटेंट मिक्स की समीक्षा की जा सकती है।

BCCL ने कर्मचारियों की संख्या में 5 से 10 फीसदी कटौती के किसी निश्चित लक्ष्य से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि एक आधुनिक और आगे बढ़ने वाले संगठन के तौर पर वह अपनी प्रक्रियाओं, भूमिकाओं और कामकाज के ढांचे की लगातार समीक्षा करती रहती है। इसका उद्देश्य कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाना और AI समेत नई तकनीकों को अपनाकर संगठन को अधिक चुस्त और प्रतिस्पर्धी बनाना है।

कंपनी के मुताबिक, बदलती जिम्मेदारियों के साथ उसका जोर भूमिकाओं को नए तरीके से तैयार करने, कर्मचारियों का कौशल बढ़ाने और जहां संभव हो, उन्हें दूसरी भूमिकाओं में स्थानांतरित करने पर रहता है। अखबारों के संस्करणों को लेकर भी कंपनी ने कहा है कि पाठकों की जरूरत और कारोबार के प्रदर्शन के आधार पर समय-समय पर पन्नों की संख्या और सामग्री की समीक्षा की जाती है।

BCCL में मौजूदा बदलाव को कंपनी के व्यापक कारोबारी पुनर्गठन के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने फरवरी 2026 में BCCL के कुछ कारोबारों को Times Horizon Private Limited (THPL) में स्थानांतरित करने से जुड़े आंतरिक पुनर्गठन को मंजूरी दी थी। हालांकि कर्मचारियों और उनकी भूमिकाओं की मौजूदा समीक्षा को इस कानूनी पुनर्गठन से अलग प्रक्रिया माना जा रहा है।

मीडिया कारोबार में डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती हिस्सेदारी, पारंपरिक विज्ञापन मॉडल पर दबाव और AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच बड़े मीडिया समूह अपने खर्च और कामकाज के तरीकों की समीक्षा कर रहे हैं। BCCL में सामने आया घटनाक्रम भी इसी व्यापक बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है। फिलहाल कंपनी ने कर्मचारियों की संख्या में किसी कटौती की अंतिम योजना सार्वजनिक नहीं की है, इसलिए 5 से 10 फीसदी का आंकड़ा अभी संभावित कटौती की चर्चा भर है, कंपनी की घोषित योजना नहीं।

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